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सउदी एजेंसी ने जमाल खशोगी की पत्नी के फोन पर भी पेगासूस लगाया था




वाशिंगटनः सउदी एजेंसी ने जमाल खशोगी की हत्या की थी, यह सर्वविदित बात है। इस बारे में पहली बार यह जानकारी मिली है कि मारे गये पत्रकार की पत्नी, जिससे वह शादी करने वाले थे, उनके फोन पर भी पेगासूस स्पाईवेयर के जरिए जासूसी की जा रही थी। सिटीजंस लैब ने नये सिरे से इस मामले की जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला है।




इससे पहले यह समझा गया था कि जमाल खशोगी के एक मित्र के फोन पर स्पाईवेयर के जरिए सउदी एजेंसी को इस बात की पूर्व जानकारी मिल गयी थी कि वह कब तुर्की स्थित सउदी अरब दूतावास जाने वाला है। इसी पूर्व सूचना के आधार पर वहां से हत्यारों की एक टीम विशेष विमान से वहां आयी थी।

दूतावास के अंदर ही जमाल की हत्या करने के बाद लाश को ठिकाने लगा दिया गया है। अब तो यह भी आरोप है कि सउदी एजेंसी को ऐसा करने का आदेश सीधे वहां के युवराज से मिला था, जो जमाल खशोगी की आलोचना से बहुत अधिक परेशान थे क्योंकि वह एक अमेरिकी समाचार माध्यम के लिए काम करता था।

पेगासूस स्पाईवेयर का नाजायज इस्तेमाल होने की सूचना पर गोपनीय तरीके से पूरे मामले की जांच की गयी थी। अब जाकर यह पता चला है कि दरअसल जमाल खशोगी के मित्र ही नहीं बल्कि उसकी पत्नी के फोन से भी जासूसी की जा रही थी। य़ह जासूसी भी सउदी एजेंसी ही कर रही थी। इस वजह से सउदी एजेंसी को अपने शिकार यानी पत्रकार जमाल खशोगी की हर गतिविधि की जानकारी इन दो फोनों में डाले गये स्पाईवेयर के जरिए मिलती रहती थी।




सउदी एजेंसी की कारगुजारियों का पता सिटीजंस लैब ने लगाया

सिटीजेंस लैब की खोज के मुताबिक जमाल की पत्नी और होने वाली पत्नी हन्नान एलात्र के फोन पर महीनों पहले यह स्पाईवेयर सउदी एजेंसी द्वारा लगाये गये थे। लोगों की निजता में दखल और लोगों की जिंदगी खतरे में डालने की वजह से कई देश की सरकारी एजेंसियों पर लगे आरोप के बाद इस स्पाईवेयर को बनाने वाली कंपनी एनएसओ खुद संकट में आ गयी है।

उसने पेगासूस का कारोबार स्थायी तौर पर बंद करन का एलान कर दिया है ताकि वह विदेश से पूंजीनिवेश हासिल कर अपने डूबते कारोबार को बचा सके। अमेरिका के वाशिंगटन पोस्ट के लिए लिखने वाले जमाल खशोगी पर सउदी एजेंसी की नजर अपने युवराज के निर्देश पर थी, यह भी स्पष्ट हो चुका है।

अभी हाल ही में जमाल की हत्या में शामिल होने के आरोप में एक व्यक्ति को पेरिस में गिरफ्तार भी किया गया था। लेकिन बाद में पता चला कि एक ही नाम का यह कोई दूसरा व्यक्ति था। जिसके बाद उसे रिहा कर दिया गया। तुर्की पुलिस ने जमाल की हत्या के बाद सउदी एजेंसी के कई लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर वारंट जारी कर रखा है।



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