fbpx Press "Enter" to skip to content

सरयू राय पर मोर्चाबंदी साफ इसी पर टिका है रघुवर राज का भविष्य

  • नामांकन में उमड़ी भारी भीड़, ध्यान खींचा बन्ना गुप्ता ने
  • आजसू के प्रत्याशियों ने भी अपना परचा दाखिल किया
  • कांग्रेस के प्रो गौरव बल्लभ बिना ताम झाम के पहुंचे
राष्ट्रीय खबर टीम

जमशेदपुर/रांचीः सरयू राय पर मोर्चाबंदी तय हो चुकी है। इसी मोर्चाबंदी के परिणाम

पर यह तय होगा कि रघु यानी रघुवर दास का राज अगली सरकार में होगा अथवा नहीं।

आज जमशेदपुर में इस रोचक संघर्ष की औपचारिक शुरुआत के प्रति सभी की नजर थी।

मुख्यमंत्री के नामांकन के अलावा भी बाकी प्रत्याशियों का तेवर और प्रदर्शन कैसा रहता

है, इस पर अटकलबाजी का दौर भी चलता रहा। इस दौरान कांग्रेस के प्रत्याशी बन्ना

गुप्ता का नामांकन लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। पहले बन्ना गुप्ता को भाजपा से

टिकट दिये जाने की चर्चा जोर पकड़ चुकी थी। लेकिन उन तमाम चर्चाओं को गलत

साबित करते हुए बन्ना गुप्ता आज करीब दस हजार समर्थकों के साथ नामांकन करने

पहुंचे। उनके साथ की भीड़ से भी माहौल के बदलाव की संभावना अभी से ही व्यक्त की

जाने लगी है। इस क्रम में जमशेदपुर पूर्वी के कांग्रेस प्रत्याशी प्रो गौरव बल्लभ भी पहुंचे।

वह इस किस्म के ताम-झाम से दूरी बनाकर रहे।

लेकिन सरयू राय के समर्थकों का तेवर इस नामांकन के दौरान साफ साफ झलका।

सरयू राय वनाम रघुवर दास की इस लड़ाई पर सिर्फ रघुवर दास की अगली सरकार

ही नहीं बल्कि भाजपा के भविष्य पर भी आकलन प्रारंभ हो चुका है। लोग इस बात की

चर्चा करते पाये गये कि इस बार अगर सरयू की बाढ़ में रघुवर दास डूबे तो उनका

राजनीतिक कैरियर सीधे गर्त में चला जाएगा। दूसरी तरफ अगर वह इन तमाम प्रतिकूल

परिस्थितियों के बाद भी चुनाव जीतकर उभरे तो पूरे राज्य में वह भाजपा से सबसे

कद्दावर नेता के तौर पर स्थापित हो जाएंगे।

सरयू राय पर मोर्चाबंदी में हर खेमे पर भी है नजर

कांग्रेस प्रत्याशी बन्ना गुप्ता ने नामांकन करने के पूर्व कदमा रंकिनी मंदिर जाकर

पूजा -अर्चना की। उसके बाद उन्होंने शहीद निर्मल महतो की समाधि स्थल जाकर

श्रद्धासुमन अर्पित किया। वह इसके बाद श्रीमती सविता महतो के घर जाकर उनके पैर

छूकर आशीर्वाद लिया। श्रीमती सविता महतो के घर वरिष्ठ जेएमएम नेता आस्तिक

महतो भी उपस्थित थे। उसके बाद वे हवाई अड्डा पहुँचे और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी

आर. पी. एन. सिंह,   सह -प्रभारी श्री उमंग सिंघार , जोनल को-ऑडिनेटर केशव महतो

का स्वागत करते हुए कदमा स्थित कार्यालय लाए। यहां पर समर्थकों की मौजूदगी में इन

नेताओं ने एक जनसभा को संबोधित किया।

साकची आमबगान में आयोजित इस जनसभा में बन्ना गुप्ता ने कहा कि जमशेदपुर की

जनता अमन चैन चाहती है परन्तु आज जमशेदपुर की विधि -व्यवस्था चरमरा सी गई

है। 86 बस्ती को मालिकाना हक दिए जाने की बात कहकर भाजपा अबतक जनता को

बेवकूफ बनाते आयी है। कोल्हान की सबसे बड़ी अस्पताल एमजीएम को जब मुख्यमंत्री ,

मंत्री और केन्द्रीय मंत्री के रहते नहीं सुधरा जा सका , राष्ट्रीय राजमार्ग -33 अबतक नहीं

बन सका , क्षेत्र में मूलभूत समस्याएँ जस की तस पड़ी है ऐसी परिस्थिति में भाजपा से

राज्य की उन्नति की उम्मीद ही नहीं की जा सकती। राज्य में लोकतंत्र का महापर्व होने

को है , जनता सर्वोपरी है , जनता जनादेश सोच – समझकर अपने क्षेत्र में रहने वाले और

विकास तथा प्रगतिशील विचारधारा वाले जनप्रतिनिधि को ही चुनेगी ताकि क्षेत्र में

निर्बाध विकास हो l सभा को आर. पी. एन. सिंह एवं उमंग सिंघार ने भी संबोधित किया l

अपने समर्थकों के साथ पर्चा दाखिल करने पहुंचे बागी नेता सरयू राय

दूसरी तरफ भाजपा के बागी नेता सरयू राय भी अपने समर्थकों के साथ नामांकन करने

पहुंचे। इस बीच कांग्रेस खेमा से यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि बदली हुई राजनीतिक

परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस जमशेदपुर पूर्वी सीट से अपने प्रत्याशी प्रो गौरव

बल्लभ को वापस ले सकती है। इस बारे में पहले ही झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भ्रष्टाचार के

मुद्दे श्री राय द्वारा उठाये गये मुद्दो पर उनका समर्थन करने की अपील जारी की थी।

इस लड़ाई के बीच आजसू के प्रत्याशियों ने भी वहां से अपने नामांकन दाखिल किये

जबकि आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने भी परचा भरा।

इन तमाम गतिविधियों के बीच मुख्य चर्चा सरयू राय वनाम रघुवर दास का ही रहा।

सिर्फ बन्ना गुप्ता के सात मौजूद भीड़ की वजह से यह चर्चा भी जोर पकड़ती गयी कि

जमशेदपुर पश्चिमी सीट पर भाजपा का प्रत्याशी देवेंद्र सिंह इस बार शायद बन्ना गुप्ता

के मुकाबले मजबूती से खड़ा भी नहीं हो पायेगा।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from चुनावMore posts in चुनाव »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from पूर्वी सिंहभूमMore posts in पूर्वी सिंहभूम »

5 Comments

Leave a Reply