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अभयारण्य की भूमि के अतिक्रमण मामले गिरफ्तार 16 लोगों को जेल







गरियाबंदः अभयारण्य की जमीन पर जबरन खेती करने वाले उड़ीसा के 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उदंती अभ्यारण्य एरिया के

प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में हथियारों से लैस होकर खेती करने और रहने के लिए

जमीन अतिक्रमण कर रहे ओडिशा के सोलह व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार कल जेल भेजे गए आरोपियों में अनूर सिंह, छत्तर सिंह,

चमार सिंह गुरुवारू, अकबर, बीजू राम, नवलू, सुबल, रामचंद्र, रायनो राम, चक्रोधर, लक्ष्मणराम,

आशाराम, परसोराम, पुनूराम और फुलसूराम शामिल हैं।

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के प्रभारी आर के रायस्त ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है।

अतिक्रमण रोकने के लिए टीम का गठन किया गया है, जो समय-समय पर निगरानी के कार्य करती रहती है।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती ओडिशा के निवासी लगातार इस तरह के प्रयास करते रहते हैं, विभाग भी सजग है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार विभाग को सीमावर्ती क्षेत्रों से लगातार शिकायत मिलती है कि

अभयारण्य की प्रतिबंधित क्षेत्र के जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, जिस वन क्षेत्र में आवाजाही में मनाही है,

वहां के हरे-भरे इमारती पेड़ों को अतिक्रमण के नाम पर तहस-नहस कर दिया गया है।

इस तरह के वन अपराध को लेकर वन विभाग को कार्रवाई करने में खासी मशक्कत लगानी पड़ती है।

अभयारण्य के इस इलाके में पेड़ो को भी काटा जा रहा है

कारण कि अफसरों और कर्मचारियों को ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्र जाना पड़ता है,

जो घने वनों से घिरा हुआ है, कई बार तो विभाग के पहुंचने के पहले ही ग्रामीण फरार हो जाते हैं।

वर्तमान में पकड़े गए लोग भी कई बार के प्रयास के बाद पकड़ में आया है।

बताया जाता है कि इस अभ्यारण्य क्षेत्र के करलाझर सर्कल के बीट क्रमांक 54 में

लगातार वन भूमि अतिक्रमण किए जाने की शिकायत वन विभाग को मिल रही थी।

इसी के मद्देनजर टीम बनाकर 16 लोगों को पकड़ा गया।

अन्य प्रदेश के लोगों द्वारा वन भूमि के जमीन पर अवैध कब्जा को लेकर वन विभाग भी चिंतित है।



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