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सत्तारूढ़ दल के विधायक पुत्र के ठिकाने पर बांग्लादेश पुलिस का धावा

  • घर कब्जा करने का कारोबार बना लिया था

  • समानांतर सरकार चलाते थे अपने महल से

  • पूरी घेराबंदी के बाद महल की तलाशी ली गयी

  • हथियार और वॉकी टॉकी भी बरामद किया गया

अमीनूल हक

ढाकाः सत्तारूढ़ दल के विधायक पुत्र के आवास पर छापामारी होगी, ऐसी उम्मीद

भारतवर्ष में किसी सपना देखने जैसा है। लेकिन बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार

सारी पूर्व भ्रांतियों को ध्वस्त करते हुए जनता के लिए अपने लोगों की गलत कार्रवाई को

संरक्षण नहीं दे रही है। इसी वजह से सत्तारूढ़ दल के विधायक के पुत्र और स्थानीय वार्ड

पार्षद पुत्र पर भी बांग्लादेश पुलिस ने कार्रवाई की है। छापामारी की कार्रवाई के बाद वहां से

हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद होने के बाद सत्तारूढ़ दल के विधायक पुत्र

को भी जेल भेज दिया गया है। उसके साथ साथ उसके अंगरक्षक को भी गिरफ्तार कर

न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

सत्तारूढ़ दल के विधायक पुत्र इरफान सलीम वार्ड पार्षद भी हैं। किसी को इस बात की

भनक भी नहीं थी कि बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन यानी रैब के जवान उस महल के

अंदर भी न सिर्फ घुस जाएंगे बल्कि उसकी ऐसी घेराबंदी कर देंगे कि परिंदा भी बाहर नहीं

जा पायेगा। इरफान सलीम का यह घर कोई घर नहीं बल्कि उनके पिता का महल या

प्रसाद है। यहीं से इरफान अपनी समानांतर सरकार चलाने लगा था। अब छापामारी की

कार्रवाई के बाद बरामद निषिद्ध सामानों की वजह से उसे तत्काल ही एक साल की कैद की

सजा हो चुकी है। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पुराने हिस्से में विधायक का यह महल

बना हुआ है। सरकार तक बार बार इस बात की शिकायत पहुंच रही थी कि सत्तारूढ़ दल

के विधायक का पुत्र इरफान सलीम लोगों के घरों को कब्जा करने का कारोबार कर रहा

था। इसी वजह से इलाके में उसे अब लोग ताला सलीम के नाम से जानने लगे थे।

सत्तारूढ़ दल के विधायक पुत्र का दूसरा नाम ताला सलीम

लालबाग इलाके के लोग हाजी सलीम को अब ताला सलीम के नाम से ही ज्यादा जानते

थे। स्थानीय स्तर पर यह कहा जाता है कि मुंबई के हाजी मस्तान औरयहां के हाजी

सलीम की कहानी लगभग एक जैसी है। सरकार तक इस बात की भी शिकायत पहुंच रही

थी कि अपनी ताकत बढ़ाने के साथ साथ सलीम ने अपने घर के अंदर एक यातना कक्ष

बना रखा था, जहां उसकी बात नहीं मानने वालों के साथ मार-पीट की जाती थी। सरकार

सारी बातों को देख समझ रही थी। अब जाकर बांग्लादेश की सरकार ने अपने त्वरित कार्य

बल यानी रैपिड एक्शन फोर्स ऑफ बांग्लादेश को इस कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी तो

आनन फानन में सारी कुछ सामने आ गया।

ताला सलीम को भी सरकार के इस कठोर रुख की उम्मीद नहीं थी। विशेष दंडाधिकारी

सरवर आलम के नेतृत्व में यह छापामारी की कार्रवाई की गयी। समझा जाता है कि

नौसेना के अधिकारी वासीफ अहमद खान के साथ मार पीट करना ताला सलीम को भारी

पड़ गया। रैब के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल आशिक बिल्लाह ने इस कार्रवाई की जानकारी

देते हुए बताया कि छापामारी में अवैध हथियार, वॉकी टॉकी और नशे के सामान भी

बरामद किये गये हैं। छापामारी प्रारंभ होने के बाद यह शाम सात बजे तक लगातार चलता

रहा। वहां से दो लोगों को गिरफ्तार कर बाहर आने के बाद रैब के प्रवक्ता की तरफ से य़ह

जानकारी दी गयी है।

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