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चुनाव से पहले असम में लगी आग को शांत करने की कवायद

  • भागवत प्रचारकों से मिलने गुवाहाटी पहुंचे

  • दो बच्चों के कानून का हो रहा है विरोध

  • सीएए पर भी राज्य की आबादी नाराज

  • अगले मार्च अप्रैल में होना है वि.सभा चुनाव

ब्यूरो प्रमुख

गुवाहाटी: ;चुनाव से पहले असम की चुनौतियों को कम करने खुद आर एस एस सक्रिय हो

गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत पूर्वोत्तर के राज्यों में

अपनी सात दिवसीय यात्रा शुरू करने के लिए गुवाहाटी पहुंचे हैं।अगले साल मार्च-अप्रैल में

असम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन

भागवत इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सात दिवसीय यात्रा पर गुवाहाटी पहुँच रहे हैं। इस यात्रा

पर, वह सभी आरएसएस नेताओं के साथ बात करेंगे और इस रणनीति के बारे में चर्चा

करेंगे कि कितने आरएसएस नेता आगामी चुनाव लड़ेंगे।इस संवाददाता से बात करते हुए,

आरएसएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह यात्रा मोहन भागवत द्वारा दो बच्चों

का कानून और नागरिकता संशोधन अधिनियम से अधिक लोगों को समझाने के लिए की

जा रही है। बता दें कि सभी पूर्वोत्तर राज्यों में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ

विरोध हो रहा है, अब हम इस प्रमुख हिस्से में आरएसएस की भूमिका के बारे में चर्चा

करेंगे। चुनाव से पहले की इस हालत पर उन्होंने कहा कि असम की इस स्थिति में, भाजपा

पार्टी को आगामी चुनावों में भारी नुकसान हो सकता है और विपक्षी पार्टी जीत सकती है।

हालात इतने बिगड़े हैं कि भाजपा पराजित भी हो सकती है

इस दौरान वह सात पूर्वोत्तर राज्यों के चुनिंदा प्रचारकों से मिलेंगे। आरएसएस के एक

वरिष्ठ नेता ने गुरुवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख ने गुरुवार

को जिज्ञासा सत्र में स्वयंसेवकों को संबोधित किया आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता ने

बताया कि संघ की आगामी योजना दो बच्चों का कानून है। संघ के प्रमुख सूत्रों का कहना

है कि जब एक स्वयंसेवक ने संघ प्रमुख से पूछा कि राम मंदिर का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय

द्वारा हल किया गया है। अब नागरिकता संशोधन अधिनियम सीएए इसमें संघ की

भूमिका क्या होगी, जब भी पूर्वोत्तर के लोगों द्वारा इसका पूरी तरह से विरोध किया गया

है। उन्होंने कहा कि ऐसा संघ का मत है कि इस पर फैसला सरकार को लेना है। वहीं राम

मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संघ की भूमिका इस प्रकरण में सिर्फ ट्रस्ट निर्माण होने तक

है। इसके बाद संघ खुद को इससे अलग कर लेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आगामी

योजना की बाबत पूछे प्रश्न पर मोहन भागवत ने कहा कि संघ का मत है कि दो बच्चों का

कानून होना चाहिए, लेकिन इस पर फैसला सरकार को लेना है।

चुनाव से पहले असम में भाजपा की किलेबंदी की मदद

चुनाव से पहले असम में नागरिकता संशोधन कानून पर पूछे प्रश्न पर उन्होंने स्वयंसेवकों

को कहा कि सीएए पर पीछे हटने का प्रश्न ही नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अनुच्छेद 370

हटाने का फैसला या सीएए लागू करने का, ऐसे फैसलों में संघ हमेशा सरकार के साथ खड़ा

है। उन्होंने कहा कि वे सीएए के लिए जागरूकता अभियान चलाएं।आरएसएस नेता ने

आईएएनएस को बताया, आरएसएस प्रमुख ने चुनाव से पहले असम सहित सात पूर्वोत्तर

राज्यों के प्रचारकों के साथ बंद दरवाजे की बैठक करने का कार्यक्रम निर्धारित किया है।

वह मणिपुर और नागालैंड का दौरा कर सकते हैं, लेकिन अभी इसे अंतिम रूप नहीं दिया

गया है। असम के मुख्यमंत्री सबार्नंद सोनोवाल और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी

(भाजपा) के शीर्ष नेता भागवत से मिलकर महत्वपूर्ण राजनीतिक मामलों पर चर्चा करेंगे।

हालांकि वह इस दौरान किसी भी सार्वजनिक रैली को संबोधित नहीं करेंगे। असम में

भागवत का दौरा महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य में अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं

और सत्ताधारी भाजपा असम में सत्ता में आने के लिए सभी प्रयास कर रही है।

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