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रोजवैली मामले में सीबीआई ने आईपीएस दमयंती सेन को नोटिस भेजा







कोलकाताः रोजवैली मामले में सीबीआई ने अब आईपीएस अधिकारी

दमयंती सेन को नोटिस भेजा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लोहा

लेने वाली पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित आईपीएस अधिकारी दमयंती

सेन को अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रोजवैली पोंजी घोटाला

मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा है।

जांच एजेंसी के सूत्रों ने शनिवार को इस बारे में जानकारी दी।

बताया गया है कि सीबीआई की ओर से एक चिट्ठी राज्य पुलिस

महानिदेशक बीरेंद्र कुमार को लिखी गई है। इसमें दमयंती सेन को

आगामी 4 नवंबर को पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा गया है।

दरअसल 2012 में जब पार्क स्ट्रीट का बहुचर्चित दुष्कर्म कांड हुआ

था उस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उस घटना को फर्जी

करार दिया था लेकिन दमयंती सेन तब कोलकाता पुलिस की

संयुक्त आयुक्त (अपराध) थी और उन्होंने ही सीएम के बयान के

विपरीत चलते हुए अपराधियों को गिरफ्तार किया था।

दो महीने के भीतर इस मामले में चार्जशीट पेश की गई थी

और अपराधियों को सजा भी हो चुकी है।

उसके बाद उन्हें कोलकाता पुलिस से हमेशा के लिए तबादला

कर दिया गया था। आखिरकार सात सालों बाद पिछले साल

उन्हें कोलकाता पुलिस में ज्वाइंट कमिश्नर के पद पर भेजा गया है।

दरअसल 2010 में दमयंती सेन कोलकाता पुलिस की‌ संयुक्त आयुक्त थी।

उस समय रोजवैली चिटफंड के खिलाफ उनके पास कई सारी शिकायतें

दर्ज हुई थी। उसकी जांच उन्होंने खुद की थी और उसकी रिपोर्ट तैयार

कर राज्य सरकार के पास चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने इसमें लिखा था

कि रोजवैली बाजार से अवैध तरीके से रुपये उठा रहा है।

इसके खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है।

रोजवैली मामले में सरकार को आगाह कर चुकी थी 

उसी के आधार पर राज्य सरकार ने चिटफंड मामलों के खिलाफ

जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था

जिसका मुखिया राजीव कुमार को बनाया गया था। अब दमयंती सेन

को ही सीबीआई ने गवाह के तौर पर नोटिस भेजा है।

दमयंती सेन के साथ सीबीआई ने कोलकाता पुलिस के पोर्ट

प्रशासनिक विभाग के उपायुक्त वकार रजा को भी समन भेजा है।

राज्य पुलिस महानिदेशक विरेंद्र कुमार को लिखी गई चिट्ठी में

उन्हें भी 4 नवंबर के बाद भेजने को कहा गया है। दरअसल 2012 में

वकार रजा राज्य सीआईडी के स्पेशल सुपरिंटेंडेंट के पद पर तैनात थे।

उस समय रोजवैली सहित कई अन्य चिटफंड कंपनियों के खिलाफ

मिलने वाली शिकायतों की निगरानी सीआईडी ही करती थी।

अधिकारी दैनिक तौर पर बैठक करते थे। वकार रजा ने चिटफंड

मामलों को लेकर कस्टम अधिकारियों के साथ भी बैठक की थी।

उस बैठक में क्या कुछ हुआ था, इस बारे में पूछताछ करने के लिए

उन्हें भी गवाह के तौर पर नोटिस भेजा गया है।

सात अन्य अधिकारियों को भी समन

सीबीआई सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन दोनों अधिकारियों

के अलावा सात अन्य अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए तलब

किया गया है। उनसे संबंधित चिट्ठी भी विरेंद्र कुमार

को ही लिखी गई है। इसमें उन अधिकारियों के पद और

जिम्मेदारियों के बारे में पूछा गया है। इसके साथ ही उन्हें

पूछताछ में सहयोग करने का निर्देश देने का अनुरोध

सीबीआई ने किया है।



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