यंत्र मानवों को मिल सकेगी नई कारगर इलेक्ट्रानिक चमड़ी

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  • रोबोट में काम आयेगा नया उच्च तकनीक का फाइबर

  • धातु और पॉलिमर के मिश्रण से बना है यह

  • बिल्कुल इंसानी मांसपेशी जैसा काम करता है

  • लंबाई से सात गुणा अधिक तक लंबा होता है

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः यंत्र मानवों यानी रोबोटों के आकार प्रकार भी अब तेजी से बदल जाएंगे।

उन्हें अपने आवरण यानी नकली चमड़े के तौर पर उच्च क्षमता युक्त फाइबर की परत मिलने वाली है।

इन फाइबरों से सूचनाओं का संप्रेषण और विश्लेषण अत्यंत तेज गति से हो सकेगा।

इस तेज गति की वजह से रोबोटों के काम करने की गति भी तेज हो जाएगा।

वर्तमान पीढ़ी के रोबोटों को अपने विभिन्न अंगों से सूचना पाने और उनका विश्लेषण कर अगली कार्रवाई करने में समय लगता है।

इस उच्च क्षमता के फाइबर के आ जाने से यह समस्या हल हो जाएगी।

इस नये फाइबर के बारे में जो प्रारंभिक जानकारी बाहर आयी है,

उसके मुताबिक इन फाइबरों को भी सुक्ष्म आकार का कंप्यूटर समझा जा सकता है।

अनेक किस्म के आंकड़ों का विश्लेषण ये फाइबर खुद ही कर सकेंगे।

इससे निश्चित तौर पर सूचनाओं के आदान प्रदान की गति तेज हो जाएगी।

उत्तर कैरोलिना विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इसे तैयार किया है।

देखने में रबर जैसा मुलायम लेकिन धातु जैसा मजबूत

मजेदार बात यह है कि यह नई प्रजाति की फाइबर आचरण में रबर की तरह लचीला होने के बाद भी किसी धातु के जैसा मजबूत भी है।

इसके बन जाने से अनेक किस्म के उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले रोबोटों की कार्यकुशलता बढ़ जाएगी।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि वर्तमान प्रजाति के रोबोटों का जहां इस्तेमाल होता है,

वहां और तेज गति से काम हो पायेगा।

साथ ही अब टेक्सटाइल उद्योग में भी रोबोट का प्रवेश संभव होगा, जिससे टेक्सटाइल उद्योग का उत्पादन भी तेज हो जाएगा।

वैसे कुछ लोग मानते हैं कि इस श्रेणी के फाइबर उपलब्ध होने की वजह से

अब मेडिकल साइंस में और तरक्की होगी क्योंकि जटिल किस्म की रोबोटिक सर्जरी अब आसान हो जाएगी।

दरअसल रोबोट के बाहरी आवरण यानी नकली चमड़े के जैसे ये फाइबर चिपके होंगे,

तो अत्यंत तेज गति से सूचनाओं का प्रेषण और कुछ हद तक विश्लेषण भी करते चलेंगे।

इससे रोबोट के नियंत्रण केंद्र को अपना काम करने यानी निर्णय लेकर

अगले अंग को निर्देश देने में बहुत कम वक्त लगेगा।

वैज्ञानिकों ने इस बात की भी जांच कर ली है कि किन्हीं कारणों से

यदि फाइबर का धातु टूट भी जाता है

तो इसके काम करने पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इस फाइबर की पर्त के बीच रखा पॉलिमटर का पर्त इस झटके को झेल लेगा

और सब कुछ यथावत काम करता रहेगा।

यंत्र मानवों के काम आने वाला फाइबर इंसान का काम आसान करेगी

यह बिल्कुल इंसानों को मांसपेशियों के अंदर के कोष के काम करने की तरीकों पर आधारित प्रक्रिया है।

इंसानों के अंदर भी हड्डी टूट जाने की स्थिति में मांसपेशियां शरीर के संबंधित भाग को जोड़े रखती हैं।

इस नई विधि के बारे में जानकारी देते हुए प्रोफसर मिशेल डिक्की ने बताया कि

यह ऐसे पदार्थ से बना है, जिसे आम आदमी की समझ के मुताबिक

रबर बैंड और धातु के तार के जैसा है।

जो एक तरफ तो बहुत लचीला है और बहुत अधिक खिंचाव सहन कर सकता है।

दूसरी तरफ इसकी मजबूती किसी धातु के तार जितनी होती है।

इसे बनाने में अनुसंधान दल ने गैलियम धातु का इस्तेमाल किया है।

इस धातु के ऊपर इलास्टिक की एक पर्त चढ़ायी गयी है।

अत्यधिक दबाव की स्थिति में धातु का तार टूटने के बाद भी

बाहर की पर्त की वजह से जुड़ा रहता है और फाइबर अपना काम करता रहता है ।

प्रोफसर डिक्की ने बताया कि यह फाइबर अपनी सामान्य लंबाई से सात गुणा अधिक तक का खिंचाव सह सकता है।

इससे इसकी ताकत को समझा जा सकता है।

इससे अधिक खिंचने की स्थिति में फाइबर के पॉलिमर भी आपस में नहीं जुड़े रह पाते हैं।

इन गुणों के साथ साथ सूचनाओं को तेजी से संप्रेषित करने की अपनी विशेषता की वजह से फाइबर के शीघ्र ही लोकप्रिय होने की पूरी उम्मीद है।

यानी किसी भी यंत्र मानव के लिए यह उस चमड़ी की तरह काम करेगा

जो इंसनी चमड़ी से ज्यादा मजबूत है तथा सूचनाओं को तेजी से संप्रेषित कर सकती है।

इस फाइबर की दूसरी विशेषता यह भी है कि इसके किसी कारण से टूट जाने पर अंदर के धातु को गलाकर फिर से काम में लाया जा सकता है।

इससे उत्पादन लागत भी कम हो जाती है।

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