विज्ञान में सर्वाधिक तरक्की अब सर्जरी में रोबोटिक प्रयोग का होगा

विज्ञान में सर्वाधिक तरक्की अब सर्जरी में
  • रोबोटिक सर्जरी अब तेजी से हो रहा है लोकप्रिय 

  • अगले पांच साल में होगा और विस्तार 

  • ईलाज खर्चीला होने के बाद भी कई फायदे  

  • इंसान के मुकाबले ज्यादा काम कर सकती मशीन 

  • एक साथ कई डाक्टर एक मरीज का ऑपरेशन करेंगे

प्रतिनिधि



नईदिल्लीः विज्ञान में सबसे अधिक तरक्की अब रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में होगी।

ऐसा व्यापारिक जानकार भी मान रहे हैं।

इसकी खास वजह सूचना तकनीक में तेजी से हो रहे विकास है।

इस अत्याधुनिक तकनीक से कठिन किस्म के ऑपरेशन में अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से किये जा रहे हैं।

दूसरी तरफ ईलाज से जुड़े डॉक्टर भी इन रोबोटों की मदद से अधिकाधिक मरीजों को अपनी जानकारी से लाभ पहुंचा पा रहे हैं।

इसके अलावा इस तकनीक की दूसरी विशेषता मरीज का जल्द स्वस्थ होना भी है।

दूसरी तरफ यह भी माना जा रहा है कि कारोबारी दृष्टि से भी यह तेजी से फैलता हुआ नया बाजार है।

जिसकी तरफ लगभग हर देश आकर्षित हो रहे हैं।

दुनिया में ईलाज की इस तकनीक का अत्यधिक लोकप्रिय होने की खास वजह कई पाये गये हैं।

पहले पहल तो इसे सामान्य ईलाज के मुकाबले अधिक खर्चीला समझा गया था।

अब जैसे जैसे इसके इस्तेमाल की संख्या बढ़ रही है, यह काम भी अपेक्षाकृत सस्ता होता जा रहा है।

लेकिन सिर्फ पैसा ही इसकी खास वजह नहीं है।

दरअसल इस विधि के जानकार डाक्टर भी मान रहे हैं कि इस तकनीक का फायदा

यह हो रहा है कि दरअसल मरीज के शरीर से दूर रहकर भी डाक्टर अपने मॉनिटर पर हर कुछ पर नजर रख पाते हैं।

इस वजह से मरीज की अधिकाधिक जरूरतों को भी पूरा कर पाना ज्यादा संभव होता है।

साथ ही जटिल किस्म के ऑपरेशन में इस रोबोटिक विधि का सबसे अधिक लाभ यह होता है कि

रोबोटिक बांह की मदद से एक साथ कई डाक्टर अपना अपना काम कर सकते हैं।

इससे ऑपरेशन में लगने वाला समय भी बहुत कम हो जाता है तथा अन्य जरूरतें भी कम हो जाती है।

विज्ञान आधारित तकनीक बहुत समय भी बचायेगी

ऑपरेशन के दौरान मरीज को जिन लाइफ सपोर्ट पद्धतियों की जरूरत पड़ती है,

उनका इस्तेमाल भी कम होने की वजह से मरीज को ईलाज के बाद

सामान्य अवस्था में लौटने में कम समय लगता है।

इसके विकास की संभावनाओं के बारे में सूचना तकनीक से जुड़े वैज्ञानिक मानते हैं कि

धीरे धीरे इस रोबोटिक सर्जरी में भी एक सप्लाई लाइन का विकास होगा।

यानी कतार में आने वाले मरीजों की लगातार जांच कर

उन्हें संबंधित रोबोट से जुड़े डाक्टरों तक पहुंचाना ज्यादा आसान हो जाएगा।

साथ ही मशीन की कार्यकुशलता निश्चित तौ पर किसी भी इंसान से बेहतर होगी।

इस वजह से ऑपरेशन भी अधिक हो सकेंगे।

ऑपरेशन के बीच भी डाक्टरों के बदलने से मरीज पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा

और न ही इसमें कोई समय नष्ट होगा।

इस वजह से भी इसके विस्तार की फिलहाल अनंत संभावनाएं हैं।

इस क्रम में आर्टिफिसियल इंटैलिजेंस से जुड़े वैज्ञानिक मान रहे हैं कि

शीघ्र ही इस एक चेन पद्धति से रोबोटिक ईलाज भी संभव हो सकता है।

इस विधि में एक ही कतार में लगे रोबोट अपना अपना काम कर ऑपरेशन के लिए मरीज को आगे बढ़ाते रहेंगे।

इनकी देख-रेख में लगे चिकित्सकों को भी सारा काम निपटान में बहुत कम समय लगेगा।

समय की दो तरफा बचत की वजह से आने वाले कुछ वर्षों में यह और लोकप्रिय होने की पूरी उम्मीद है।



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