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भारतीय रिजर्व बैंक का बड़ा फैसला केवाईसी नियमों में हुआ बदलाव

  • लोन रीस्ट्रक्चरिंग 2.0 की घोषणा, 25 करोड़ रुपये तक के लोन लेने को मिलेगी सुविधा

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक ने आज अचानक प्रेस कान्फ्रेंस कर मीडिया को संबोधित

किया। छोटे कारोबारियों को राहत देते हुए आरबीआई आम जनता के लिए भी बड़ा फैसला

लिया है। आरबीआई ने बड़ा फैसला लेते हुए अब बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए केवाईसी

के नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। नए नियमों के तहत आरबीआई ने 1 दिसंबर

2021 तक लिमिटेड केवाईसी के उपयोग की अनुमति दी है। अब बैंक ग्राहको की

केवाईसीवीडियो के जरिए भी कर सकते है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास

ने कहा कि कोरोना को देखते हुए मौजूदा स्थिति में केवाईसी के नियमों में कुछ बदलाव

किए गए हैं। दास ने यह भी कहा कि राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा में भी राहत दी गई

है। वहीं देश में लॉकडाइउन लगाने की बात पर आरबीआई ने कहा कि कोविड -19

महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए कई राज्यों में लॉकडाउन और अन्य कोविड

-19 प्रेरित प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचने की आशंका है। नए

नियम के बाद अब केवाईसी के लिए फेस-टू-फेस मोड की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब आधार

ई-केवाईसी के जरिए प्रमाणित हो जाएगा। नए नियमों के तहत केवाईसी के विस्तार

वीडियो-आधारित ग्राहक पहचान प्रक्रिया (वी-सीआईपी) के रूप में हो सकेगा। इस बदलाव

से आम लोगों के साथ-साथ प्रोपराइटरशिप फर्मों, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और कानूनी

संस्थाओं के मालिकों को भी लाभ मिल सकेगा। दरअसल आरबीआई ने वीडियो केवाईसी

को मंजूरी देकर कोरोना काल में लोगों की मुश्किलें आसान कर दी है। वीडियो केवाईसी के

जरिए कोई भी ग्राहक घर बैठे अपना खाता खुलवाने के लिए केवाईसी करा सकता है।

वीडियों केवाईसी का एक बड़ा लाभ यह भी है कि इसमें फिजिकल दस्तावेजों की जरुरत

नहीं होती लिहाजा यह ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने वीडियो केवाईसी लागू करने का एलान किया

इससे बैंक की भी झंझट कम हो सकेंगी और आम लोगों को भी बैंक के चक्कर नहीं लगाने

पड़ेंगे। इन्हीं मुसीबतों से बचने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने वीडियों केवाईसी को मंजूरी

दी है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले से आम लोगों को आरबीआई ने इंडिविजुअल, छोटे

कर्जदारों के लिए लोन रीस्ट्रक्चरिंग की दूसरी विंडो खोली है। इसके तहत जिन्होंने पहले

लोन रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा नहीं ली थी और उनका लोन 25 करोड़ रुपये तक का है वह

इस बार लोन रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा ले सकते हैं। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास

ने कहा कि कोविड-19 का प्रकोप बना रहने से सामान्य कामकाज और नकदी प्रवाह में

व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। ऐसे में एमएसएमई क्षेत्र में दबाव और बढ़ा है और उसे सहारे

की जरूरत है। खाता खुलवाने में बड़ी राहत मिलेगी।

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