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संकट की असली चुनौती अब प्रारंभ हो रही है

संकट की असली चुनौती अगर भारतीय संदर्भ में बात करें तो अब आ रही है। निश्चित तौर

पर पूरी दुनिया पर आयी है। भारत में अब तक सब कुछ नियंत्रण में है। लेकिन संकट की

असली चुनौती की घड़ी अब आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में गरीबों को

हो रही परेशानी के लिए माफी मांगी है। लेकिन यह माफी तो उनलोगों से पहले आनी

चाहिए थी, जो विदेशों से अपने साथ यह बीमारी ले आये। कणिका कपूर सहित किसी भी

ऐसे व्यक्ति ने अपने माध्यम से दूसरों को बीमार करने के लिए अब तक माफी नहीं मांगी

है। इनलोगों को नियम के मुताबिक खुद को दूसरों से अलग रखना था। इनलोगों के द्वारा

नियमों का पालन नहीं किये जाने की वजह से संकट की यह स्थिति पैदा हुई है। जिससे पूरे

देश को बचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन जैसे कठोर फैसला लेना पड़ा है। जिस

तरीके से देश में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं, उसकी गति अब तक तो धीमी नजर आती है।

लेकिन विदेश से आये इस कोरोना संक्रमण से जो स्थानीय स्तर पर पीड़ित हुए हैं, उनके

द्वारा जो संक्रमण दूसरों के बीच फैलाया गया है, उसके कुपरिणाम अब निकलने प्रारंभ

होंगे। इसलिए संकट की असली चुनौती की घड़ी अब प्रारंभ हो रही है। फिलहाल तो

आसन्न संकट से निपटने की बड़ी चुनौती हमारे सामने खड़ी है। हमें यह समझना होगा

कि चीन में इसके नियंत्रित होने के बाद भी पूरी दुनिया में यह फैलता ही चला जा रहा है।

विश्व के अधिकांश (अब तक 185) देशों में फैल चुके कोरोना वायरस (कोविड 19) का

प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब तक इस खतरनाक वायरस से दुनिया भर में

30,690 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 6,52,721 लोग इससे संक्रमित हैं।

संकट की असली चुनौती तो संक्रमण को फैलने से रोकना है

भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैलता जा रहा है और देश में पिछले 24 घंटों में

कोरोना वायरस के 149 नये मामले सामने आने के बाद अब तक कुल संक्रमितों की संख्या

बढ़कर 917 हो गयी है जबकि दो और मरीजों की मौत होने की बाद मृतकों का आंकड़ा 25

हो गया है। चीन में स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है और पिछले 24 घंटों के दौरान

45 नये मामले सामने आए हैं जबकि पांच लोगों की मौत हुई है। चीन में अब तक 81,439

लोगों की कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है और 3300 लोगों की इस

वायरस के चपेट में आने के बाद मौत हो चुकी है। इस वायरस को लेकर तैयार की गयी एक

रिपोर्ट के मुताबिक चीन में हुई मौत के 80 प्रतिशत मामले 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों

के थे। चीन में 81,285 लोगों की कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है और

करीब 3,287 लोगों की इस वायरस के चपेट में आने के बाद मौत हो चुकी है। पिछले 24

घंटे के दौरान कोरोना को लेकर सबसे गंभीर स्थिति इटली और स्पेन से सामने आयी है।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) से बुरी तरह प्रभावित इटली में इसके

संक्रमण से मरने वालों की संख्या 10 हजार का आंकड़ा पार कर गयी है और मृतकों का

आंकड़ा 10,023 पहुंच गया है। इटली में कोरोना संक्रमण के 3651 नये मामले सामने आए

हैं जिससे संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 92472 हो गयी है। स्पेन में इससे मरने वालों

की संख्या बढ़कर 5982 हो गयी है।

जिन देशों ने हल्के में लिया आज भयानक स्थिति में हैं

ताजा आंकड़ों के मुताबिक स्पेन में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 72,248 हो

गयी है। खाड़ी देश ईरान में भी कोरोना वायरस का कहर जारी है। ईरान में इस वायरस की

चपेट में आकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 2517 हो चुकी है जबकि 35408 लोग इस

वायरस से संक्रमित हुए हैं। अमेरिका में कोरोना वायरस से अब तक 2190 लोगों की मौत

हो चुकी हैं जबकि 1,24,377 लोग इससे संक्रमित हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन

(डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार चीन के बाद इटली में इस जानलेवा वायरस ने

व्यापक स्तर पर अपने पैर पसार लिये हैं और यहां कोरोना से मरने वाली की संख्या चीन

से करीब दोगुना हो चुकी है। विश्व के कुछ अन्य देशों में भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई

है। इससे समझा जा सकता है कि नुकसान चीन के मुकाबले उन देशों को अधिक हुआ है

जो बाद में इस वायरस की चपेट में स्थानीय संक्रमण की वजह से आये हैं। भारत में इस

स्थानीय संक्रमण से बीमार होने का सिलसिला अब प्रारंभ होने जा रहा है। इस दौरान

सरकार द्वारा जो कुछ भी किया गया है, वह अधिकांश लोगों तक सारी सुविधाएं पहुंचाने

के लिए पर्याप्त हैं। अब संकट की असली चुनौती की इस घड़ी में हमारी जिम्मेदारी अधिक

बढ़ जाती है।


 

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