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केंद्रीय संचार मंत्री ने कहा हम एमटीएनएल, बीएसएनएल को लेकर गंभीर

नयी दिल्लीः केंद्रीय संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि केन्द्र सरकार भारत

संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड

(एमटीएनएल) को लेकर काफी गंभीर है और दूरसंचार के क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के

उपक्रमों का होना जरूरी है तथा इसी वजह से सरकार इनके लिए पुनरूद्वार पैकेज लेकर

आई है। श्री प्रसाद ने बुधवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान आरएसपी के एन के

प्रेमचंद्रन के एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार पिछले वर्ष इनके पुनरूद्धार का

पैकेज लेकर आई थी और एक अक्टूबर 2019 तक बीएसएनएल के कर्मचारियों की

संख्या 1,55296 थी और 78569 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृति योजना का

विकल्प चुना है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार चाहती है कि ये दोनों विभाग लगातार

काम करते रहे और प्रतिस्पर्धी भी रहें लेकिन इसके लिए इन्हें पेशेवर बनाना होगा।

बीएसएनएल में नियमित और संविदा आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन

नहीं मिलने के मसले पर कहा कि बीएसएनएल के नियमित कर्मचारियों को फरवरी तक

का वेतन दिया जा चुका है और संविदा आधार पर काम करने वाले कर्मचारी ठेकदार के

तहत आते हैं तो ऐसे में वेतन की जिम्मेदारी ठेकेदार की है और इसके लिए धनराशि

जारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएसएनएल के नियमित कर्मचारियों को

ही वीआरएस दी जाएगी। यह योजना चार नवंबर को शुरू की गई थी और तीन दिसंबर

2019 को बंद कर दी गई थी।

केंद्रीय संचार मंत्री ने ग्रामीण संचार की भी जानकारी दी

‘भारतनेट’ परियोजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों (लगभग 2. 5 लाख) में ब्रॉडबैंड

कनेक्टीविटी प्रदान करने के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुये फरवरी 2020 तक कुल 1,36,693

ग्राम पंचायतों को सेवा के लिए तैयार किया जा चुका है। बीएसएनएल के 25,000

ग्रामीण दूरसंचार एक्सचेंजों में सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट प्रदान किये जा रहे हैं

और पिछले माह तक कुल 24,289 वाई फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए जा चुके हैं।

दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान बताया

कि वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल सेवायें प्रदान करने के लिए पहले

चरण की योजना में 2,343 टॉवर स्थापित किये गये हैं। इसमें कहा गया है कि पूर्वोत्तर

क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टीविटी के लिए व्यापक दूरसंचार विकास योजना के तहत फरवरी

2020 तक कुल 1,269 टावर स्थापित किये गये हैं और इनमें से 1,153 स्थलों द्वारा

पहले ही सेवा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि अंडमानÞनिकोबार द्वीप समूह में

उच्च बैंडविड्थ कनेक्टीविटी प्रदान करने के लिए चेन्नई और अंडमान एवं निकोबार

समूह के बीच समुद्री ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम प्रगति पर है और इसे

इस वर्ष जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


 

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