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राशन वितरण के नाम पर भी झारखंड में जमकर हो रही कालाबाजारी

प्रमोद पासवान

धनबादः राशन वितरण के नाम पर भी झारखंड में राशन दुकानदार ही सरकार के प्रयासों

को धक्का पहुंचा रहे हैं। राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार ने इस संकटपूर्ण स्थिति के लिए

पहले से ही यह घोषणा किया है कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी इस

दौर में बेझिझक राशन दिया जाए। यह फैसला सिर्फ इसलिए किया गया है क्योंकि

फिलहाल पूरे देश के साथ साथ झारखंड में भी पूर्ण लॉकडाउन की स्थिति है। इस स्थिति

में गरीबों को राशन देना भी अनेक राशनदुकानों के लिए कमाई का अतिरिक्त जरिए

बनकर रह गया है। उल्लेखनीय है कि कल ही रामगढ़ के गोला क्षेत्र में एक वृद्धा की भूख से

मौत की खबर भी सामने आयी है।

वीडियो में देखें क्या है राशन वितरण की हकीकत

सरकार ने फिलहाल बिल्कुल सही सोचा है कि जिस दिहाड़ी मजदूर की कमाई ही बंद है,

उसके पास पैसा कहां से आयेगा। इसलिए लॉकडाउन के दौरान अपने अपने घरों में रहने

पर विवश लोगों को भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने कई सारे दूसरे

उपाय भी किये हैं। इसके तहत जनधन खाता वालों को अपने खाते से पांच सौ रुपये की

निकासी की विशेष अनुमति भी प्रदान की गयी है। यह पैसा भी राशन खरीदने के नाम पर

गरीबों से अब लूटा जा रहा है।

राशन वितरण के नाम पर दुकानदारों द्वारा अतिरिक्त पैसे की मांग पर अनेक लोगों ने

साफ साफ प्रतिक्रिया दी है। इस हबारे में धनबाद के लोयाबाद के भीम आर्मी एकता मिशन

के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र पासवान ने अपनी बात रखने के साथ साथ राशन लेने आयी

महिलाओं की राय भी सार्वजनिक कर दी है। इसस स्पष्ट है कि राशन दुकानदार भी

सरकारी सुविधाओं का नाजायज लाभ उठा रहे हैं।

राशन वितरण की लूट को गलत बताया

भीम आर्मी के पदाधिकारी ने साफ किया है कि राशन दुकानों से अतिरिक्त धन लिये जाने

की वजह से अब गरीब लोग अपने पैसे से राशन लेने के बाद कोई और सामान नहीं खरीद

पा रहे हैं क्योंकि उनके पास इसके बाद पैसा ही नहीं बच रहा है। सरकार को इन तमाम

अनियमितताओं के खिलाफ भी ध्यान देना चाहिए।


 

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