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रानी चौबे ने भागलपुर की बिजली के विकास का दावा किया

  • 22 घंटे बिजली मिलना मेरी मेहनत का नतीजा है

  • लोगों के पानी के लिए भी शहर में बहुत काम किया

  • मैंने काम की बदौलत खुद की योग्यता साबित किया

  • सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत दुष्प्रचार ने आहत किया है

दीपक नौरंगी

भागलपुरः रानी चौबे भागलपुर के लिए कोई अनजाना नाम नहीं हैं। लेकिन इस बार वह

चुनावी मैदान में हैं। उन्होंने पप्पू यादव की जन अधिकारी पार्टी से अपनी किस्मत

आजमाने की तैयारी कर ली है। चुनावी भागमभाग के बीच उन्होंने एक संक्षिप्त मुलाकात

में अपना चुनावी एजेंडा और अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी

भागलपुर के अपनी उपलब्धियों पर क्या कहा रानी चौबे ने

वैसे भी पप्पू यादव ने खुद बाढ़ के दौरान उल्लेखनीय काम कर अलग पहचान बनायी है।

वह कोरोना काल में भी बिहार के अलावा भी अन्य राज्यों में उल्लेखनीय सेवा देने का

रिकार्ड कायम कर चुके हैं। लिहाजा उनकी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर रानी चौबे को हल्के

में नहीं लिया जा सकता है।

रानी चौबे ने भागलपुर से अपने जुड़ाव के बारे में साफ कहा कि जब वह यहां आयी थीं तो

शहर में मात्र छह घंटे बिजली रहा करती थी। निजी प्रयास और निरंतर परिश्रम से उन्होंने

यह इंतजाम किया है कि आज शहर को 22 घंटे बिजली मिल रही है। उसके बाद वह कुछ

अंतराल के बाद फिर यहां आयी तो पानी पर काम किया। जिसका नतीजा है कि शहर की

जलापूर्ति व्यवस्था में इतना सुधार आज लोग महसूस कर पा रहे हैं। रानी ने बताया कि

उनके यहां रहते हुए ही स्मार्ट सिटी का काम और पैसा आ गया था। लेकिन अब लौटकर

आने के बाद इस दिशा में कोई काम नहीं होता देख उन्हें दुख हो रहा है।

रानी चौबे ने कहा काम के मामले में वह दूसरों से बेहतर हैं

उन्होंने कहा कि राजनीति में पुराने लोगों के मुकाबले कम अनुभवी होने के बाद भी काम

के मामले में उन्हें कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है क्योंकि भागलपुर के लोगों को

उनके द्वारा किये गये काम का फल मिल रहा है। वर्तमान में वह कई स्वयंसेवी संस्थाओं

से जुड़कर बिहार की करीब ढाई लाख महिलाओं के लिए काम कर रही हैं। इसलिए काम

कैसे होता है, उसका बेहतर अनुभव उसके पास पहले से मौजूद है।

उन्होंने इसी क्रम में कहा कि नीतीश कुमार को भी शराबबंदी का नाटक बंद करना चाहिए।

अगर वाकई यह सरकार शराबबंदी करना चाहती तो पूरे राज्य में शराब की आमद रोकी

जानी चाहिए थी। ऐसे कुछ भी नहीं हुआ है और चोरी छिपे हर जगह शराब बेची जा रही है।

घटिया आरोपों ने दुखी किया है उन्हें

चुनाव प्रचार में नाम आते ही जिस तरीके से सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया गया

है, उससे वह दुखी हैं। इस संवाददाता ने उनसे उनके निजी जीवन पर कोई सवाल नहीं

किये थे लेकिन बात चीत में खुद रानी चौबे के अपने साथ हो रहे व्यवहार की जानकारी देते

हुए साफ कर दिया कि वह अपने पति के साथ नहीं हैं। लेकिन भागलपुर की जनता को

उनका काम देखना चाहिए। इस बात पर चर्चा करते हुए वह रो पड़ी क्योंकि स्वाभाविक

तौर पर ऐसे घटिया आरोप किसी को भी अंदर से दुखी कर जाते हैं।

सृजन घोटाला की जिम्मेदारी नीतीश कुमार की

सृजन घोटाला के संबंध में उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है।

लेकिन फिर भी वह मानती हैं कि राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते इस घोटाला की

जिम्मेदारी नीतीश कुमार की ही बनती है। उन्होंने नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं के

उत्थान के लिए किये गये प्रयासों को भी खारिज कर दिया और कहा कि ऐसी अनेक

योजनाओं का वह विस्तार से उल्लेख कर सकती हैं, जो चल रही हैं और दूसरे राज्यो में

ज्यादा बेहतर तरीके से संचालित हो रही हैं।


 

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