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मानव तस्करी की जांच कराएंगे रांची एसएसपी




बुंडू : मानव तस्करों के खिलाफ 5 अप्रैल, रविवार को बुंडू पुलिस जिन चार संदिग्धों को

पकड़ा था, उसकी जांच रांची एसएसपी अनीश गुप्ता कराएंगे। इसकी जानकारी एसएसपी

ने दी है। मामला गंभीर है और इसको लेकर बुंडू प्रखण्ड हुमटा पंचायत की पंचायत समिति

सदस्य द्रोपदी देवी भी हस्तक्षेप की है। द्रोपदी देवी का कहना है कि पंजाब के दो, दिल्ली के

एक और मध्य प्रदेश के एक जिन व्यक्ति को बुंडू पुलिस पकड़ी है चारों व्यक्ति मानव

तस्कर है। इधर द्रोपदी देवी ने बतायी कि अभी तक उनके शिकायतों पर एफआईआर नहीं

हुई है। जबकि स्थानीय पुलिस को करना चाहिए। फैसला तो कोर्ट में होगा। द्रोपदी देवी ने

बतायी की आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस सारे उपाय टटोल रही है। एक

जनप्रतिनिधियों के शिकायतों पर भी पुलिस कार्रवाई करने में कोसों दूर है। बुंडू पुलिस की

गिरफ्त में आए सभी पांचपरगना क्षेत्र में मानव तस्कर पर सक्रिय होकर कार्य करते हैं।

पकड़े गए तस्करों का मास्टरमाइंड कोई और

सूत्रों की मानें तो यह लोग क्षेत्र में काम करते हैं जिसका मास्टरमाइंड कोई और है। शादी के

नाम पर भोले-भाले गरीब घर के बच्चियों को बेचने का काम करते हैं। पकड़े गए तस्करों

को पहले से ही कुछ लोग पहचानते हैं। पहचानने वाले लोगों ने बताया है कि पुलिस की

जांच में उन्हें भी सपोर्ट करेंगे ताकि तस्करों को कड़ी सजा मिल सके। इधर बुंडू प्रमुख

परमेश्वरी शांडिल ने भी बताई है कि इसकी जानकारी प्रशासन को सबसे पहले मैं दी थी

लेकिन पुलिस इस पर ध्यान नहीं दिया था। अभी यह लोग पकड़े गए हैं सभी मानव

तस्कर हैं इन पर कठोर कार्रवाई किया जाए। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो उग्र

आंदोलन करने को बाध्य होंगे। रेलाडीह पंचायत के मुखिया पति नील मोहन मुंडा ने भी

इस बारे में बताया कि बुंडू पुलिस मानव तस्करों को फंसाने से बचा रही है।

मामले में पुलिस की मिलीभगत

संदेह है कि पुलिस को मोटी रकम डील हुई है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। आखिरकार

अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुआ। यदि एफआईआर नहीं हुआ तो इन लोगों को थाने

में क्यों रखा गया है। क्या इन लोग निर्दोष हैं या दोषीदार पुलिस की जांच में क्या आया

जानना जरूरी है। यह कई संदेहासपद सवाल अबतक बिना जवाबों के अधूरे ही है।

क्या है पूरा मामला

बुंडू थाना क्षेत्र के अमनबुरु गांव निवासी शंभू मुंडा के घर में चारों व्यक्ति रुके हुए थे और

यहां से एक-एक करके लड़कियों की तलाश कर रहे थे। इसी क्रम में अगड़ा थाना क्षेत्र के

एक गांव से दो नाबालिग बच्चियों को लाया गया और शंभू मुंडा के घर में सप्ताह भर तक

घर में ही रखा गया। इन दोनों बच्चियों को घर से निकलने नहीं दिया जा रहा था। इस बीच

ग्रामीणों को पता चला और इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को भी मिल गयी। लेकिन

प्रशासन इस घटना को सक्रियता से नहीं ली। मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन सभी

लोगों को पकड़ लिया और दोनों बच्चियों को रेस्क्यू किया गया। इस दौरान बच्चियों ने

बतायी है कि यह हम लोगों को शंभू मुंडा के घर लाने के बाद ये लोग लड़कियों की तलाश

कर रहे थे। बच्चियों ने इस बात की जानकारी बार-बार दी है।



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