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रामगढ़वा बाजार में भीड़ देखकर कौन कहेगा कि लॉकडाउन लगा है

रामगढ़वा पूर्वी चंपारणः रामगढ़वा बाजार का हाल देखकर ऐसा पता ही नहीं चलता कि

बिहार में कोई लॉकडाउन भी लगा है। इस बाजार के गोला रोड में सोमवार को 10 बजे

हजारों लोगों की भीड़ देखी गई । जिसको देखने के बाद सहज ही अनुमान लगाया जा

सकता है कि ये लोग स्वयं कोरोना संक्रमण को आमंत्रण दे रहे हैं। ये लोग सिर्फ रामगढ़वा

बाजार के ही नहीं थे बल्कि प्रखंड क्षेत्र के लगभग सोलहों पंचायत से बाजार करने एक साथ

बाजार में उमड़ पड़े थे। जिसका देखरेख करने वाले प्रशासनिक पदाधिकारी व पुलिस

नदारद थी। यह भीड़ सिर्फ एक गली की है। पूरे रामगढ़वा शहर के हर गली, हर मोहल्ला

का जैजा लिया जाए तो लाखों की भीड़ सोमवार को दिखाई दी। इस भीड़ में कोई सोशल

डिस्टेंसिंग तथा मास्क इत्यादि का ख्याल नहीं किया गया था। लोगों के अंदर तनिक भी

डर-भय नहीं दिखाई दे रहा था। जबकि रामगढ़वा बाजार से चार पांच लोगों की हाल ही में

कोरोना की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। वही कल 9 मई 2021 को प्रखंड क्षेत्र के मुरला

गांव में 5 लोगों की 12 घंटे के अंदर मृत्यु हो गई। सभी मृतकों के लक्षण कोरोना के ही

दिखाई दिए थे। इस बाबत परिजनों ने बताया कि सभी की सर्दी, खांसी व बुखार के कारण

मौत हुई है। जो कोरोना के लक्षण से सत प्रतिशत मिलता जुलता है। ज्ञात हो कि रविवार 9

मई 2021 को रामगढ़वा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 180 लोगों की कोरोना जांच हुई थी।

जिसमें 30 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जिन्हें नोडल पदाधिकारी डॉ प्रहस्त कुमार

के द्वारा दवा का कीट देकर होम क्वॉरेंटाइन कर दिया गया।

रामगढ़वा बाजार देखकर लगता है लोगों को जान की परवाह नहीं

बावजूद इसके लोगों के अंदर अपनी जान की परवाह नहीं है। कोरोना की दूसरी लहर में हर

शहर में आए दिन लोग मर रहे हैं। जबकि सरकार की तरफ से रेडियो, टीवी ,व्हाट्सएप

तथा स्थानीय प्रशासन के माध्यम से कोविड-19 के नियम के तहत सोशल डिस्टेंसिंग

,मास्क इत्यादि की प्रतिदिन हिदायत दी जा रही है। इस नियम का पालन नहीं करने वाले

लोगों को प्रशासन दंडित भी कर रही है। बावजूद इसके लोग निर्भीक होकर बाजार करने के

लिए भीड़ इकट्ठा कर रहे हैं। जो खतरे से खाली नहीं है। इस संबंध में प्रशासन को भी ध्यान

देना जरूरी है कि लोग एक साथ इतनी भीड़ इकट्ठा ना करें। हमेशा प्रशासन को गस्ती

करना अनिवार्य है। प्रशासन के द्वारा खाद्य सामग्री या साग सब्जी का होम डिलीवरी भी

करना अति आवश्यक है। ताकि शहर में इतनी भीड़ इकट्ठा ना हो सके। इस बाबत

रामगढ़वा अंचलाधिकारी मणि भूषण कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार के

द्वारा ही सुबह से 11 बजे तक आवश्यकता की सामग्रियों को खरीदने के लिए आम लोगों

को छूट दी गई है। इस संबंध में शिक्षक राजन श्रीवास्तव ने कहा कि मेरे समझ से प्रशासन

को सुबह 7 बजे से 11बजे तक ज्यादा ही एक्टिव रहना होगा।कोरोना का चैन तोड़ने के

लिए दुकानदार से लेकर आम आदमी जो बाजार करने आ रहे हैं उन पर विशेष निगरानी

रखनी पड़ेगी। ताकि बारी-बारी से एक-एक कर लो अपना सामान खरीद सकें।

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