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राज्यसभा सांसद की नाराजगी से बदला शहर का मिजाज







  • महेश पोद्दार ने नगर के विकास पर खड़े कर दिये हैं सवाल

संवाददाता

रांचीः राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार की नाराजगी पत्र के माध्यम से स्पष्ट तौर पर बाहर आयी है।

इसके बाद ही तेजी से शहर में विकास के ढिंढोरा का माहौल भी बदलने लगा है।

वर्तमान सरकार द्वारा विकास के नाम पर लिये जा रहे फैसलों को

सराहनीय बताने वाले भी अब संभलकर बोलने लगे हैं।  दूसरी तरफ

महेश पोद्दार की चिट्ठी ने अपर बाजार के उन लोगों को भी नये सिरे से

सोचने पर मजबूर कर दिया है जो भाजपा के समर्थन माने जाते हैं।

राज्यसभा सांसदअपने पत्र में श्री पोद्दार ने जिन जिन मुद्दों का जिक्र किया है,

वे दरअसल शहर के आम जनता की परेशानियां हैं।

जाहिर है कि श्री पोद्दार अपने जनसंपर्क के माध्यम से इन समस्याओं के

अच्छी तरह वाकिफ है।

वैसे अब लोग इस बात की चर्चा करने लगे हैं कि इन परेशानियों को तो

भाजपा के दूसरे नेता भी जानते समझते हैं पर राजनीतिक समीकरणों की

वजह से वे खुलकर इनकी आलोचना नहीं करते।

पहली बार श्री पोद्दार ने अपर बाजार के बकरी बाजार की प्रस्तावित योजना से लेकर

हर मुद्दे पर नगर विकास विभाग और रांची नगर निगम को कटघरे में खड़ा करने का काम किया है।

भाजपा के लिए परेशानी यह भी है कि उनके पत्र में जिन मुद्दों का जिक्र

क्रमवार तरीके से किया गया है, उनका संतोषजनक उत्तर भी भाजपा सरकार के पास नहीं है।

वैसे लोगों को यह भी पता है कि राजधानी में जोरदार बारिश होते ही

सिवरेज का वह सारा मुद्दा बहकर सड़कों पर आ जाएगा, जिनपर भाजपा के लोग चर्चा करने से भागते रहे हैं।

शहर में पिछले दिनों पानी की कमी के बाद इस तरह लोगों का फिर से ध्यान गया है

कि शहर की सिवरेज लाइनों के निचले हिस्से को ढाल दिया गया है।

आम तौर पर उन्हें कच्चा छोड़ा जाता है ताकि पानी का रिसाव जमीन के अंदर होता रहे।

शहर के अधिकांश हिस्सों में यह ढलाई सिर्फ इस वजह से की गयी है

ताकि काम की लागत में सीमेंट और लोहे की खपत को बढ़ाया जा सके।

इससे लागत भी बढ़ती है।

पिछले साल भी यह देखा गया था कि बारिश के मौसम में

इन नालियों से पानी का बहाव नहीं होता है।

सारा पानी सड़कों पर से बहता हुआ पिछले साल भी हरमू रोड सहित अनेक इलाकों में देखा गया था।

अब राज्यसभा सांसद द्वारा इन तमाम मुद्दों को अपनी शिकायत में शामिल करने के बाद

वे लोग भी जुबान खोलने को आतुर नजर आ रहे हैं जो आम तौर पर

भाजपा समर्थक होने की वजह से ऐसे मुद्दों पर परेशानी समझते हुए भी चुप्पी साधे रहते हैं।



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