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राज्यसभा चुनाव में भी सुदेश ने काटा रघुवर का टिकट ?

  • दोनों के बीच था 36 का आंकड़ा

  • शाह के साथ बैठक कर चुके हैं सुदेश

  • टिकट वितरण से भाजपा के कई खेमे नाराज

  • राजग खेमा में अब भी कई समीकरण उलझे

संवाददाता

रांचीः राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश

को पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया। यूं तो पहले से ही श्री प्रकाश के नाम की चर्चा चल

रही थी लेकिन उनके साथ साथ पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और पूर्व सांसद रविंद्र राय भी

इसी कतार मं थे। अब सब कुछ तय होन के बाद यह बात सामने आयी है कि रघुवर दास

का नाम कई राष्ट्रीय नेताओं की इच्छा के बाद भी आगे बढ़ नहीं पाया। अब बात खुलकर

सामने आयी है कि आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो ने भले ही अपने पत्ते नहीं खोले हों

लेकिन उनकी तैयारी थी कि जबरन रघुवर दास का नाम आगे बढ़ाने की स्थिति में वह

इसमें अड़ंगा ही नहीं लगाते बल्कि भाजपा प्रत्याशी की पराजय के सबसे बड़े कारण भी

बन सकते थे।

राज्यसभा चुनाव की यह नाराजगी पांच साल पुरानी है

याद रहे कि रघुवर दास के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद कुछ दिनों तक तो

सब ठीक था। बाद में उनकी तरफ से हटिया के विधायक नवीन जयसवाल को मंत्री बनाने

की कोशिशों की वजह से दोनों के रिश्तों में खटास आ गयी थी। इसके बाद धीरे धीरे दोनों

नेताओं के बीच दूरी निरंतर बढ़ती ही चली गयी। चुनाव के पहले भी राज्य सरकार के

फैसलों के खिलाफ सुदेश पूरे राज्य में जनांदोलन कर रहे थे। कई बार ऐसा समय भी आया

जब यह माना गया कि शायद भाजपा और आजसू का गठबंधन टूट जाएगा। लेकिन बात

इस स्तर तक बिगड़ पाती, उससे पहले ही खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अमित शाह ने हस्तक्षेप

कर मामले को सुलझा लिया। जानकार मानते हैं कि पिछले दो विधानसभा चुनावों के

दौरान रघुवर दास समर्थकों ने सुदेश महतो को सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के पराजित करने

के लिए एड़ी चोटी का जोर भी लगाया था। इन तमाम सूचनाओं से अच्छी तरह वाकिफ

होने के बाद भी सुदेश महतो ने औपचारिक तौर पर कुछ नहीं कहा लेकिन पार्टी के बड़े

नेताओं को अपनी बात बताते रहे।

सुदेश चुनाव जीते हैं और रघुवर पराजित हुए हैं

राज्यसभा चुनाव के लिए जब नामों की चर्चा हो रही थी, उसी वक्त प्रदेश भाजपा कार्यालय

भी सुदेश की भूमिका को लेकर संदेह की स्थिति में था। भाजपा के अन्य नेता अच्छी तरह

इस बात को जानते थे कि रघुवर दास और सुदेश महतो के बीच का रिश्ता इतना बिगड़ा

हुआ है कि कोशिश के बाद भी बात नहीं बन पायेगी। इसी वजह से यहां से तीन नाम भेजे

जाने के बाद भी अंततः भाजपा नेतृत्व ने दीपक प्रकाश को ही राज्यसभा के लिए अपना

प्रत्याशी बनाने की घोषणा कर सुदेश की नाराजगी को शांत करने का प्रयास किया है।

इससे अब स्पष्ट हो चला है कि मुख्यमंत्री रहते हुए रघुवर दास ने सुदेश के खिलाफ जो

कुछ किया था, अब सुदेश उसका हिसाब ले रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के अंदर भी कई

खेमा अब रघुवर दास के विरोध में आ गये हैं। इनलोगों की नाराजगी विधानसभा टिकट के

वितरण में श्री दास की मनमानी की वजह से है।


 

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  1. […] राज्यसभा चुनाव में भी सुदेश ने काटा रघ… दोनों के बीच था 36 का आंकड़ा शाह के साथ बैठक कर चुके हैं सुदेश टिकट वितरण से भाजपा के कई खेमे … […]

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