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राजस्थान में अनूठी पहचान वाला मरु महोत्सव – 2020 सम्पन्न

जैसलमेरः राजस्थान में अनूठी पहचान रखने वाले जैसलमेर का परंपरागत मरु महोत्सव

रविवार को सम्पन्न हो गया। जैसलमेर में हर वर्ष आयोजित होने वाला मरु महोत्सव में

लोककलाकारों ने लोक संस्कृति, पुरातन कला-संस्कृति और साहित्य के रसों से भरपूर

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए समा बाँध दिया। माघ पूनम की यह रात कला और

संस्कृति जगत के लिए इस मायने में यह अपूर्व और ?तिहासिक है कि सम के धोरों पर

पहली बार हर फन के कलाकारों का कुंभ जुटा। इसमें एक और जहाँ अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर

धूम मचाने वाले और बड़े-बड़े नामी लोक कलाकार शामिल हुए, वहीं नवोदित कलाकारों के

साथ ही कला, संगीत और संस्कृति जगत के कद्रदान भी शामिल हुए। यह पहला अवसर है

जब कलाकारों का इतना बड़ा कुंभ सम के धोरों पर जुटा। कला-संगीत और संस्कृति से

जुड़ी तकरीबन तमाम संस्थाओं ने जैसलमेर को दुनिया भर में नई पहचान देने के लिए

इस आयोजन में सहभागिता निभायी। इस अपूर्व आयोजन और एक साथ इतनी बड़ी

संख्या में लोक कलाकारों के कुंभ और सामूहिक प्रस्तुतियों के लिए ‘धोरों की झंकार’

कार्यक्रम के जरिये अहम् भूमिका निभाने के लिए जिला कलक्टर नमित मेहता को

‘इण्डिया बुक ऑफ रिकार्ड’ का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। समारोह में ऋचा शर्मा ने

धमाकेदार प्रस्तुतियों से धोरों पर सुमधुर स्वर लहरियां बिखेरी।

राजस्थान में अनूठी उत्सव में कई कलाकार हुए शामिल

उन्होंने ‘माहिया वे सोनिया वे, माही वे, तेरा सजदा…’ आदि पर सभी श्रोताओं को झूमने-

थिरकने पर मजबूर कर दिया। केसरिया बालम, म्हारी घूमर ए नखराली, लम्बी जुदाई, की

तरन्नुम में प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अल्ला हू-अल्ला हू, दिल खेर

मांगता, सानू एक पल चेन न आवे आदि की शानदार गायकी का कमाल दिखाते हुए ऋचा

शर्मा ने धोरों पर जंगल में महा मंगल का माहौल छितरा दिया। महोत्सव के समापन

समारोह का संचालन जफर खां सिन्धी एवं गुलनाज ने किया। कार्यक्रम में आर्मी,

एयरफोर्स व बीएसएफ के अधिकारी भी उपस्थित थे। पुरस्कार प्रदान कर किया

सम्मानित जिला कलक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक ने मशहूर कलाकार ऋचा शर्मा का

शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया और बेहतरीन प्रस्तुति के लिए आभार जताया। कार्यक्रम के

अंत में रंगीन आतिशबाजी के नज़ारों का दर्शन करके सैलानी आनन्दित हुए। आतिशबाजी

के साथ ही चार दिवसीय यादगार मरु महोत्सव का समापन हो गया।

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