fbpx Press "Enter" to skip to content

फिल्मों में बरसात अथवा उसमें फिल्माये गये गीत सफल फिल्मों के अहम हिस्सा रहे हैं




मुंबईः फिल्मों में बरसात या उसमें फिल्माये गए गीत फिल्म का अहम हिस्सा रहे हैं

और उनके बिना फिल्म की कल्पना ही नहीं की जा सकती है।

इनका इस्तेमाल फिल्मकार अपनी फिल्म को हिट बनाने के लिये अक्सर करते आये हैं।

फिल्म इंडस्ट्री का इतिहास देखा जाये तो सबसे पहले संभवत: वर्ष 1941 में प्रदर्शित फिल्म

खजांची में बरसात पर आधारित ‘‘सावन के नजारे हैं अहा अहा’’ गीत फिल्माया गया था।

हालांकि इसके बाद भी बरसात पर आधारित कुछ गीत फिल्माये गये

लेकिन वर्ष 1949 में प्रदर्शित फिल्म बरसात में

फिल्म अभिनेत्री निम्मी पर ‘‘बरसात में हमसे मिले तुम सजन’’ गाना बारिश में

फिल्माया गया जो बरसात पर आधारित पहला सुपरहिट गीत बना।

यूं तो फिल्म इंडस्ट्री में न जाने कितनी फिल्में बनी होंगी जिसमें बारिश के दृश्य या

गाने फिल्माये गये होंगे लेकिन वर्ष 1955 में प्रदर्शित फिल्म ‘श्री 420’ की बात कुछ और ही है।

यूं तो फिल्म श्री 420 कई कारणों से याद की जाती है लेकिन फिल्म में राजकपूर और

नरगिस पर बारिश में फिल्माया गया गीत

‘‘ प्यार हुआ इकरार हुआ’’ का फिल्मांकन इतने सजीव तरीके से पेश किया गया कि

इसकी यादें दर्शकों के दिल में आज भी ताजातरीन है। बरसात पर आधारित गीतों में

वर्ष 1958 में प्रदर्शित फिल्म चलती का नाम गाड़ी का नाम भी उल्लेखनीय है।

तीन भाइयों की कहानी पर आधारित फिल्म की कहानी में बारिश से कोई मेल नहीं था

लेकिन एक दृश्य में जब अभिनेत्री मधुबाला बारिश से भींगने से बचने के लिये

अभिनेता किशोर कुमार के गैरेज में शरण लेती है

तो उसे देख किशोर कुमार प्यार करने लगते है और उसे खुश करने के लिये

‘‘एक लड़की भीगी भागी सी’’ गीत गाते हैं तो यह

फिल्मों की जान बन जाती है और यह गीत आज भी सिने प्रेमी नहीं भूल पाये हैं

नृत्य और संगीत की बात हो और अभिनेता शम्मी कपूर का जिक्र न आये ऐसा संभव नहीं है।

इसी क्रम में वर्ष 1962 में प्रदर्शित फिल्म दिल तेरा दीवाना में शंकर जयकिशन के

संगीतबद्ध गीत ‘‘दिल तेरा दीवाना है सनम’’ का जिक्र करना लाजमी है जो बरसात में ही फिल्माया गया था।

संभवत ‘‘दिल तेरा दीवाना है सनम’’ बरसात में फिल्माये गए गीत में पहले गानों में से एक है

जब उसका फिल्मांकन स्टूडियो के सेट में न होकर आउटडोर लोकेशन में किया गया।

इस गीत में शम्मी कपूर अपनी विशेष नृत्य शैली से अभिनेत्री माला सिन्हा को रिझाने का प्रयास करते हैं।

वर्ष 1980 में एक फिल्म प्रदर्शित हुयी थी ‘नमक हलाल’ यूं तो इस फिल्म के सारे गीत हिट हुये थे

लेकिन फिल्म में एक गाना ऐसा भी था जो बारिश में फिल्माया गया था

जिसे दर्शक आज भी नहीं भूल पाये हैं।अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया गाना ‘‘आज रपट जाये तो हमें ना उठइयो’’

जिसके माध्यम से अमिताभ बच्चन बरिश की फुहारो के बीच स्मिता पाटिल से

अपने प्यार का इजहार कुछ इस तरीके से करते हैं कि

दर्शक हंसते हंसते लोटपोट हो जाते हैं।

किंग ऑफ रोमांस दिवंगत यश चोपड़ा अक्सर

अपनी फिल्मों में बारिश के गीत का फिल्मांकन करते आये हैं।

इनमें फिल्म चांदनी के गीत ‘‘आज सावन की फिर वो झड़ी है’’ और दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे

के गीत ‘‘मेरे ख्वाबों में जो आये’’ सिने दर्शकों के बीच आज भी लोकप्रिय है।

इसके अलावा ये दिल्लगी में ‘‘देखो जरा देखो बरखा की झड़ी’’ और दिल तो पागल है

में उन्होंने ‘‘कोई लड़की है जब वो गाती है’’ गीत भी बारिश में ही फिल्माये।

देखा जाये तो फिल्मों में बारिश का इस्तेमाल फिल्मकार नायक और नायिका के प्रेम के

इजहार के रूप में करते हैं लेकिन कुछ मौके पर बारिश की मांग

किसी शुभ काम के लिये की जाती है।

ऐसे ही गानो में फिल्म गाईड का गाना ‘‘अल्लाह मेघ दे’’ और लगान का गाना

‘‘काले मेघा काले मेघा’’ खास तौर पर उल्लेखनीय है।

इन सबके साथ ही बरसात के गाने के माध्यम से विरह की आग प्रेमियों को

किस प्रकार जलाती है उसे पेश किया जाता रहा है।

ऐसे गानो में फिल्म जख्मी का गीत ‘‘जलता है जिया मेरा भीगी भीगी रातों में’’

और दो बदन का गीत ‘‘जब चले ठंडी हवा जब उठे काली घटा मुझको ऐ जाने वफा तुम याद आये’’।

इसके अलावे बरसात के गीत के माध्यम से मस्ती को भी दिखाया गया है।

फिल्म छलिया का गीत ‘‘डम डम डिगा डिगा मौसम भीगा भीगा’’

या गोपी किशन का गीत ‘‘ छतरी ना खोल बरसात में’’ प्रमुख हैं।

इन सबके साथ ही फिल्मकारों ने बरसात को ध्यान में रखते हुये कई फिल्मों का निर्माण किया।

इन फिल्मों में बरसात, बरसात की रात बरसात की एक रात ,आया सावन झूम के, सावन को आने दो

,सावन भादो ,मानसून वेडिंग ,सोलहवा सावन, बिन बादल बरसात, बादल जैसी कई फिल्में शामिल हैं।

इसी तरह कई फिल्मकार ने अपनी फिल्मों में बारिश के गाने फिल्माये हैं

जो आज भी श्रोताओं की जुबान पर चढ़े हुये है।

ऐसे ही गानो में शामिल लंबी फेहरिस्त में कुछ है बरसात में हमसे मिले तुम सजन

.ये रात भीगी भीगी .बरखा रानी जरा जमके बरसो

.ंिजदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात .काली घटा छाई मोरा.

हरियाला सावन ढोल बजाता आया .रिमझिम के तराने लेके आई बरसात.ओ सजना बरखा बहार आयी

.सावन का महीना पवन करे शोर .मेघा छाई आधी रात .रिमझिम के गीत सावन गाये .भीगी भीगी रातो में .

रिमझिम गिरे सावन .काटे नही कटते दिन ये रात .टिप टिप टिपटिप बारिश शुरू हो गयी .रिमझिम रिमझिम

.मेरे ख्वाबो में जो आये .टिप टिप बरसा पानी ,दिल ये बेचैन रे .जो हाल दिल का

.सांसो को सांसो से .बरसो रे मेघा आदि शामिल हैं।



Rashtriya Khabar


More from महाराष्ट्रMore posts in महाराष्ट्र »

One Comment

Leave a Reply

WP2FB Auto Publish Powered By : XYZScripts.com