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बारिश रुकने के बाद भी चेन्नई के लोगों की परेशानी जारी




चेन्नई: बारिश रुकने के बाद भी तमिलनाडु के चेन्नई शहर और उसके आस-पास के जिलों में संकट जारी है।




यहां के अनेक इलाके अब भी पिछले दिनों की भारी वर्षा की वजह से अभी भी डूबे हुए हैं। मौसम विभाग ने आज कहा कि उत्तरी तटीय तमिलनाडु पर हवा का दबाव कमजोर पड़ने से उत्तरी तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में इसका असर बदलने लगा है।

विभाग ने बताया कि हवा के दबाव ने कल रात चेन्नई के पास तट को पार कर लिया। विभाग ने चेन्नई और अन्य जिलों को जारी रेड अलर्ट वापस ले लिया है जहां अगले 24 घंटों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गयी थी।

स्थिति में सुधार के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना और आपदा प्रबंधन दल की तरफ से लोगों को भोजन और राहत पहुंचाने का काम तेज कर दिया गया है।

चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपेट जिलों में जलजमाव को देखते हुए आज लगातार पांचवें दिन स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया।

कोरोना को फैलने से रोकने के लिए मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने आज चेन्नई शहर के सभी 200 वार्ड में विशेष चिकित्सा शिविरों को शुरू किया है।




कोरोना के बावजूद दीपावली त्योहार के दिन हजारों लोगों की भीड दुकानों पर देखी गयी थी। इसी दौरान दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को हवा का ताजा दबाव बनने का अनुमान है।

अगले 48 घंटों में इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के आसार हैं। चेन्नई में आज पांचवें दिन भारी बारिश के बाद तेज धूप खिली है लेकिन बीच-बीच में बादल छाये रहे।

बारिश रुकने के बाद अब पानी की निकासी जरूरी

तमिलनाडु के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन ने मीडिया को बताया कि भारी बारिश में 14 लोगों की मौत हुई है।

उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस बीच कावेरी डेल्टा क्षेत्र की रिपोर्ट के मुताबिक भारी बारिश होने से सभी क्षेत्रों की कई एकड़ फसल बर्बाद हो गयी है और किसानों ने सरकार से मुआवजे देने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री एम के स्टालिन राज्य में बाढ़ की स्थिति की दैनिक आधार पर समीक्षा कर रहे हैं और बारिश प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे है। उन्होंने फसल के नुकसान का तुरंत आकलन करने के लिए सहकारिता मंत्री आई. पेरियासामी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय मंत्रिस्तरीय टीम का गठन किया है। डेल्टा जिलों में फसल के नुकसान का सरकार को रिपोर्ट पेश करने को कहा है।



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