Press "Enter" to skip to content

राहुल द्रविड़ ने भारतीय पारी घोषित करने के समय का बचाव किया







कानपुर : राहुल द्रविड़  भारतीय टीम की तरह जीत के करीब आती है और विपक्षी टीम अपने लक्ष्य से 100 रन से अधिक दूर होती है। साथ ही अगर खराब रोशनी खेल में खलल डाले तो दिमाग तुरंत पारी की घोषणा से पहले भारत की आखिरी साझेदारी पर जाता है।

उस दौरान लगभग तीन रन प्रति ओवर की रन गति के साथ 20 ओवर तक बल्लेबाजी की गई। हालांकि भारत के कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि न्यूजीलैंड को खेल से बाहर करने के लिए वे रन बेहद महत्वपूर्ण थे। हालांकि भारतीय टीम को यह बिल्कुल नहीं लगता कि टीम ने गलत समय पर अपनी पारी घोषित की।

पारी घोषित करने के बाद न्यूजीलैंड को लगभग तीन रन प्रति ओवर की दर से 284 रन बनाने थे। द्रविड़ से जब मैच के बाद पूछा गया कि क्या ऋद्धिमान साहा और अक्षर पटेल उस साझेदारी में थोड़ी तेजी से रन बनाते हुए, भारत को अतिरिक्त आधे घंटे का समय दे सकते थे। द्रविड़ ने कहा, मुझे ऐसा नहीं लगता।

द्रविड़ ने कहा, मुझे ऐसा नहीं लगता

पारी घोषित होने के आधे घंटे पहले तक हम दबाव में थे और मुझे लग रहा था कि उस समय तक तीनों परिणाम संभव थे। द्रविड़ ने कहा, अगर ईमानदारी से कहूं तो साहा ने एक मुश्किल समय में बढ़िया बल्लेबाजी की। उस समय उनकी गर्दन में दर्द था।

अगर वह उस समय आउट हो गए होते तो न्यूजीलैंड को 2.2 या 2.3 के रन दर से 110 ओवरों में 240-50 रन बनाने की आवश्यकता होती। इसी कारणवश हमें अक्षर और साहा के बीच उस साझेदारी की आवश्कता थी। कोच ने कहा कि अगर अर्धशतकीय पारी खेलने वाले श्रेयस अय्यर का विकेट चाय से पहले नहीं गिरा होता तो हम एक अलग रणनीति के साथ बल्लेबाजी करते।

द्रविड़ ने कहा, हमने चाय से ठीक पहले श्रेयस को खो दिया। उस समय हमारी टीम का स्कोर सात विकेट के नुकसान पर 167 रन था और उस समय हम मुश्किल में थे। इसी कारणवश हमें उस साझेदारी की अत्यंत आवश्यकता थी।

यह धीमी भी थी और यहां ही टर्न भी नहीं था

पारी घोषित करने से 45 मिनट पहले तक हम दबाव में थे। साथ ही हमारे फैसले के पीछे सबसे बड़ा निर्णायक कारक पिच की परिस्थितियां थी। द्रविड़ ने कहा, पिच पर शायद कम उछाल था। यह धीमी भी थी और यहां ही टर्न भी नहीं था। आप शायद पांच दिनों में भारतीय परिस्थितियों में इन विकेटों पर उम्मीद करते हैं कि पिच टूट जाएगी।

हालांकि ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आम तौर पर चौथे और पांचवें दिन एक स्पिनर के रूप में आप बल्लेबाजों को चुनौती दे सकते हैं। आप उम्मीद करते हैं कि स्पिनर्स की गेंदों पर बाहरी और भीतरी किनारा लगेगा लेकिन यहां गेंद कैरी ही नहीं कर रही थी।

नजदीकी खिलाड़ियों ने शायद कैच लेकर किसी बल्लेबाज को आउट किया हो। इस पिच पर बल्लेबाज को आउठ करने का बस दो ही तरीका था -एलबीडब्ल्यू और बोल्ड।



More from क्रिकेटMore posts in क्रिकेट »
More from खेलMore posts in खेल »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »

Be First to Comment

Leave a Reply

%d bloggers like this: