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वि. सभा चुनाव में दो प्रखर वक्ताओं के बीच फंसे हैं रघुवर दास

  • सरयू राय का आक्रामक तेवर पहले ही कायम
  • कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं प्रो. गौरव वल्लभ
  • जमशेदपुर पूर्वी पर अब दो तरफा घिरी हैं भाजपा
  • तथ्यों और आंकड़ों का हमला होगा जोरदार
संवाददाता

रांचीः वि. सभा का चुनाव अपनी तेजी पर आ रहा है। इस बीच शायद पूरे

झारखंड में सबसे आकर्षिक वैचारिक लड़ाई जमशेदपुर पूर्वी सीट पर देखने

को मिलने वाली है। इस सीट पर भाजपा की तरफ से वर्तमान मुख्यमंत्री

रघुवर दास प्रत्याशी हैं। इस बार पहली बार रघुवर दास को दो मजबूत

प्रत्याशियों के खिलाफ एक साथ चुनाव लड़ना पड़ रहा है। जाहिर है कि

मेट्रो संस्कृति के इस शहर में जमशेदपुर पूर्वी सीट अपेक्षाकृत गरीब लोगों

का इलाका है। जाहिर है कि ऐसे मुद्दे पर वहां के मतदाता इस बार के चुनाव

में वर्तमान चुनौतियों पर भी ज्यादा कुछ जानना चाहेंगे।

भाजपा के लिए इसी मुद्दे पर सरयू राय और प्रो गौरव बल्लभ नई किस्म

की चुनौती खड़ी करने जा रहे हैं। सरयू राय झारखंड की राजनीति में एक

जाना पहचाना नाम है। खास तौर पर चारा घोटोला के मुद्दे पर आवाज

उठाने के बाद से ही वह अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहे थे।

इस बार की सरकार में खनन घोटाला सहित कई मुद्दों पर मुखर होने की

वजह से हाई कोर्ट तक में कई विवाद पहुंच गये थे। लिहाजा यह तय है

कि इस बार के चुनाव प्रचार में रघुवर दास के खिलाफ वह उन मुद्दों पर

नये गोलाबारूद के साथ हमला करेंगे, जिसकी आग से से झारखंड सरकार

के कई अफसर भी गंभीर रुप से घायल हो सकते हैं।

वि. सभा चुनाव में तथ्यों और आंकड़ों में भारी हैं दोनों

आदतन तथ्यों और आंकड़ों पर अपनी बात रखने वाले श्री राय के पास

इस बारे में नये तथ्य भी होंगे, इस बात से इंकार तो कतई नहीं किया जा

सकता। उन्होंने जो मुद्दे उठाये थे वह सरकारी कानूनी पेचिदगियों से भरे

थे। लिहाजा शायद तब जनता इन बातों को सही तरीके से नहीं समझ

पायी हो। लेकिन जब चुनावी मैदान में इन तथ्यों को जनता के बीच रखा

जाएगा तो नये विवाद बम का फटना तो तय है।

इस क्रम में कांग्रेस प्रत्याशी प्रो गौरव बल्लभ का नाम अपेक्षाकृत नया

होने के बाद भी हाल के दिनों में सोशल मीडिया का चर्चित नाम है।

उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाने के तुरंत बाद ही कांग्रेस चुनाव

हार गयी थी। जिसके बाद कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं को टीवी चैनल

में जाने से रोक रखा था। इस प्रतिबंध को खत्म करने के लिए सबसे

पहले प्रो बल्लभ को ही भेजा गया था। झारखंड के ही एक कार्यक्रम में

पहली बार कांग्रेस प्रवक्ता के तौर पर सामने आये गौरव वल्लभ ने

भाजपा प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा को कुछ ऐसा घेरा कि इस कार्यक्रम के

अंश सोशल मीडिया पर वायरल होते चले गये।

वह भी तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर ही अपनी बात रखते हैं।

अर्थव्यवस्था के मसलों पर गौरव की अच्छी पकड़ है और इसी वजह से

उन्हें एबीपी चैनल के कार्यक्रम में भेजा गया था, जहां पर उन्होंने

भाजपा सरकार को अर्थव्यवस्था के मोर्च पर जमकर घेरा।

पहली बाजी में संबित पात्रा को धो दिया था गौरव बल्लभ ने

पेशे से गौरव एक्सएलआरआई जमशेदपुर में प्रोफेसर हैं और और उन्होंने

2003 से 2017 तक यहां पर अध्यापन का कार्य किया है। पिछले दो वर्ष से

वह चार्टर्ड अकाउंटेंट की सबसे बड़ी संस्था आईसीएआई के डायरेक्टर थे

और कई कॉलेज में बतौर गेस्ट लेक्चर पढ़ाने जा चुके हैं। 2003 में वह

आरबीआई के थिंक-टैंक के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

इसलिए माना जा सकता है कि इस त्रिकोणीय लड़ाई में वैचारिक और

तथ्यों के मोर्चे पर रघुवर दास को कठिन चुनौतियों का सामना करना

पड़ेगा।

वैसे सरयू राय के भाजपा विरोधी के तौर पर मैदान में आने की वजह से

संभव है कि महागठबंधन अपनी रणनीति में तब्दीली भी करें। वैसी स्थिति

में यह लडाई रघुवर दास वनाम सरयू राय ही होगी। तब भी मतदाताओं

के बीच अबकी बार 65 पार का नारा और विकास की असलियत पर

श्री राय के वैचारिक द्वंद्व से इस वि. सभा चुनाव के दौरान जनता को

बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा।

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