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ट्विन टावर पर हमले में सऊदी अरब की भूमिका पर सवाल उठे

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वाशिंगटनः ट्विन टावर पर हुए विमान हमले के बीस वर्षों पर अब असली सच पर से पर्दा




हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस क्रम में उस हमले में सऊदी अरब की क्या भूमिका

रही है, यह सवाल भी अब पहली बार जोर पकड़ने लगा है। अमेरिकी सरकार लगातार इस मुद्दे

को भटकाने की कोशिशों में जुटी रही है। अब इस दुर्भाग्यजनक घटना की बीसवीं बरसी पर

लोग इस सच्चाई को जानने के लिए सीधा सवाल उठा रहे हैं। आरोप है कि अमेरिकी प्रशासन

ने इस सच पर लगातार पर्दा डालने का प्रयास किया है। दरअसल सऊदी अरब की भूमिका पर

अमेरिकी प्रशासन पर पर्देदारी का सवाल पत्रकार जमाल खगोशी की हत्या के बाद से ही उठने

लगा था। इस पत्रकार की हत्या तुर्की दूतावास में कर दी गयी है। अमेरिकी मीडिया के लिए

काम करने वाले इस पत्रकार की हत्या होने के बाद ही पहली बार पिगासूस जासूसी स्पाईवेयर

का नाम चर्चा में आ गया था। उसके बाद से ही कई सवाल लोगों के जेहन में घूमने लगे थे। 9

-11 के हमले में आधिकारिक तौर पर 2977 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गयी है। वैसे

दरअसल लगातार दो विमानों के आ टकराने से वहां कितने लोग मारे गये थे, यह सवाल सही

तरीके से अनुत्तरित ही हैं। अब काफी समय बीत जाने के बाद यह राज सामने आ चुका है कि

विमानों का अपहरण करने वालों को सऊदी अरब की मदद मिली थी।




ट्विन टावर हादसे के बाद से बहुत कुछ छिपाया गया है

वैसे अमेरिकी सरकार द्वारा सच छिपाने की वजह से लोगों को संदेह है कि इस मामले में और

भी कुछ है, जिसे अमेरिकी सरकार जनता के सामने लाने से घबड़ा रही है। इसकी जांच में भी

जब जब सऊदी अरब की भूमिका के संकेत मिले, जांच को बीच में ही रोक दिया गया था। उस

आतंकवादी घटना में मारे गये लोगों के परिवार के लोगों के लिए यह जख्म अब भी हरा ही है।

इसलिए वे चाहते हैं कि इस पूरे मामले की असली सच्चाई का पता देश की जनता को चल

सके। जनता के बीच से उठते सवालों की वजह से ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने इस

आतंकवादी घटना से संबंधित दस्तावेजों को अब सार्वजनिक करने का आदेश भी जारी कर

दिया है। उस घटना में मारे गये लोगों के नजदीकी रिश्तेदार अब यह मान रहे हैं कि इन

गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक होने के असली सच पर से पर्दा उठ पायेगा। हो सकता है

कि सऊदी अरब से विमान अपहरण करने वालों को मदद मिलने की सूचना सामने आने के

बाद मारे गये लोगों के रिश्तेदार सऊदी अरब से भी मुआवजा का दावा कर दें और साथ ही

अमेरिका के साथ सऊदी अरब के रिश्ते भी पहले जैसे मधुर नहीं रह पायेंगे। लेकिन पहले से

संदेह के घेरे में चल रहे सऊदी अरब ने दरअसल क्या कुछ किया था, इस सवाल का उत्तर

अमेरिकी जनता के लिए महत्वपूर्ण हो चुका है।



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