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उस आईजी की अंततः मौत हो गयी जो कोरोना पीड़ित थे

  • अफसरों की गुटबाजी में काफी प्रताड़ित हुआ अधिकारी

  • मुख्यालय से एसपी को उसके खिलाफ भड़काया गया

  • लूट के मामले में निर्दोष को बचाने की भी सजा मिली

दीपक नौरंगी

भागलपुरः उस आईजी रैंक के अधिकारी विनोद कुमार की अंततः मौत हो गयी, जो

कोरोना से पीड़ित थे। राष्ट्रीय खबर ने कल ही इस बारे में खबर छापी थी और बताया था

कि उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर है। कल रात करीब एक बजे पटना  एम्स में उनकी मौत

हो गयी। लेकिन इसके पहले से भी उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार की वजह से यह मामला

अधिक चर्चा में आ गया था।

वीडियो में जानिये क्या था पूरा घटनाक्रम

घटना के प्रकाश में आने के बाद भी इस पर काफी चर्चा हुई थी। दरअसल उस आईजी यानी

विनोद कुमार की पदस्थापना पूर्णिया में थी। वह प्रोन्नति पाकर आईपीएस स्तर पर पहुंचे

थे। एक लूट कांड के पीड़ित को गिरफ्तार किये जाने के बाद उनका हस्तक्षेप करना

अधिकारियों के एक  बड़े वर्ग को नाराज कर गया था। मुख्यालय के निर्देश पर खुद इस

आईजी रैंक के अधिकारी को थाना जाकर स्टेशन डायरी करना पड़ा था। आईजी के

हस्तक्षेप के बाद ही निर्दोष छूट पाये थे। लेकिन तब से एसपी के साथ बिहार के आईजी रैंक

के इस अधिकारी की ठन गयी थी। उस घटना की रिपोर्ट भी राष्ट्रीय खबर में प्रमुखता के

साथ प्रकाशित की गयी थी। उसके बाद से ही  कई कारणों से उस अधिकारी को प्रताड़ित

करने का सिलसिला प्रारंभ कर दिया है। इस गुटबाजी को बिहार पुलिस मुख्यालय के भी

कुछ वरीय पदाधिकारी प्रोत्साहित कर रहे थे। इसी  वजह से तंग आकर उक्त अधिकारी ने

अपना अन्यत्र तबादला कर देने का भी आवेदन मुख्यालय को भेजा था। वह इस बात को

भी अच्छी तरह समझ रहे थे कि उनके साथ अधीनस्थ अधिकारियों का ऐसा व्यवहार

मुख्यालय के अधिकारियों की शह पर किया जा रहा है।

उस आईजी रैंक के अधिकारी की मौत के बाद मामला गरमायेगा

अब आईजी रैंक के अधिकारी की मौत के बाद भी बिहार के सचिवालय में इस घटना की

गूंज सुनाई पड़ रही है। दरअसल मामला अधिक चर्चा में आने तथा राष्ट्रीय खबर में रिपोर्ट

प्रकाशित होने के बाद से ही इसका फाइल बन गयी थी। वर्तमान में भी यह मामला राज्य

के मुख्य सचिव के पास विचाराधीन है। अब उस आईजी की मौत के बाद एक  दूसरा

तबका भी उनके साथ हुए लगातार अन्याय के मुद्दे पर  सरकार से न्याय की उम्मीद बांधे

बैठा है। चुनावी मौसम में वे मुद्दे भी गरमायेंगे जो उनकी मानसिक प्रताड़ना की वजह बने।


 

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