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करोड़ों की संपत्ति हथियाने की साजिश में मारा था परिवार के लोगों को

  • मालदा पुलिस की पूछताछ में पहली बार स्वीकारा

  • ममी बनाने की बात पुलिस को गुमराह करने के लिए

  • दो साल कहां गायब था, इसका उत्तर खोज रही पुलिस

  • उसका भाई इतने दिनों तक चुप क्यों रहा, इसकी जांच

राष्ट्रीय खबर

मालदाः करोड़ों की संपत्ति हथियाना ही मकसद था। यहां के कालियाचक थाना के 16

माइल इलाका के गुरुटोली में चार लोगों के निर्मम हत्या के बारे में अब पुलिस यही

मानकर जांच कर रही है। पूर्व में इस मामले में गिरफ्तार परिवार के छोटे लड़के आसिफ

मोहम्मद ने ममी बनाने के लिए चारों को मारने की बात कही थी। उस वक्त यह समझा

गया था कि वह शायद मानसिक बीमारी से पीड़ित है। लेकिन जैसे जैसे पूछताछ आगे बढ़

रही है पुलिस की राय में यह एक सोची समझी साजिश है। ममी बनाने की बात उसने

पुलिस को गुमराह करने के लिए बतायी थी। इस साजिश के पीछे की असली वजह करोड़ों

की संपत्ति हथियाना ही है। लेकिन इतनी संपत्ति लेकर यह लड़का आखिर क्या करना

चाहता था, इस बारे में कोई ठोस नतीजा अब तक सामने नहीं आया है। पुलिस की मानें तो

उससे पहले आसिफ ने जो कुछ बातें कही थी, वे जांच में गलत साबित हो रही हैं। इसलिए

माना जा सकता है कि काफी सोच समझकर ही आसिफ ने अपने ही परिवार के चार लोगों

की हत्या की है।

करोड़ों की संपत्ति में भी काफी कुछ बेच चुका था

इस घर को भी बार बार देखा गया है। इस घर में अजीब बात यह है कि इसमें कोई भी

खिड़की नहीं है। दोतल्ले के ऊपर चारों तरफ सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। इन कैमरों से

ही आसिफ हर आने जाने वाले को देखा करता था। पुलिस के मुताबिक अपने घर में गैराज

और गोदाम दोनों को घर के अंदर से इस तरीके से जोड़ा गया था ताकि बाहर से कुछ भी

नजर नहीं आ सके। घर के अंदर गहरा गड्डा बनाकर उसे पानी की टंकी बनाने और चारों

के लिए कब्र खोदने का काम भी आसिफ ने अकेले ही किया था। यह सारे काम एक दिन में

नहीं हुए थे। इसलिए समझा जा सकता है कि लंबी सोची समझी साजिश के तहत इन्हें

किया गया था। जिसके बाद नशे की दवाई देकर अपने ही माता, पिता, बहन और दादी को

इस युवक ने बेहोश कर दिया था। बेहोश कर देने के बाद एक एक कर सभी को दफनाने

और उसी अवस्था में पानी भरकर सभी को बेहोशी में ही मार डालन की घटना को अंजाम

दिया गया था। वैसे इन सारे कार्यों को करते वक्त घर के किसी दूसरे व्यक्ति ने इस पर

सवाल क्यों नहीं किया, यह भी अनुत्तरित सवाल है। 18 साल के इस लड़के ने राजमिस्त्री

के काम से लेकर कंप्यूटर की जानकारी हासिल कैसे की, यह भी अनुत्तरित सवाल है।

इसके बीच ही उसे हथियार चलाना कैसे आ गया, इसकी जांच अभी चल रही है।

हथियार चलाना कहां से सीखा, यह सवाल अनुत्तरित है

पुलिस के मुताबिक उसने अपने ही परिवार के चार लोगों को मार डालने के मकसद से ही

कई लाख रुपये खर्च कर पांच पिस्तौल और कारतूस खरीदे थे। अपने घर में इन हथियारों

को नहीं रखकर उसने अपने दोस्तों साबिर अली और मोहम्मद महफूज के पास इन्हें रखा

था। पुलिस का अनुमान है कि गोली चलने से होने वाली आवाज से दूसरों का ध्यान

आकृष्ट होने की बात को सोचकर ही गोली से लोगों की हत्या का विचार त्याग दिया गया

था। इसी के बाद पिछले 28 फरवरी को उसने अपनी साजिश को अंजाम दिया।

इस बीच जानकारी मिली है कि परिवार के लोगों की हत्या करने के पहले ही उसने करीब

डेढ़ करोड़ की संपत्ति बेच दी थी। अनुमान है कि बाकी संपत्ति बेचने में परिवार के लोगों

का विरोध ही नाराजगी का कारण बना होगा। वैसे इस दौरान वह दो साल कहां था, इस बारे

में वह साफ साफ जानकारी नहीं दे रहा है।

दूसरी तरफ पुलिस का संदेह उसके भाई राहुल शेख की तरफ भी है। जिसे अपने परिवार के

चार लोगों की हत्या की जानकारी थी लेकिन वह चुप्पी साधकर इतने दिनों तक क्यों बैठा

रहा। दोनों भाइयों के बीच संपत्ति का विवाद होने के भी संकेत मिले हैं। पुलिस अधीक्षक

आलोक राजोरिया के मुताबिक राहुल शेख को यह हिदायत दी गयी है कि पुलिस की

इजाजत के बिना वह इलाका छोड़कर नहीं जाए। करोड़ों की संपत्ति  बेचने के बारे में हुई

पूछताछ में कुछ और जानकारी मिली है, जिनकी जांच भी चल रही है। अब इस सवाल को

जांचा जा रहा है कि इतना पैसा आखिर उसे क्यों चाहिए था।

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