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गोरखपुर में एम्स और कारखानों का उदघाटन किया देश के प्रधानमंत्री ने




     डबल इंजन की सरकार में काम भी दोगुनी गति से होता है: मोदी

यह गरीबों की चिंता करने वाली सरकार है

पांच साल पहले दोनों का शिलान्यास किया था

चुनाव प्रचार के अंदाज में काम का व्योरा दिया

गोरखपुर: गोरखपुर में एम्स एवं कारखानों का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने चुनाव प्रचार भी




किया। इस दौरान जनसभा को उन्होंने डबल इंजन की सरकार के फायदे गिनाये। प्रधानमंत्री नरेंद्र

मोदी ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पिछले 30 साल से उर्वरक कारखाना बंद पड़े रहने के लिये

पिछली सरकारों की मंशा को दोषी ठहराते हुये मंगलवार को कहा कि जनहित के कामों के लिये

सरकार की सोच जब ईमानदार होती है तो कोई भी बाधा रुकावट नहीं डाल सकती। मोदी ने यहां

उर्वरक कारखाने, नवनिर्मित एम्स और आईसीएमआर के अत्याधुुनिक शोध केन्द्र सहित अन्य

विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुये कहा, जब गरीब-शोषित-वंचित की चिंता करने वाली

सरकार होती है, तो वो परिश्रम भी करती है, परिणाम भी लाकर दिखाती है। उन्होंने कहा कि

गोरखपुर में उर्वरक कारखाना, एम्स और मेडिकल रिसर्च सेंटर का शुरू होना एक संदेश दे रहा है कि

जब डबल इंजन की सरकार होती है तो काम भी तेज होता है। जब सोच ईमानदार हो तो कोई भी

रुकावट बाधा नहीं डाल सकती। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, राज्य

के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डा दिनेश शर्मा सहित केन्द्र

और राज्य सरकार के विभिन्न मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने कहा, पांच साल पहले

मैं, यहां एम्स और खाद कारखाने का शिलान्यास करने आया था। आज इन दोनों का एक साथ

लोकार्पण करने का सौभाग्य भी आपने मुझे ही दिया है। आईसीएमआर के रीजनल मेडिकल रिसर्च

सेंटर को भी आज अपनी नई बिल्डिंग मिली है। मैं यूपी के लोगों को बधाई देता हूं। इससे पहले

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत पूर्वांचल में बोली जाने वाली भोजपुरी भाषा में करते

हुये धर्म और आध्यात्म की नगरी गोरखपुर के लोगों को देवतुल्य बताकर उनका अभिवादन किया।

गोरखपुर में भोजपुरी में ही लोगों का अभिवादन किया

मोदी ने देश में उर्वरक के दुरुपयोग को रोकने के लिये किये गये उपायों का जिक्र करते हुये कहा,

किहमने यूरिया का गलत इस्तेमाल रोका, यूरिया की 100 प्रतिशत नीम कोटिंग की। हमने करोड़ों

किसानों को ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ दिए ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके खेत को किस तरह की खाद

की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यूरिया के उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत के मद्देनजर ही बंद पड़े

उर्वरक संयंत्रों को फिर से खोलने पर ताकत लगाई। मोदी ने कहा कि उर्वरक संयंत्र के शिलान्यास के

समय उन्होंने कहा था कि इस कारखाने के कारण, गोरखपुर पूरे क्षेत्र में विकास की धुरी बनकर




उभरेगा। आज यह सच साकार हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह कारखाना राज्य के अनेक

किसानों को पर्याप्त यूरिया तो देगा ही, इससे पूर्वांचल में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर

प्राप्त होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकार्पण स्थल पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि

गोरखपुर के खाद कारखाने की बहुत बड़ी भूमिका देश को यूरिया के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने

में भी होगी। देश के अलग-अलग हिस्सों में बन रहे पांच उर्वरक कारखाने शुरु होने के बाद 60 लाख

टन अतिरिक्त यूरिया देश को मिलेगा। यानि भारत को हजारों करोड़ रुपये विदेश नहीं भोजने होंगे,

भारत का पैसा भारत में ही लगेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में किसानों के सशक्तिकरण का जिक्र करते

हुये कहा, किहमारी सरकार आने से पहले यूपी से सिर्फ 20 करोड़ लीटर इथेनॉल तेल कंपनियों को

भोजा था। आज करीब 100 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्तर प्रदेश के किसान तेल कंपनियों को भोज रहे

हैं।’’

किसानों के लिए किये गये कामों का ब्योरा दिया

गन्ना किसानों के बकाये के भुगतान में तत्परता दिखाने के लिये योगी सरकार की तारीफ करते हुये

मोदी ने कहा पहले की दो सरकारों ने 10 साल में जितना भुगतान गन्ना किसानों को किया था

लगभग उतना योगी जी की सरकार ने अपने साढ़े चार साल में किया है। उन्होंने कहा, किमैं आज

योगी जी सरकार की इस बात के लिए सराहना करूंगा कि उन्होंने गन्ना किसानों के लिए बीते सालों

में अभूतपूर्व काम किया है। गन्ना किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, हाल में 350 रुपए तक बढ़ाया

है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार से पूर्वी उत्तर प्रदेश को होने वाले लाभ के बारे में कहा कि

गोरखपुर में एम्स और आईसीएमआर रिसर्च सेंटर बनने से अब इंसेफेलाइटिस से मुक्ति के

अभियान को और मजबूती मिलेगी। इससे दूसरी संक्रामक बीमारियां, महामारियों के बीच उसके

बचाव में भी यूपी को बहुत मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, किजब मैंने एम्स का शिलान्यास

किया था, तो मैंने कहा था कि हम दिमागी बुखार से इस क्षेत्र को राहत दिलाने के लिए पूरी मेहनत

करेंगे। हमने दिमागी बुखार फैलाने की वजह को दूर करने पर भी काम किया और इसका उपचार भी

किया। आज गोरखपुर और बस्ती डिविजन के 7 जिलों में दिमागी बुखार के मामले करीब 90

प्रतिशत तक कम हो गए हैं।



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