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प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी विवेकानंद की 158वीं जयंती के मौके पर कहा

  • परिवार आधारित राजनीति के खात्मे के लिए आगे आये युवा

  • आज राजनीति में ईमानदार लोगों को भी मौका मिल रहा है

  • उनका भ्रष्टाचार ही आज उन पर बोझ बन गया है

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार एवं

भाई-भतीजा वाद के स्थान पर ईमानदारी एवं प्रदर्शन को जगह मिल रही है। देश के

युवाओं को परिवार आधारित राजनीति को समाप्त करने एवं लोकतांत्रिक परंपराओं की

रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। श्री मोदी ने यहां स्वामी विवेकानंद की 158वीं जयंती पर

के मौके पर संसद के केन्द्रीय कक्ष में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा संसद के

समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए यह आह्वान किया और कहा

कि देश को नयी पीढ़ी को नेतृत्व देने के लिए तैयार होने की आवश्यकता है। इस मौके पर

केन्द्रीय कक्ष में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल

निशंक और केन्द्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री किरेन रिजीजू मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने

कहा, ‘‘पहले देश में ये धारणा बन गई थी कि अगर कोई युवक राजनीति की तरफ रुख

करता था तो घर वाले कहते थे कि बच्चा बिगड़ रहा है। क्योंकि राजनीति का मतलब ही

बन गया था- झगड़ा, फसाद, लूट-खसोट, भ्रष्टाचार। लोग कहते थे कि सब कुछ बदल

सकता है लेकिन सियासत नहीं बदल सकती। लेकिन आज राजनीति में ईमानदार लोगों

को भी मौका मिल रहा है। ईमानदारी एवं प्रदर्शन आज की राजनीति की पहली अनिवार्य

शर्त होती जा रही है। भ्रष्टाचार जिनकी विरासत थी, उनका भ्रष्टाचार ही आज उन पर

बोझ बन गया है। वो लाख कोशिशों के बाद भी इससे उभर नहीं पा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा,

‘‘बीते दिनों में भाई भतीजावाद की राजनीति देखी गयी। यह अभी पूरी तरह से समाप्त

नहीं हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कुछ परिवार बचाने के लिए राजनीति में

अभी भी कुछ लोग हैं जो अपने परिवार की स्थिति को बचाने के लिए ही राजनीति कर रहे

हैं। ऐसे लोगों के लिए ‘मेरा परिवार मेरा हित’ पहले आता है, ‘देश सर्वोपरि’ बाद में। भारत

के युवाओं को इस परिवार आधारित राजनीति को समाप्त करने की जरूरत है। हमारी

लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। युवाओं को संसद में लाया जाना जरूरी

है और हमें अगली पीढ़ी को देश के भविष्य का नेतृत्व देने के लिए तैयार होने की

आवश्यकता है।’’ उन्होंने कहा कि जो समाज संकटों में भी प्रगति के रास्ते बनाना सीख

लेता है, वो समाज अपना भविष्य खुद लिखता है। इसलिए आज भारत और 130 करोड़

भारतवासी अपना उत्तम भविष्य खुद गढ़ रहे हैं।

स्वामी विवेकानंद ने एक और अनमोल उपहार दिया है

श्री मोदी ने देश भर से आये युवाओं को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा

कि इस बार युवा संसद देश की संसद के केन्द्रीय कक्ष में हो रही है। ये केन्द्रीय कक्ष हमारे

संविधान के निर्माण का गवाह है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को देश के

युवाओं के लिए सदा से प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानी स्वामी

विवेकानंद से बहुत प्रभावित थे। जब भी गिरफ्तार किये गये, उन्होंने सदैव स्वामी जी की

कृतियों का अनुसरण किया। तब स्वामी जी की शिक्षाओं का मूल्यांकन हुआ कि वे युवाओं

में राष्ट्रवाद की भावना के संचार के लिए कितनी प्रभावी हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी

विवेकानंद ने एक और अनमोल उपहार दिया है। ये उपहार है, व्यक्तियों के निर्माण का,

संस्थाओं के निर्माण का। लोग स्वामी जी के प्रभाव में आते हैं, संस्थानों का निर्माण करते

हैं, फिर उन संस्थानों से ऐसे लोग निकलते हैं जो स्वामी जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए

नए लोगों को जोड़ते चलते हैं।

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