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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की बैठक में भाग लिया




  • पांच साल में पांच ट्रिलियन इकॉनोमी बनाने का लक्ष्य
  • दूसरी केंद्र सरकार के बाद पहली बैठक
  • कई राज्यों के मुख्यमंत्री हुए इसमें शामिल
  • किसानों की आय दोगुनी करने पर होगा प्रयास

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नीति आयोग की 5वीं बैठक की

अध्यक्षता कर रहे हैं। दूसरी बार सरकार बनाने के बाद मोदी की यह

पहली बैठक है। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह

और नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार समेत लगभग सभी

राज्यों के मुख्यमंत्री, संघ शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, कई

केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हुए भी हिस्सा ले रहे हैं।

राष्ट्रपति भवन में चल रही इस बैठक में रोजगार, कमजोर मानसून जैसे

मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा,

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र को पूरा करने में

नीति आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि, भारत को

2024 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

चुनौतीपूर्ण पर राज्यों के संयुक्त प्रयास से इसे हासिल किया जा सकता है।

राज्य सरकारें निर्यात संवर्द्धन पर ध्यान दें, लोगों की आय और रोजगार के

अवसर बढ़ाने में निर्यात क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। मोदी ने कहा कि

केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता 2022 तक किसानों की दोगुनी आय के

मत्स्य पालन, पशुपालन, बागवानी, फल और सब्जियों पर ध्यान केंद्रित करने की

आवश्यकता है। पीएम किसान, किसान सम्मान, निधि और अन्य किसान केंद्रित

योजनाओं का लाभ समय के भीतर लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नवगठित जल शक्ति मंत्रालय जल प्रबंध के विषय में

एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाने में मदद करेगा।

बैठक में शामिल नहीं हुए कैप्टन, ममता और केसीआर

एक आधिकारिक बयान के अनुसार बैठक के पांच सूत्री एजेंडा में

आकांक्षी जिला कार्यक्रम, कृषि में बदलाव और सुरक्षा संबंधी मुद्दे भी

शामिल हैं। बता दें कि, इस बैठक में ममता बनर्जी, कैप्टन अमरिंदर सिंह

और केसीआर राव शामिल नहीं हुए है। ममता ने मोदी सरकार को

पत्र लिखकर कहा था कि नीति आयोग के पास राज्यों की योजनाओं के

लिए वित्तीय अधिकार नहीं हैं, इसलिए इस बैठक में आना बेकार है।

ममता के मुताबिक, ”दुर्भाग्य से बगैर किसी आकलन और

वित्तीय अधिकारों के योजना आयोग की जगह 2015 में नीति आयोग का

गठन हुआ। इसमें राज्यों की वार्षिक योजनाओं को समर्थन देने

संबंधित अधिकारों का अभाव है। नीति आयोग के साथ मेरा

पिछले साढ़े चार साल का अनुभव है। यह राज्यों की योजनाओं के लिए निराधार है।

राजीव कुमार आयोग के उपाध्यक्ष बने रहेंगे

प्रधानमंत्री ने 6 जून को ही नीति आयोग का पुनर्गठन किया था।

राजीव कुमार आयोग के उपाध्यक्ष बने रहेंगे। इसके अलावा वीके सारस्वत,

वीके पॉल और रमेश चंद को फिर से सदस्य चुना गया। गृह मंत्री अमित शाह

पदेन सदस्य बनाए गए हैं। शाह के अलावा राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण,

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पदेन सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे।

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