रांची की डॉ. भारती कश्यप को ब्रिटिश ओफ्थाल्मिक एक्सीलेंस अवार्ड

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  • वियना के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मिला यह सम्मान

  • वहां के भारतीय राजदूत ने किया सम्मानित

  • अप्रैल में अमेरिका में मिल चुका है सम्मान

संवाददाता

रांची: रांची की प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक को फिर से एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें आस्ट्रिया के वियना में प्रदान किया गया।

वहां की भारतीय राजदूत श्रीमती रेणु पाल ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

22 से 26 सितम्बर,2018  तक आयोजित यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कैटरेक्ट एंड रेफ्राक्टिव सर्जरी के

वार्षिक कांफ्रेंस के दौरान 24 सितम्बर, 2018 को उन्हें ब्रिटिश ओफ्थाल्मिक एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया गया।

यह सम्मान उन्हें झारखंड के दूरदराज एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले

जनजातीय, आदिवासी, गरीब लोगों एवं बच्चों के लिए नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा

एवं ऑपरेशन शिविरों के आयोजन एवं महिलाओं और लडकियों में सर्वाइकल कैंसर एवं एनीमिया की

रोक थाम के लिए पुरे झारखंड में खास करके जनजातिय क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए

अथक प्रयासों के फलस्वरूप उन्हें इस सम्मान से समानित किया गया।

प्रधानमंत्री के साथ चाय पे चर्चा में भी शामिल हुई थीं डॉ भारती

ज्ञातव हो की 18 अप्रैल 2018 को अमेरिकी संस्था सर्विस बियॉन्ड बॉर्डर के द्वारा

डॉ. भारती कश्यप को महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एवं एनीमिया की रोक – थाम के लिए

पूरे झारखंड में खास करके आदिवासी इलाकों में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों के

फलस्वरूप अमेरिका के वाशिंगटन डी.सी. में अंतराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया था।

रांची की नेत्र चिकित्सक को अमेरिका में भी मिला था सम्मान

वियना में आयोजित यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कैटरेक्ट एंड रेफ्राक्टिव सर्जरी की

वार्षिक कांफ्रेंस में न केवल भाग लिया

बल्कि उन्होंने विश्व के कई देशों से आये नेत्र विशेषज्ञों के बीच नेत्र चिकित्सा के जटिल विषयों पर साइंटिफिक पेपर प्रस्तुत किये।

डॉ. भारती कश्यप की साइंटिफिक प्रस्तुति, ब्लेड रहित फेमटो लेजर मोतियाबिंद सर्जरी एवं ट्राई-फोकल फोल्डेबल लेंस और प्री-लोडेड फोल्डेबल लेंस प्रत्यारोपण पर थी।

अपने शोध पत्र में डॉ. भारती कश्यप ने बताया की मोतियाबिंद की सर्जरी में ट्राई-फोकल फोल्डेबल लेंस का प्रत्यारोपण फेमटो लेजर सर्जरी पद्धति के द्वारा करने पर परिणाम ज्यादा अच्छा आता है।

क्योंकि फेमटो लेजर सर्जरी पद्धति में मोतियाबिंद कैप्सूल के आगे के भाग पर पूरी तरह से बीच में 5.0 का छिद्र बनाया जाता है और सटीक सेण्ट्रेशन की वजह से परिणाम अच्छा आता है।

पेन ऑप्टिक्सट्राई-फोकल फोल्डेबल लेंस और सिम्फोनी एक्सटेंडेड विजन लेंस को अन्य मल्टीफोकल लेंसों की तुलना में मध्यवर्ती दृष्टि के लिए ज्यादा कारगर बताया।

रांची की डॉ भारती कश्यप ने कई खास विषयों पर अपनी जानकारी भी रखी

मोतियाबिंद के ऑपरेशन में ट्राई-फोकल फोल्डेबल लेंस के प्रत्यारोपण से दूर, नजदीक एवं मध्यवर्ती दूरी की दृष्टि अच्छी होती है

और इस प्रत्यारोपण के बाद कंप्यूटर पर काम करने एवं नजदीक का काम करने के लिए चश्में की जरूरत नहीं पड़ती

यह लेंस कंप्यूटर पर काम करने वालों, ड्राइविंग करने वालों के लिए बहुत अच्छा है।

इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ कश्यप न प्री-लोडेड फोल्डेबल लेंस के बारे में बताया कि

इस लेंस के इम्प्लांट के समय सर्जरी के दौरान लगाये जाने वाले चिरे पर कोई खिंचाव नहीं आता

जिस की वजह से सर्जरी के बाद सिलिंड्रिकल पॉवर भी नहीं आता है तथा घाव भी जल्द भर जाता है।

इसमें इन्फेक्शन का भी कोई चांस नहीं होता।

इस कांफ्रेंस में विश्व प्रशिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ. रॉबर्ट ओशर सहित

विश्व के हजारों जाने – माने नेत्र चिकित्सकों ने भाग लिया

और मोतियाबिंद सर्जरी पर नवीनतम शोध और तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान किया।

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