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राजधानी रांची में जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की तैयारी पूरी

  • रांची के आम जनजीवन पर कोराना का असर
  • स्टेशन बस स्टैंड सभी दिखे वीरान
  • लोगों ने कर लिए जरूरत के सामानों की खरीदारी

रांची : राजधानी रांची में भी देश के तमाम दूसरे शहरों की तरह कोरोना का असर साफ

तौर पर देखा जा रहा है। पीएम की गुजारिशों पर लोग अमल करने में बिलकुल नहीं कतरा

रहे है। जिसका असर ख़ास तौर पर रांची शहर में शनिवार को देखने को मिला, जहां सड़कें

सुनसान थी और लोगों का जमावड़ा घरों में ज्यादा था। लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही

अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। एक तरह से कोरोना से जंग में इसे एक सकारात्मक

संदेश माना जा रहा है। मीडिया समेत कई दफ्तरों में काम अब घर से ही हो रहा है। दूसरी

तरफ पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर 22 मार्च यानी रविवार की तैयारी को लेकर जरूरत

के सामान खरीदे गये। रविवार को दिन भर घर में क्या करना है उसकी प्लानिंग की हुई।

रांची रेलवे स्टेशन में सन्नाटा

रांची रेलवे स्टेशन का हाल आम दिनों के जैसा नहीं है। जितनी भीड़ रांची स्टेशन पर

अमूमन रहती है उसकी एक चौथाई भीड़ भी रांची स्टेशन पर नहीं दिखी। यात्रियों की

आवाजाही कम होने का असर सबसे ज्यादा स्टेशन के वेंडरों और आस-पास की दुकानों की

कमाई के साथ स्टेशन पर मौजूद कुलियों की कमाई पर पड़ा है। कुलियों का कहना है कि

जहां वो 12 बजे दिन तक तीन-चार सौ रुपये कमा लेते थे। वो सुबह से सौ रुपये तक ही

कमा पाये हैं। रांची स्टेशन के चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर बेसिल तिर्की से प्राप्त जानकारी के

अनुसार लोगों को जागरूकता अभियान के तहत कोरोना से सतर्कता के लिए जानकारियां

दी जा रही है। वहीं कचहरी स्थित सुविधा केंद्र पर राशन को लेकर पब्लिक में ज्यादा मारा-

मारी नहीं दिखी, लोग उतना ही सामान लेकर जा रहे हैं जितनी उन्हें जरूरत हो रही है।

पेट्रोल पंप संचालकों ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि आंशिक रूप से पेट्रोल

की बिक्री पर असर जरूर पड़ा है। पर बहुत ज्यादा गिरावट फिलहाल नहीं दिखायी दी है।

वायरस का संक्रमण रोकने के लिए है कर्फ्यू

कोरोना वायरस से जंग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सुबह सात बजे से रात

नौ बजे तक देशवासियों से जनता कर्फ्यू लगाने का आग्रह किया है। रांची कोरोना को

हराने में जुटी है। वायरस का संक्रमण एक-दूसरे में न हो इसके लिए शहर कर्फ्यू को सफल

बनाने को तैयार है। चैंबर शहरवासियों से अपील कर रहा है कि कर्फ्यू से पहले अफरातफरी

ठीक नहीं। जरूरत की चीजों की खरीदारी के लिए बाजारों और दुकानों में भीड़ का हिस्सा

बनकर हम कोरोना को फैलने का मौका देंगे। इसलिए जैसे कर्फ्यू के पहले धारा-144

लगती है, वैसी ही प्रक्रिया अपनाएं। जनता कर्फ्यू और रविवार होने से लोग शनिवार को

घरेलू सामान खरीदने के लिए बाजार और दुकानों में आपाधापी मची। रविवार को 14 घंटे

तक जनता कर्फ्यू लगेगा। कोरोना के बहाने बाजारों में कालाबाजारी बढ़ गई है।

सेनेटाइजर, हैंड वॉश और अन्य जरूरी दवाओं की मुनाफाखोरी बढ़ गई है।

राजधानी वासियों से अपील-सामानों की जमाखोरी ना करे

चैंबर अध्यक्ष कुणाल आजमानी ने कहा-जरूरी सामान की उपलब्धता कम होने की

आशंका में लोग घरों में सामान जमा कर रहे हैं। यह बिलकुल ही गलत कदम है। जिसके

संदर्भ में पीएम मोदी ने भी 19 तारीख के अपने भाषण में लोगों को चेताया था। जहां पीएम

ने लोगों को मुख्य रूप से कहा था कि खाने पीने की चीजें हर वक़्त लोगों के लिए बाजारों में

अन्य दिनों की भांति उपलब्ध मिलेगी। आजमानी ने कहा राज्य में सभी जरूरी सामान

पर्याप्त हैं। सभी जगह से सप्लाई जारी है। एक-दो नहीं, बल्कि कई महीनों तक भी राज्य

में खाद्यानों की कोई कमी नहीं होगी। ना ही किसी चीज के दाम बढ़ने की संभावना है।

सतर्कता संबंधी मामलों पर गौर करते हुए उन्होंने कहा कि थोड़ा सब्र रखे 150 रुपए में

मिलने वाला सेनिटाइजर चैंबर लोगों को दो दिन बाद सिर्फ 100 रुपए में देगा।

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