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टिड्डी दल के खतरे की आशंका के बीच मध्यप्रदेश में ऐहतियात

भोपालः टिड्डी दल अब राजस्थान की सीमा लांघकर देश के अन्य प्रांतों की तरफ बढ़ रहा

है। पाकिस्तान की सीमा से प्रवेश करने के पहले पाकिस्तान इन्हें नियंत्रित नहीं कर पाया

था। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में लगातार वंशवृद्धि करने के बाद अब टिड्डी दल

अन्य राज्यों की तरफ बढ़ता चला जा रहा है। मध्यप्रदेश के सीमावर्ती कुछ जिलों में टिड्डी

दल के आने की सूचना के बाद प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के किसानों को दिशा निर्देश जारी

किए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि राजस्थान की सीमा से लगे मंदसौर,

नीमच और उज्जैन जिले के कुछ क्षेत्रों में टिड्डी दल के आने की प्रशासनिक जानकारी के

आधार पर बचाव और सतर्कता के लिए निर्देश कृषि विभाग की ओर से जारी किए गए हैं।

इसमें किसानों को सलाह दी गयी है कि वे अपने स्तर पर समूह बनाकर खेतों में रात के

समय निगरानी करें। शाम 7 से 9 बजे के बीच रात्रि विश्राम के लिए कहीं भी बैठ

सकता है, जिसकी पहचान एवं जानकारी के लिए स्थानीय स्तर पर दल का गठन कर

सतत निगरानी की जाए। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि टिड्डी दल का प्रकोप होने पर

तत्काल स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग से संपर्क कर जानकारी दी जाए।

टिड्डी दल को रोकने के लिए किसान टोली बनाकर काम करें

किसान टोली बनाकर विभिन्न तरह के पारंपरिक उपाय जैसे शोर मचाकर, अधिक ध्वनि

वाले यंत्रों को बजाकर या पौधों की डालों से अपने खेत से टिड्डी दलों को भगा सकते हैं।

इसमें कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में शाम को टिड्डी दल का प्रकोप हो गया हो, तो

तड़के 3 बजे से सुबह 6 बजे तक तुरंत अनुशंसित कीटनाशी दवाओं का उचित अनुपात में

पानी मिलाकर छिड़काव किया जाए। टिड्डी दल के आक्रमण के समय यदि कीटनाशी दवा

उपलब्ध नहीं हो तो, ट्रैक्टर चलित पॉवर-स्प्रे के द्वारा तेज बौछार से भी दल को भगाया

जा सकता है। नीमच और मंदसौर जिले में टिड्डी दल के पहुंचने की सूचना के बाद वहां पर

प्रशासन भी अलर्ट हो गया है और किसानों से आवश्यक जानकारी एकत्रित की जा रही है।


 

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