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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 300 का पीपीई किट तो 5 रुपये से कम लागत पर बनाया जा रहा मास्क

  • कोरोना के खिलाफ जंग में सखी मंडल का सरकार ले रही सहयोग
  • किट की लागत 300 रुपये प्रत्येक युनिट है
  • 5 रुपये से कम लागत पर बनाया जा रहा मास्क

रांची : कोरोना संक्रमण से वैश्विक रूप से इतना फ़ेल चुका है कि भारत के विभिन्न राज्यों

में संदिग्धों को पहचानने के लिए स्वास्थ्य कर्मी लोगों के बीच जाकर उनका कोविड-19

हेतु सैंपल इकट्ठा कर रहे हैं। इस क्रम में उनके पास अपनी सुरक्षा के लिए पीपीई किट का

सहारा होता है । पीपीई किट के अधिक से अधिक उपलब्धता बनाने के लिए रांची प्रशासन

द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। इस हेतु सरकार और प्रशासन द्वारा किट बनाने के

लिए आवश्यक सामग्रियों को अरविंद मिल्स, ओरियंट क्राफ्ट एंड आशा इंटरप्राइजेज को

उपलब्ध कराई जा रही है। पीपीई किट दो तरह का बनाया जा रहा है 90 जीएसएम

तर्पाॅलिन प्लास्टिक और 50 जीएसएम एलडीपीई से। 90 जीएसएम तर्पाॅलिन प्लास्टिक से

बने किट को धोने के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है वहीं 50 जीएसएम

एलडीपीई से बने किट का एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता है । यह वातावरण में

आसानी से डिस्पोज भी हो जाता है । अभी इन किटों का रोजाना 100 यूनिट प्रोडक्शन

किया जा रहा है। इसकी आवश्यकता को देखते हुए उत्पादन बढ़ाने की कोशिश की जा रही

है। इसकी लागत 300 रुपये प्रत्येक युनिट है। जमशेदपुर और पाकुड़ में भी इसके 50-50

युनिट भेजे गये है। सरकार द्वारा मास्क बनाने के लिए सखी मंडल की सहायता ली जा

रही है। सखी मंडल द्वारा तैयार मास्क जिसकी मार्केट कीमत 50 रुपये के आसपास है वह

5 रुपये से कम लागत पर बनाया जा रहा और इसे बार-बार सैनीटाइज करके इस्तेमाल

किया जा सकता है। इस तरह के मास्क को 7 रुपये में लोगो को उप्लब्ध कराया जाएगा

और इससे बचे 2 रुपये को इस कार्य में लगी महिलाओं के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा।


 

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