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राजनीति को अब भी मथ रहा है विकास दुबे का एनकाउंटर

  • विधायक अजीत शर्मा ने प्रियंका गांधी की मांग का समर्थन किया

  • साथ ही उन्होंने पुलिस के पूरी तरह बेलगाम होने की बात दोहरायी

  • भाजपा के जिलाध्यक्ष ने कहा अपराधियों को इससे स्पष्ट संदेश गया

दीपक नौरंगी

भागलपुरः राजनीति को अब भी प्रभावित करने की स्थिति में चला गया है कानपुर में आठ

पुलिस वालों को मारने वाले अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर का मामला। सोशल

मीडिया मे लगातार इसके बारे में इतने सारे सवाल उठाये गये हैं कि अब उत्तर प्रदेश की

राजनीति को यह मुद्दा प्रभावित करने लगा है। अच्छी बात यह है कि औपचारिक तौर पर

अब कोई विकास दुबे का महिमा मंडन तो नहीं करता। लेकिन पुलिस के इस कथित फर्जी

एनकाउंटर के दावे को भी लोग स्वीकारने के पक्ष में नहीं हैं। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय खबर ने

भागलपुर के जरिए पूरे हिंदी भाषी इलाके में इस मुद्दे पर चल रही बहस की नब्ज को

पकड़ने की कोशिश की है। इसके पहले भी अपराधियों के साथ मोर्चाबंदी करने वाले

भाजपा नेता दीपक सिंह से राष्ट्रीय खबर ने बात चीत की थी।

भागलपुर के दो बड़े नेताओं से राष्ट्रीय खबर की चर्चा का वीडियो यहां देखें

राजनीति को अब भी प्रभावित कर रहे इस मुद्दे पर हमने भागलपुर के विधायक अजीत

शर्मा और भाजपा के जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय से भी लंबी चर्चा की। भागलपुर के विधायक

श्री शर्मा ने अपनी ही पार्टी की नेता श्रीमती प्रियंका गांधी के उस बयान का समर्थन किया,

जिसमें इस पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा कराये जाने की मांग की गयी

है। श्री शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो कुछ तथ्य सामने आये हैं, उससे संदेह की

कोई गुंजाइश ही नहीं है कि यह पुलिस द्वारा की गयी हत्या है। जाहिर है कि विकास दुबे

अपराधी था और उसने आठ पुलिस वालों की जघन्य हत्या की थी। उसके सरेंडर करने के

बाद इस तरीके से उसकी हत्या की छूट तो भारत का कानून नहीं देता।

अजीत शर्मा ने फिर कहा अब बिहार में शराब बिक्री हो

इसी क्रम में विधायक श्री शर्मा ने फिर से यह कहा कि दरअसल कोरोना के संकट काल में

हर राज्य में पुलिस भी पूरी तरह बेलगाम हो गयी है। लोगों को बिना मास्क के फाइन

करने के बहाने भी पुलिस वाले निजी कमाई कर रहे हैं। इसी सिलसिले में श्री शर्मा ने फिर

से बिहार में शराब के कारोबार का भी मुद्दा उठाया। वह इसके पहले भी बिहार में शराब की

बिक्री चालू करने की मांग सबसे पहले कर चुके हैं। उनकी इस मांग पर राजनीतिक बवाल

भी हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस की बात करें तो पुलिस के संरक्षण में ही बिहार

में शराब का अवैध धंधा चल रहा है। यहां पड़ोसी राज्यों से शराब लायी जा रही है। इससे

उन राज्यों को तो फायदा हो रहा है लेकिन नुकसान सिर्फ बिहार को है। ऊपर से पुलिस

वालों की अधिकांश ऊर्जा भी शराब के कारोबार में ही खर्च हो रही है। इसलिए बिना किसी

झिझक के सरकार को फिर से शराब का कारोबार करने की छूट देने का निर्णय तुरंत लेना

चाहिए।

राजनीति को अब भी मथ रहे पर भाजपा जिलाध्यक्ष की राय

राजनीति को अब भी मथ रहे मुद्दे पर भाजपा के जिला अध्यक्ष रोहित पांडे ने एक मार्के की

बात कही कि इस पूरे प्रकरण में कमसे कम किसी अपराधी का महिमा मंडन नहीं किया

जाना चाहिए। श्री पांडेय ने कहा कि इस कार्रवाई से कमसे कम यह संदेश तो स्पष्ट गया है

कि जघन्य अपराध करने वालों के प्रति सरकार का कठोर रवैया है। इससे अपराध नियंत्रण

में फायदा होगा। वैसे एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कहीं कोई

गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच हो सकती है। देश के कानून में ऐसे प्रावधान है। लेकिन

भाजपा स्पष्ट तौर पर अपने नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीछे इस मजबूती के साथ खड़ी

है। इसमें पार्टी राजनीति के अपराधीकरण और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण देने के

पक्ष में कतई नहीं है


 

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