राहुल गांधी की मण्डी में रैली आज

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शिमला: कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आज मण्डी में रैली होने जा रही है। कांग्रेस ने इस रैली के लिए पूरी ताकत झौंक दी है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दो दिनों से मण्डी में डेरा जमाए बैठे हैं। जबकि हिमाचल प्रभारी सुशील कुमार शिंदे और सह प्रभारी रंजीत रंजन भी मण्डी में पहुंच चुके हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन अक्टूबर को बिलासपुर में हुई रैली के बाद कांग्रेस की यह रैली महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राहुल गांधी की इस रैली के बाद प्रदेश में कांग्रेस के चुनावी अभियान की शुरूआत हो जाएगी।प्रदेश में कभी भी विधानसभा चुनावों की घोषणा हो सकती है। भाजपा और कांग्रेस (दोनों) ने चुनावों की घोषणा से पहले अपने बडे़ नेताओं की चुनावी रैलियां करवा कर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम कर रहे हैं।राहुल गांधी की रैली को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुबह से ही रैली स्थल पर कार्यकर्ताओं का जुटना आरंभ हो गया है। मण्डी जिला के करसोग से आए लेखराम में बताया कि वे रात को ही रैली के लिए आ गए थे।

वे अब राहुल गांधी के आने का इंतजार कर रहे हैं। हिमाचल में नवम्बर माह में होने वाले विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब मंडी में राहुल गांधी की रैली से कांग्रेस विधानसभा चुनाव का शंखनाद करेगी। खास बात यह है कि कांग्रेस ने इस रैली को विकास से विजय का नाम दिया है और इसे सरकारी स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

यह रैली प्रदेश की सतारूढ़ कांग्रेस सरकार की पांच वर्ष की उपलब्धियों के जश्न के रूप में होगी और मुख्यातिथि के रूप में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री से लेकर कैबिनेट मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पदाधिकारी रैली को कामयाब बनाने में जुटे हुए हैं। रैली में प्रदेश भर से भीड़ जुटाकर सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार व संगठन चुनाव से पहले जनता के बीच अपनी छाप छोड़ना चाह रही है।चुनाव अभियान की शुरुआत के लिहाज से राहुल गांधी की इस रैली को अहम माना जा रहा है, क्योंकि विपक्षी भाजपा चुनाव प्रचार में कांग्रेस से काफी आगे निकल गई है।

चुनाव आचार संहिता लगने से पहले ही भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व हिमाचल में कई जनसभाएं कर चुका है। परिवर्तन रथ यात्रा सहित भाजपा द्वारा राज्य में कई छोटे-बड़े चुनाव अभियान चलाए जा चुके हैं।भाजपा संगठन इन दिनों जनसंपर्क अभियान में खूब पसीना बहा रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी का अधिक समय अंतर्कलह में ही गुजरा। पथ यात्रा के अलावा कांग्रेस पार्टी अन्य कोई चुनाव अभियान प्रारंभ नहीं कर पाई है। नेतृत्व के मुद्दे पर सीएम वीरभद्र और पीसीसी चीफ सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बीच खींचतान सार्वजनिक तौर पर उभर कर सामने आई हैं।

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