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महुगांव पुलिस पिकेट में जान पर खेलकर ड्यूटी करने को विवश हैं पुलिसकर्मी

संवाददाता

लापुंग: महुगांव पुलिस पिकेट में तैनात पुलिस कर्मचारी दोहरा संकट झेल रहे हैं। पहला

और सबसे बड़ा संकट उग्रवाद का है। उग्रवादी गतिविधियों की वजह से यहां तैनात

पुलिसवालों को हमेशा सतर्क रहना पड़ता है। इधऱ महुगांव का पुलिस पिकेट भी

पुलिसवालों को डराता है। इस पुलिस पिकेट भवन की बदहाली से पुलिस के जवान खून के

आंसू रोने को विवश हैं।भवन या कंक्रीट गिरने से कभी भी किसी पुलिसकर्मी की जान जा

सकती है।लापुंग प्रखंड के हजारों ग्रामीणों की सुरक्षा में लगे जवानों की सरकार को कोई

चिंता नहीं है।खून के आंसू रो रहे हैं पुलिसकर्मी लेकिन जुबान नहीं खोलते।विवशता ऐसी

कि उन्हें लगता है कि उनके खिलाफ में कहीं कोई विभागीय कार्यवाही ना हो जाए।24 घंटे

ड्यूटी को तैयार रहने वाले पुलिसकर्मी को जर्जर पुराने पंचायत भवन में छत से रिसते

पानी और रह रह कर छत की गिरती कंक्रीट के बीच रहने को विवश हैं।तत्कालीन

मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और स्थानीय विधायक बंधु तिर्की के प्रयासों से यहां पुलिस पिकेट

की स्थापना हुई थी।पुराने पंचायत भवन में 2007 से लगातार चल रहे पुलिस पिकेट की

कभी मरम्मत नहीं हुई और अब हालात ऐसे हैं कि दूसरों की जान बचाने वाले

पुलिसकर्मियों की अपनी ही जान बचाना मुश्किल साबित हो रहा है।चारों ओर टूटे-फूटे

पंचायत भवन की दीवार से लेकर छत तक किसी खंडहर से कम दिखाई नहीं पड़ता।

महुगांव पुलिस पिकेट देखने से खंडहर नजर आता है

पंचायत भवन के बगल में वन विभाग के द्वारा बनाए गए 3 – 4 स्टाफ रूम भी अत्यंत

जर्जर हो गए हैं।इन्हीं कमरों में पुलिसकर्मी रहते हैं लेकिन बारिश में टपकती छत रात में

भी पुलिसकर्मियों को चैन से सोने नहीं देती।पुलिस पिकेट के ऊपर से निगहबानी तो और

भी खतरनाक है।टावर के अभाव में खतरों से खेलते हुए पुलिसकर्मी संतरी के रूप में

पंचायत भवन के जर्जर छत के ऊपर चढ़कर निगरानी करने को विवश हैं।पुलिसकर्मी

आंखों ही आंखों में सवाल करते नजर आते हैं कि आखिर कब तक महुगांव पुलिस पिकेट

का कहीं भवन बनेगा अथवा इसी जानलेवा जर्जर भवन में ड्यूटी करते रहना पड़ेगा ?

फिलहाल पुलिस में एएसआई बलिंदर राम, हवलदार पुनई उरांव, हवलदार प्रेम उरांव,

आरक्षी तुबियस केरकेट्टा, सम्मिलन लुगुन, जूलियस कुजुर के साथ-साथ कई और

पुलिसकर्मी यहां तैनात हैं। लापुंग के थाना प्रभारी जगलाल मुंडा ने कहा कि इस संबंध में

उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा और मांग की जाएगी कि यहां नया पुलिस पिकेट

भवन का निर्माण किया जाय ताकि पुलिसकर्मियों को पिकेट में ड्यूटी करने में कोई

परेशानी ना हो।


 

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