Press "Enter" to skip to content

पुलिस मुख्यालय बिहार में फिर से तबादले की आहट

Spread the love



  • वरीय रैंक के अधिकारियों का पद बदलेगा

  • एडीजी रैंक के दो अधिकारी की चर्चा अधिक

  • लॉकडाउन के दौरान विवादित पत्र की भी चर्चा

  • धमदाहा कांड की रिपोर्टिंग से नाराज हैं कोई अफसर

दीपक नौरंगी

पटनाः पुलिस मुख्यालय में फिर से तबादले की आहट सुनाई पड़ने लगी है। वैसे इस बार




तबादले की यह आहट सीनियर रैंक के अधिकारियों की है। चर्चा के मुताबिक अब पुलिस

मुख्यालय में पदस्थापित एडीजी रैंक के अधिकारियों का तबादला हो सकता है। इसकी

भनक राज्य के उच्चाधिकारियों को पहले से ही है।

वीडियो में देख लीजिए पूरी रिपोर्ट

बताते चलें कि विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद भी राष्ट्रीय खबर ने खासतौर पर

पुलिस अधिकारियो के तबादले की जो रिपोर्ट प्रकाशित की थी, वह सही साबित हुई। इसके

अलावा पुलिस विभाग में अधिकारियों को प्रोन्नति देने का मामला भी जानकारी में आया

था और किस अधिकारी को किन कारणों से प्रोन्नत नहीं किया जाएगा, यह रिपोर्ट भी

प्रकाशित हुई थी। अब पुलिस मुख्यालय में पदस्थ दो एडीजी रैंक के अधिकारियों का

अन्यत्र तबादला किये जाने की चर्चा जोर पकड़ चुकी है। इनमें एडीजी मुख्यालय जीतेंद्र

कुमार सिंह का नाम भी शामिल है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान एक पत्र के जारी होने की

वजह से एडीजी विधि व्यवस्था अमित कुमार भी विवादों में घिर गये थे। हो सकता है कि

उनका भी तबादला अब किया जाए क्योंकि बिहार में राजनीतिक सरगर्मी के केंद्र यानी

मंत्रिमंडल के विस्तार का काम पूरा हो चुका है।




पुलिस मुख्यालय बिहार में धमदाहा रिपोर्टिंग की भी चर्चा

इसी क्रम में इस बात की भी जानकारी मिली है कि पटना के पुलिस मुख्यालय में

पदस्थापित एक वरीय अधिकारी पिछले दिनों राष्ट्रीय खबर में प्रकाशित खबर के प्रकाशन

से भी नाराज हैं। विभागीय सूत्रों ने इस बात की हिदायत दी है कि उक्त अधिकारी की मंशा

किसी भी तरीके से नुकसान पहुंचाने की है। शायद पूर्णिया के धमदाहा कांड की रिपोर्ट

पहली बार और लगातार दिखाये जाने की वजह से यह नाराजगी उपजी है। बताते चलें कि

अभी हाल ही में इस मामले में सीआईडी की पहल पर पुलिस मुख्यालय से थाना प्रभारी के

निलंबन का जो पत्र जारी किया गया है, वह भी विवादों के घेरे में आ गया है। दरअसल इस

पत्र की सबसे बड़ी गड़बड़ी यह पकड़ में आयी है कि कांड के वक्त जो थाना प्रभारी थे उनके

बदले वर्तमान थाना प्रभारी का निलंबन आदेश जारी हो गया है। यूं तो इसे टाईपिंग की

भूल बताया गया है लेकिन इसके पीछे की असली मंशा क्या है, इसका पता चलना मुश्किल

है। इस किस्म के तबादलों की सूची में कनीय संवर्ग के अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं

होती। लिहाजा यह माना जा सकता है कि पूर्णिया के धमदाहा कांड के बारे में बार बार

रिपोर्ट प्रकाशित किये जाने से भी पुलिस मुख्यालय में बैठे किसी उच्चाधिकारी को

परेशानी हो रही है।



More from HomeMore posts in Home »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from राज काजMore posts in राज काज »
More from वीडियोMore posts in वीडियो »

One Comment

Leave a Reply