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कामेश्वर रविदास की हत्या के सिलसिले में पांच गिरफ्तार

  • ग्रामीणों ने तुपुदान ओपी का घेराव किया

संवाददाता

रांचीः कामेश्वर रविदास की हत्या के सिलसिले में पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में

लिया है। उनलोगों को कल रात ही पकड़ा गया था। इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय

ग्रामीणों ने तुपुदाना ओपी का घेराव कर काफी देर तक प्रदर्शन किया। पुलिस सूत्रों के

अनुसार शराब पीने के दौरान आपसी झगड़े में हत्या कर दी गई। मामले में पांच लोगों को

गिरफ्तार किया गया है जिसमें अजीत तिर्की, सावन उरांव, स्टीफन, जगतपाल और भोला

शामिल हैं। छानबीन के दौरान एक महिला समेत एक दर्जन लोगों से पूछताछ की गई थी।

अन्य को पीआर बांड पर छोड़ा गया है। सभी आरोपितों को धुर्वा के सीठियो टीओपी में

रखा गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस बेकसूर लोगों को सिर्फ अपनी गरदन बचाने के लिए पकड़

लायी है। चूंकि मामला लालू प्रसाद के सुरक्षाकर्मी का है इसलिए निर्दोष लोगों को पकड़कर

पुलिस खानापूर्ति कर रही है । मालूम हो कि रिम्स में इलाज करा रहे लालू प्रसाद की सुरक्षा

में तैनात सुरक्षाकर्मी जवान की हत्या 31 जुलाई को हुई थी। एएसआई कामेश्वर रविदास

की हत्या पत्थर से कूचलकर लाश को पास के क्रशर खदान में फेंक दिया गया था। बताया

जाता है कि हत्या के पूर्व आपसी विवाद के बाद घटना को अंजाम दिया गया था।


थाना के घेराव करने वाले ग्रामीण गिरफ्तार युवकों को निर्दोष बता रही ह । तुपुदाना थाने

की पुलिस लोगों को समझा बूझा रही है, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हैं। रांची पुलिस

आज इसका खुलासा कर सकती है। वहीं, गिरफ्त में लिए गए आरोपितों के परिजनों ने

पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाया है। कहा कि पुलिस उन्हेंं तीन दिनों से पूछताछ के

नाम पर थाने में रखी है। अब कहा जा रहा है कि वह सब हत्या में शामिल था। अगर

आरोपी है तो अदालत के सामने पेश करे।

कामेश्वर रविदास की हत्या थाना के करीब ही हुई थी

बीते 31 जुलाई की रात थाने में महज पांच सौ मीटर की दूरी पर कामेश्वर रविदास की

पत्थर से कूचलकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को 100 फीट गहरे पत्थर के

खदान में फेंक दिया। एक अगस्त की सुबह तुपुदाना इलाके के बेरमाद महुआटोली स्थित

पत्थर के गहरे खदान से एएसआइ का शव बरामद किया गया था। पुलिस ने घटनास्थल

खंगालना शुरू किया तब पता चला कि खदान के ऊपर पास में ही स्थित उत्क्रमित

प्राथमिक विद्यालय के बरामदे में एएसआइ की हत्या की गई। इसके बाद स्कूल के

बरामदे में पड़े खून को धोकर साफ कर दिया गया। सुबह से ही वह घूम-घूम कर शराब पी

रहा था। शाम के समय मुर्गा खरीद कर बरामदे में ही एक घर में मुर्गा बनवाया था। शाम

को मुर्गा और शराब लेकर अपने कुछ साथियों के साथ महुआ टोली स्कूल के बरामदे में

बैठकर शराब पी रहा था। सूत्रों के अनुसार आपस मैं तू-तू, मैं-मैं के बाद उसकी पत्थर से

कूचकर हत्या कर दी गई। इसके बाद बगल के ही खदान में लाश को ठिकाने लगा दिया।

मृतक कामेश्वर रविदास की वर्ष 2016 में तुपुदाना ओपी इलाके में टाइगर जवान के रूप में

पोस्टिंग हुई थी। वर्ष 2019 में एएसआइ के पद पर प्रमोशन हुआ था। प्रमोशन के बाद

तुपुदाना थाने में ही ड्यूटी पर था। मार्च के अंतिम सप्ताह में एएसआइ को रिम्स में

इलाजरत लालू यादव की सुरक्षा के लिए रिम्स में प्रतिनियुक्त किया गया था। इस दौरान

एएसआइ का एक कमरा तुपुदाना थाने में ही था। एएसआइ कामेश्वर रविदास बिहार के

नालंदा जिले के राजगीर के पास स्थित सिलाव थाना क्षेत्र के सिरियुपुर गांव के मूल

निवासी थे। वर्ष 2000 में झारखंड पुलिस में इनकी नियुक्ति हुई थी। 2019 में इनका

प्रमोशन एएसआइ के पद पर हो गया था।


 

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