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पुलिस हिरासत में संजय यादव की मौत को बताया गया स्वाभाविक मौत

  • पुलिस मुख्यालय की भागलपुर की घटनाओं पर पैनी नजर

  • स्थानीय जनता इस निष्कर्ष से कतई संतुष्ट नहीं

  • सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है इनदिनों शहर में

  • थाना के बड़ा बाबू प्रमोद साह हुए हैं निलंबित

दीपक नौरंगी

भागलपुर: पुलिस हिरासत में संजय यादव की मौत पर फिर से विवाद की स्थिति उत्पन्न

हो रही है। इन दिनों पता नहीं भागलपुर जिले को किसकी नजर लग गई जिसके कारण

आए दिन छोटे मोटे बड़े अपराध के कारण माहौल तनावपूर्ण बन जाता है। कई कारणों को

लेकर पुलिस मुख्यालय बैठे बड़े पुलिस अधिकारी भी चिंतित दिख रहे है। वरीय पुलिस

अधिकारी और सरकार में बैठे कई आईएएस अधिकारी भागलपुर के कई राजनेता और

समाजसेवी लोगों से इस संबंध में संपर्क बनाए हुए हैं। ऐसी स्थिति के लिए कौन अधिकारी

जिम्मेदार है? या कोई अन्य कारण तो नहीं है।

वीडियो में जानिये जनता की प्रतिक्रिया

सरकारी कर्मी संजय कुमार यादव की बरारी पुलिस की हिरासत में मौत हो गयी। सोमवार

की रात पुलिस हिरासत में उसकी मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने रात भर बरारी थाना को

घेरे रखा। संजय कुमार बांका जिले के कटोरिया में लघु सिंचाई विभाग में बड़ा बाबू के पद

पर कार्यरत थे। घटना के बाद एसएसपी निताशा गुड़िया ने बरारी थानाध्यक्ष प्रमोद साह

को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। घटना की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है सूत्रों

के हवाले यह खबर भी काफी सुर्खियों में है कि राज्य सरकार भागलपुर के इस मामले में

कोई बड़ा निर्णय लेने का मन नहीं बनाया है भले ही इस मामले में राज्य सरकार की काफी

बदनामी हो रही है जिस तरह से पुलिस पर कई तरह से गंभीर आरोप लगे हैं और सरकार

छवि भी कहीं ना कहीं खराब होती दिख रही है ऐसे मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश

कुमार के द्वारा कोई निर्णय नहीं लिए जाने पर भागलपुर की जनता का पुलिस के प्रति

आक्रोश बढ़ता देखा भी सकता है?

पुलिस हिरासत में संजय यादव की मौत के बाद थाना घेरा था

घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गये और बरारी थाना पहुंचकर घेराव किया एवं

पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। संजय के परिजनों ने बताया कि वे

शाम में घर से निकलकर कुछ लोगों से मिलने गये थे। रात लगभग दस बजे जब वे बाइक

से लौटे तो डीएसपी और बरारी थाना प्रभारी ने उन्हें घर से उठा लिया और गले में गमछा

लगाकर उसे घसीटते हुए और पीटते हुए थाना ले गये। थाना में उनकी तबियत बिगड़ी

जिसके बाद पुलिस उन्हें अस्पताल ले गयी जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सोमवार की रात संजय का शव साथ लेकर उग्र लोगों ने थाना के पास विरोध प्रदर्शन शुरू

कर दिया।पुलिस की हिरासत में मौत के बाद संजय यादव के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल

बोर्ड ने किया था। बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में संजय यादव की

नेचुरल डेथ बताई गई है।मामले में यूडी केस दर्ज किया गया है लगता नहीं है कि इस

मामले में अब कहीं भी कुछ होगा क्योंकि पूरी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर ही थी और

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं आया है। सूत्र बताते हैं कि पूरे मामले में पुलिस

मुख्यालय की पैनी नजर है।

पुलिस मुख्यालय ने तमाम घटनाओँ की रिपोर्ट मांगी है

पुलिस मुख्यालय के वरीय अधिकारी एक महीने के दौरान भागलपुर में हुई कई घटनाओं

की समीक्षा रिपोर्ट ही भागलपुर के डीआईजी से मांगे जाने की बात सामने आई है लेकिन

इस मामले में कितनी सच्चाई है कहना मुश्किल है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के

बाद सब कुछ आईने की तरह साफ हो गया है। इस बीच राजद के भागलपुर के पूर्व सांसद

शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने पुलिस हिरासत में संजय कुमार यादव की मौत के मामले

में उनके परिजन से मिले और उनको सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में और

पुलिस की बर्बरता की वजह से ही संजय यादव की मौत हुई है। इसलिए वे इस मामले में

चुप नहीं बैठेंगे।

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