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लौह पुरूष सरदार पटेल को ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ’ पर श्रद्धांजलि देंगे मोदी

नयी दिल्लीः लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल को कल उनकी जयंती पर गुजरात के केवड़िया

में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर जाकर समूचे राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

श्री मोदी इस मौके पर आयोजित एकता दिवस परेड में भी हिस्सा लेंगे और टेकनोलोजी

डिमोन्स्ट्रेशन साइट भी जायेंगें। बाद में वह केवड़िया में सिविल सर्विस के प्रशिक्षुओं के

साथ बातचीत करेंगे। वर्ष 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के

रूप में मनाया जाता है और लोग देश भर में आयोजित एकता दौड़ में हिस्सा लेते हैं।

प्रधानमंत्री ने गत 27 अक्टूबर को मन की बात कार्यक्रम में लोगों से बड़ी संख्या में

एकता दौड़ में हिस्सा लेने और एक भारत श्रेष्ठ भारत के लक्ष्य में साझा होने का

अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा था, ‘‘ साथियो, जैसा कि आप जानते है 2014 से हर साल 31 अक्तूबर

को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन, हमें, अपने देश की एकता,

अखंडता और सुरक्षा की हर कीमत पर रक्षा करने का सन्देश देता है। 31 अक्तूबर

को, हर बार की तरह एकता दौड़ का आयोजन भी किया  जा रहा है।

इसमें समाज के हर वर्ग के, हर तबके के लोग शामिल होंगे।

एकता दौड़ इस बात का प्रतीक है, यह देश एक है। एक दिशा मे चल रहा है

और एक लक्ष्य को प्राप्त करना चाहता है। एक लक्ष्य – एक भारत, श्रेष्ठ भारत ।’’

लौह पुरूष ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधा था

श्री मोदी ने कहा था, ‘‘ मेरे प्यारे देशवासियों, सौह पुरूष कहे जाने वाले सरदार पटेल ने

देश को एकता के सूत्र में बांधा। एकता का ये मंत्र हमारे जीवन में संस्कार की तरह है

और भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में हमें हर स्तर पर, हर डगर पर, हर मोड़ पर,

हर पड़ाव पर, एकता के इस मंत्र को मज़बूती देते रहना चाहिए। देश की एकता और आपसी

सदभावना को सशक्त करने के लिए हमारा समाज हमेशा से बहुत सक्रिय और सतर्क रहा है।

हम अपने आसपास ही देखें तो ऐसे कई उदाहरण मिलेगें जो आपसी सदभाव को बढ़ाने के

लिए निरंतर काम करते रहे हैं, लेकिन, कई बार ऐसा भी होता है कि समाज के प्रयास,

उसका योगदान, स्मृति पटल से बहुत जल्द ओझल हो जाता है।’’

अब तो हर गांव देहात तक में लोग हो रहे हैं एकता दौड़ में शामिल

उन्होंने कहा , ‘‘ पिछले पांच साल में देखा गया है कि न सिर्फ दिल्ली लेकिन हिन्दुस्तान के

सैकड़ों शहरों में, केंद्र शासित प्रदेशों में, राजधानियों में, जिला केन्द्रों में, छोटे-छोटे टियर-

टू-टियर थ्री सिटी में भी बहुत बड़ी मात्रा में पुरुष हो, महिला हो, शहर के लोग हों, गाँव के लोग

हों, बालक हो, नौजवान हो, वृद्ध लोग हों, दिव्यांगजन हो, सब लोग बहुत बड़ी संख्या में

लौह पुरूष को सम्मान देने के लिए आयोजित होने वाले इस महान आयोजन यानी

एकता दौड़ में शामिल हो रहे हैं। ’’ फिट इंडिया के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा था,

‘‘ दौड़ना मन-मस्तिष्क और शरीर सबके लिए फायदेमंद है।

यहाँ तो दौड़ना भी है, फिट इंडिया के भाव को चरितार्थ भी करते हैं, साथ-साथ, एक

भारत -श्रेष्ठ भारत के उद्देश्य से से भी हम जुड़ जाते हैं। इसलिए सिर्फ शरीर नहीं, मन

और संस्कार भारत की एकता के लिए भारत को नई उचाईयों पर पहुँचाने के लिये।’’

उन्होंने कहा कि आप जिस भी शहर में रहते हों, वहाँ, अपने आसपास एकता दौड़ के

बारे में पता कर सकते हैं। इसके लिए एक पोर्टल लांच किया गया है। रनफोरयूनिटी.गोव.इन ।

इस पर देशभर की उन जगहों की जानकारी दी गई है जहाँ पर इस दौड़ का आयोजन होना है ।

उन्होंने उम्मीद जतायी थी कि सब लोग 31 अक्तूबर को ज़रूर दौड़ेगें – भारत की एकता

के लिए और खुद की फिटनेस के लिये भी।

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