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लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच केंद्र सरकार अब सतर्क




  • मोदी ने की कोविड स्थिति की समीक्षा
  • कई केंद्रीय मंत्री भी हुए बैठक में शामिल
  • सारी तैयारियों का फिर से जायजा लिया गया
  • टीकाकरण और जांच पर अधिक बल दिया मोदी ने

नयी दिल्ली: लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में कोविड संक्रमण से उत्पन्न स्थिति और इससे निपटने की तैयारियों तथा भविष्य की रणनीति पर रविवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।




प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉक्टर पी के मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, नागरिक उड्डयन सचिव राजीव बंसल तथा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय कुमार त्रिपाठी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह बैठक कोरोना महामारी का प्रकोप फिर से बढ़ने के बीच बुलायी गयी। पिछले महीने भी मोदी ने कोविड स्थिति और ओमिक्रॉन के मद्देनजर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी। उस वक्त कोरोना संक्रमण की गति ढलान पर थी लेकिन बाद में यह लोगों के गैर जिम्मेदार आचरण की वजह से तेजी से बढ़ती जा रही है।

दूसरी तरफ विमानों से विदेश से आने वालों में से अनेक लोग बी अपने साथ यह संक्रमण न सिर्फ ले आये हैं बल्कि अपने को अलग नहीं रखने की वजह से इसे फैला भी चुके हैं। इसी वजह से केंद्र सरकार ने पहले ही जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और उन्हें हर सुविधा से लैश करने के निर्दश पहले ही दे दिये थे।

लगातार बढ़ते संक्रमण को लेकर पहले ही निर्देश

सूत्रों के अनुसार इस उच्चस्तरीय बैठक में कोविड टीकाकरण, कोरोना महामारी के प्रकोप से निपटने की तैयारी तथा मौजूदा स्थिति का जायजा लिया गया। बैठक में 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों के कोविड टीकाकरण और स्वास्थ्य कर्मियों, कोरोना योद्धाओं तथा वरिष्ठ नागरिक को अतिरिक्त टीका देने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

बच्चों का टीकाकरण तीन जनवरी से आरंभ हो चुका है जबकि पात्र आबादी को अतिरिक्त कोविड टीका कल 10 जनवरी से दिया जाएगा। दो करोड़ से अधिक बच्चों को कोविड टीका दिया जा चुका है। देश में कोविड रोगियों की संख्या पांच लाख 90 हजार 64 हो गयी है।

यह संक्रमित मामलों का 1.66 प्रतिशत है। कोविड के नये रूप ओमिक्रॉन से 27 राज्यों में 3623 व्यक्ति संक्रमित पायें गये हैं जिनमें महाराष्ट्र में सर्वाधिक 1009, दिल्ली में 513 और कर्नाटक में 441 मामले हैं। ओमिक्रॉन के संक्रमण से 1409 व्यक्ति उबर चुके हैं।




इस बीच निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। आयोग ने कहा है कि चुनाव ड्यूटी करने वाले सभी कर्मियों को कोविड का अतिरिक्त टीका दिया जाएगा। इस बारे में भी केंद्र सरकार ने बुस्टर डोज लगाने के लिए भी स्पष्ट नीति का एलान कर दिया है। इसमें साफ कर दिया गया है कि किन लोगों को इसके तहत सबसे पहले और कैसे बुस्टर डोज का टीका लगाया जाएगा।

गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग को कार्यालय आने से मिली छूट

नयी दिल्ली : सरकार ने कोविड महामारी की तीसरी लहर को देखते हुए गर्भवती महिला और दिव्यांग कर्मचारियों को कार्यालय आने से छूट देते हुए घर से काम करने की अनुमति दे दी है। केन्द्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के दिशा-निर्देशों के बारे में जानकारी देते हुए यह खुलासा किया।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला और दिव्यांग कर्मचारियों को कार्यालय आने से छूट दी गई है हालांकि, उन्हें उपलब्ध रहने और घर से काम करने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन (रोकथाम क्षेत्र) में रहने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारियों को भी उस समय तक कार्यालय आने से छूट रहेगी, जब तक उनके क्षेत्र को अधिसूचित क्षेत्र से बाहर नहीं किया जाता।

उन्होंने बताया कि अवर सचिव पद के स्तर से नीचे के सरकारी कर्मियों की उपस्थिति वास्तविक संख्या के 50 फीसदी तक सीमित कर दी गई है और बाकी 50 फीसदी घर से काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों में इसके अनुरूप कार्यसूची तैयार की जाएगी।

सरकारी कर्मचारी हमेशा संपर्क में बने रहें

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी या कर्मचारी कार्यालय नहीं आ रहे हैं और घर से काम कर रहे हैं, वे हर समय टेलीफोन और संचार के अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए उपलब्ध रहेंगे। डा सिंह ने कहा कि कोविड-19 विषाणु के संक्रमण की तेजी को देखते हुए सभी को यह सलाह दी गयी है कि यथासंभव आधिकारिक बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए ही की जाएं और जब तक बहुत जरूरी न हो, आगंतुकों के साथ व्यक्तिगत बैठकों से बचना चाहिए।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कार्यालय परिसर में अधिक भीड़ से बचने के लिए अधिकारी/कर्मचारी अलग-अलग समय का पालन करेंगे। यानी (क) सुबह नौ बजे से शाम साढे पांच बजे तक और (बी) सुबह दस बजे से शाम साढे छह बजे तक। इस बीच, डीओपीटी ने सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को कोविड-उपयुक्त व्यवहार का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है।

इसके तहत बार-बार हाथ धोना, फेस मास्क पहनना और हर समय शारीरिक दूरी का पालन करना शामिल है। कार्यस्थल की विशेष रूप से बार-बार स्पर्श की जाने वाली सतहों की पर्याप्त सफाई और सेनिटाइजेशन को भी सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ये निर्देश 31 जनवरी तक प्रभावी रहेंगे। हालांकि, इस दौरान समय-समय पर इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी और स्थिति को देखते हुए इसके अनुरूप दिशा-निर्देशों को संशोधित किया जा सकता है।



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