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पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की नाकाम कोशिश

  • भारतीय सेना की सतर्कता से चौक गयी चीनी सेना

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की एक और कोशिश की थी। इसे भी

भारतीय सेना ने विफल कर दिया है। पीएलए ने अरुणाचल में एलएसी से 20 किलोमीटर

दूरी पर अपनी सेना का मूवमेंट बढ़ा दिया है। यहां के बर्फीले इलाकों में भी सैन्य ठिकाने

बना लिए हैं। भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस मूवमेंट पर करीब से नजर रख

रही हैं। यहां पर सेना की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। तेजपुर स्थित 4 कोर मुख्यालय के

भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि लद्दाख में मात खाने के बाद पीएलए नए इलाकों में

घुसपैठ की कोशिश कर सकती है इसलिए लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक चीन के साथ

लगे सभी सेक्टरों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। लद्दाख में प्योंगोंग के आसपास

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर घुसपैठ की कोशिश के बाद पीएलए को करंट लग

गया है। भारतीय सेना के जवानों ने न केवल इस क्षेत्र में चीनी सैनिकों की घुसपैठ को

नाकाम कर दिया, बल्कि उन्हें मुंह तोड़ जवाब दिया। नतीजतन, अब चीनी सेना भारत के

साथ सीमा के अन्य हिस्सों में विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है। चीनी सैनिकों ने

अरुणाचल के आसफिला क्षेत्र, टुटिंग एक्सिस और फिश टेल में हलचल मचा दी है।

भारतीय सेना के आधिकारिक सूत्रों ने आज तेजपुर में कहा कि कुछ दिन पहले चीनी

सैनिकों ने इस क्षेत्र में घुसपैठ की बड़ी योजना बनाई थी। भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना

पर गोलीबारी की और उन्हें पीछे धकेल दिया। वर्तमान स्थिति यह है कि चीन ने इस क्षेत्र

में किरकिरी के बावजूद अपनी सेना की एक बड़ी सांद्रता रखी है। दूसरी ओर, भारतीय

सैनिक अब फ्री हैंड स्टाइल में जवाब दे रहे हैं। यानी अगर पीएलए के सैनिक हथियारों के

साथ चलते हैं, तो उन्हें हथियारों के बल पर रोका जाता है।

पीएलए को उन्हीं की भाषा में जबाव दे रही है भारतीय सेना

सेना के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा, सीमावर्ती सिक्किम और हिमाचल

प्रदेश के कुछ हिस्सों से विवाद की खबर हैं। घुसपैठ की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त

भारतीय सैन्य बलों को लद्दाख से अरुणाचल सेक्टर तक चीन के साथ सीमा पर तैनात

किया गया है। पैंगोंग में गोलीबारी की घटना के बाद, अन्य क्षेत्रों में चीनी सैनिकों के साहस

का जवाब गोली से दिया जा रहा है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, चीनी सेना अभी भी लद्दाख में

पैंगोंग झील के आसपास खड़ी है। हालांकि वह एलएसी से परे है।लेह में तैनात एक

अधिकारी के अनुसार हम अपनी रणनीति का खुलासा नहीं कर सकते। इतना तय है कि

गलवां जैसी घटना अब कभी नहीं होगी। वह एक धोखा था, इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा

जा सकता। हालांकि भारतीय सैनिकों की बहादुरी, चीनी फौज गलवां में भी अच्छे से देख

चुकी थी।

तभी से भारतीय सेना हर तरह के हथियार एवं दूसरे उपकरणों से लैस है। हमारे जांबाजों

की कड़ी जवाबी कार्रवाई का नतीजा है कि अब चीन की ओर से पत्थर नहीं बरसाए जा रहे।

वे जानते हैं कि अब भारतीय सैनिक पत्थरों का जवाब कैसे देते हैं। इससे पहले एक नहीं,

बल्कि दर्जनों ऐसे मौके आए हैं, जब चीनी फौज बिना किसी वजह के पत्थर फेंकती रही है।

कई ऊंची चोटियों पर अब भारत मजबूत स्थिति में

पैंगोंग, गलवां और चुशुल जैसे इलाकों में अब भारतीय सैनिक मजबूत स्थिति में हैं। चीन

की सोच है कि सर्दियों में एक साथ कई इलाकों में भारत को उकसाया जाए। अधिकारी के

अनुसार, हालांकि सर्दियों में हमारे सैनिक चीन के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में

हैं। उनके सैनिक तैनात रहते हैं, मगर शारीरिक दम की बात करें तो वे हमारे जवानों के

सामने कहीं नहीं टिकते।

अब चीन का प्रयास है कि भारत के साथ लगती सीमा के विभिन्न इलाकों में घुसपैठ कर

दुस्साहस किया जाए। सिक्किम, अरुणाचल, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में अब जिन

सैनिकों की तैनाती हुई है, वे युद्ध की अलग अलग विद्याओं के जानकार हैं। अधिकारी का

कहना है कि ये नहीं कहा जा सकता, फायरिंग कब और कहां होगी।तेजपुर स्थित 4 कोर

मुख्यालय के भारतीय सेना के सूत्रों ने कहा वर्तमान में भारतीय सैनिक जिस तरीके से

चीन को करारा जवाब दे रहे हैं, वह उनके सैनिकों का उत्साह तोड़ने वाला है। हम जानते हैं

कि चीन अब किन इलाकों में विवाद पैदा करेगा, लेकिन वह मुंह की खाएगा, यह तय है।

सूत्रों के मुताबिक, अरुणाचल सेक्टर में भारतीय सेना असाफिला एरिया, तूतिंग एक्सिस

और फिश टेल से लगी सीमा के पार चीनी सेना के मूवमेंट की कड़ी निगरानी कर रही है।

पिछले कुछ दिनों से एलएसी से कुछ किलोमीटर दूर गहराई वाले इलाकों में चीनी सेना

अपनी बनाई सड़कों पर ही मूवमेंट बढ़ा रही है। इसे देखते हुए भारतीय सेना भी एलएसी के

सारे सेक्टर में खुद को मजबूत करने लगी हुई है।

सीमा के सभी सेक्टरों पर सेना की सतर्कता

दूसरी ओर, चीनी सेना को पेट्रोलिंग के दौरान एलएसी में अरुणाचल प्रदेश चीन बॉर्डर के

पास चीन की सेना दिन रात हथियारों और हथियारों के साथ दिखावा करती रही है। तेजपुर

में 4 कोर मुख्यालय में भारतीय सेना के सूत्रों ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ने के

साथ ही चीन ने भूटान के डोकलाम क्षेत्र और एलएसी में अरुणाचल प्रदेश चीन बॉर्डर के

करीब स्थित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स के आधार ल्हासा गोंगगर हवाई अड्डे पर

बुनियादी ढांचे को काफी उन्नत किया है। सामरिक रूप से स्थित इस एयरबेस पर उपग्रह

से ली गई तस्वीरों से पता चलता है कि चीनी ने इसे अपग्रेड किया है और नए विमान

आश्रयों का निर्माण किया है। उन्नत एयरबेस पर पहले की तुलना में अधिक लड़ाकू जेट

खड़े किए जा सकते हैं, जो दुश्मन के मिसाइलों और बमों से अपने लड़ाकू विमानों की रक्षा

करेंगे।

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