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पिठौरिया के ग्रामीणों से वज्रकीट को वन विभाग को सौंपा

रांचीः पिठौरिया थाना क्षेत्र के जिदु गांव में बीते रात ग्रामीणों ने वज्रकिट जीव पकड़ा और

सुबह जब फारेस्ट विभाग के रेंजर शेखर तिग्गा को फोन पर सूचना दी, लेकिन रेंजर शेखर

तिग्गा ने ग्रामीणों को फारेस्ट विभाग के कार्यालय जीव को पहुंचाने की बात कर रहे है।

उन्होंने कहा कि 1 घण्टा के अंदर ग्रामीण जीव को पहुचाए नही तो केस करेंगे। जबकि

ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के अधिकारी खुद आ कर जीव को ले जाए। ग्राम प्रधान

रामकिशोर उरांव और ग्रामीणों के द्वारा जीव को वन विभाग के प्रतिनिधि को सौपा गया।

दूसरी तरफ वन विभाग का आरोप है कि वज्रकिट मिलने की सूचना वन विभाग को मिली

थी जिसके बाद वन विभाग की टीम गांव पर पहुंची लेकिन वन्य जीव को स्थानीय लोगों

के द्वारा छुपा दिया गया था। वन विभाग की टीम के द्वारा लगातार कोशिश करने के बाद

में जब वन्यजीवों नहीं मिला तो ग्रामीण में से दो युवक अर्जुन उरांव, सुरेश उरांव को वन

विभाग के टीम के द्वारा उठाकर कांके स्थित वन विभाग कार्यालय लाया गया। सुबह

वन्य जीव का रेस्क्यू हो जाने के बाद कांके वन विभाग कार्यालय से रेंजर चंद्रशेखर आजाद

के द्वारा गांव के लोगों को सही सलामत दोनों युवकों को सौंप दिया गया, साथ ही ग्रामीणों

से आग्रह किया गया कि इस तरह की कोई भी विचित्र जीव जंतु में ले तो तत्काल वन

विभाग को तुरंत इसकी सूचना दें

पिठौरिया इलाके में पहले भी पाये गये हैं वज्रकीट

लोग बताते हैं कि इस  किस्म का प्राणी पहले भी इस गांव अथवा आस पास के इलाकों में

पाया गया है। उम्रदराज ग्रामीणों को इस  जंगली जानवर के बारे में पहले से जानकारी

होती है। लेकिन नई पीढ़ी के लोगों के लिए यह वज्रकीट किसी अजूबा से कम नहीं है। फिर

भी ग्रामीण इलाकों में पहले से ही पर्यावरण संरक्षण एक सामाजिक आदत में शामिल हैं।

हाल के कोरोना काल में यह आदत और विकसित हुई है।


 

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