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हवा के चक्कर में ठहर रही है आपात सेवाएं

  • पेट्रोल पंप पर मुफ्त सेवाएं की गई बंद
  • मीडिया कर्मी सहित कई अन्य वाहन चालक भी परेशान
  • टाइर पंचर या वाहन खराब होना मतलब कामकाज ठप
अमित कुमार वर्मा

रांची : हवा के महत्व का नज़राना रांची में जरूरी सेवा वाहनों को झेलना पड़ रहा है। जहां

एक लॉकडाउन के कारण शहर के रास्ते सन्नाटे हुए पड़े है, सिर्फ जरूरी सेवाएं ही चलाई जा

रही है। उन जरूरी सेवाओं पर हवा रुकावट बनकर खड़ी हो रही है। ज्ञात हो कि पूरे

भारतवर्ष में पिछले चार दिनों से लॉकडाउन जारी है, ऐसे में सिर्फ जरूरी सेवाएं सिर्फ कार्य

कर रही है। हालांकि सरकार के आदेश पर अत्याधिक आवश्यकता होने पर लोग बाहर भी

निकल रहे है। चूंकि बिना वाहन के कार्य को सुचारु ढंग से कर पाना आसान नहीं है, जिसके

लिए पेट्रोल पम्प खुले हुए है। पर सिर्फ पेट्रोल डीजल भरवाने से वाहनों का चलना मुश्किल

हो रहा है क्यूंकी वाहनों के चक्कों में हवा की कमी, कोई तकनीकी खराबी, पंचर जैसी कई

अन्य मुश्किलों का सामना भी लोगों को करना पड़ रहा है। जो सभी जरूरी व्यवस्था के

रास्ते का रोड़ा बन रहा है। इसमें शामिल मीडिया कर्मियों की भी वाहनें है जो वाहनों में हवा

न होने के साथ-साथ ऑटो का परिचालन बंद होने से मुश्किलों से अपने कार्यस्थल तक

पहुँच पा रहे है। और कई लोग बिना हवा के भी मजबूरन वाहनों का इस्तेमाल जारी रखे है

जिससे पंचर व चक्कें, ट्यूब खराब हो रहे है और न चाहते हुए भी वाहन का उपयोग

लॉकडाउन की स्थिति में पूर्णत: बंद करना पड़ रहा है।

नि:शुल्क हवा व्यवस्था पर पंप संचालकों की सफाई

रांची शहर के 2-3 पेट्रोल पंपो पर अबतक वाहनों में मुफ्त हवा भरे जाते रहे है जिससे लोगों

को कभी कोई बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा है। पर कोरोना के कारण

के इस वक़्त जो हालत चल रहे है जहां सभी दुकाने बंद हुई पड़ी है, जिसमे पेट्रोल पम्प वाले

भी कंप्रेसर खराब व अन्य तकनीकी कारणों का उल्लेख करते हुए मुफ्त हवा सेवा देने से

अपना पल्ला झाड़ ले रहे है। हालांकि यह भी कहना गलत नहीं है कि तकनीकी कारणों के

कारण हो सकता है हवा मशीनों में खराबी होगी।

हवा की दिक्कत दे रही हादसों को दस्तक

कई मीडिया कर्मी व जरूरी सेवाओं को चलाने में महिलाओंलड़कियों का भी सहयोग

जारी है, जो वाहनों में हवा नहीं होने से हो रही परेशानियों के कारण सुनसान सड़कों पर

कई बार अकेले पैदल चलने को मजबूर हो जा रही है। जो सुरक्षा के नज़रिये से सही नहीं है

और कोई भी अनचाही  हादसों को दस्तक दे सकती है। हालांकि पुलिस की गाड़ियां

लगातार शहर के चक्कर लगा रही है जिससे किसी तरह की उपद्रव नहीं हो रही पर

सुनसान रास्ते डर व विभिन्न तरह की परेशानियों की परछाई बनकर खड़ी है।

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