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मध्यरात्रि के बाद भी लोगों की मदद के लिए मुस्तैद पटना पुलिस

  • पुलिस के प्रति आम आदमी की धारणा विपरीत

  • इतनी रात गये भी लोगों को रास्ता बताने का काम

  • आने जाने वालों की निगरानी के अलावा भी मददगार

  • हर व्यक्ति पर नजर और मदद को तैयार खड़ी मिले पुलिसवाले

दीपक नौरंगी

पटनाः मध्यरात्रि के बाद आम धारणा है कि पुलिस का चेहरा ही बदल जाया करता है।

लेकिन कोरोना काल के दौरान पूरे देश में पुलिस का चेहरा काफी मानवीय नजर आया है।

इसकी जांच में फिर से इस बात की पुष्टि हो गयी कि पटना पुलिस मध्यरात्रि के बाद भी

लोगों की सेवा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क ही रहती है।

देखें इसकी वीडियो रिपोर्ट

पटना जंक्शन के बाहर अचानक ही इसका परीक्षण किया गया था। पटना रेलवे स्टेशन के

बाहर मध्यरात्रि के बाद भी पुलिस मुस्तैद हो, इसका पूर्वानुमान नही था। लेकिन स्टेशन

के बाहर लोगों की जांच करते नजर आने वाले पुलिस वालों को देखकर यह पता चला कि

पटना की पुलिस इस मामले में अब भी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन कर

रही है। वरना इससे पूर्व की आम धारणा ठीक उसके उलट ही थी। आम जनता वैसे भी रात

के अंधेरे में पुलिस से दूरी बनाकर क्यों चलना चाहती है, यह जगजाहिर है। आम तौर पर

इस मध्यरात्रि के वक्त अक्सर ही पुलिस का चेहरा दमनकारी के तौर पर ही लोगों की

जेहन में आता है।

मध्यरात्रि के बाद क्या कोरोना में भी पुलिस का चेहरा बदला था

कोरोना संकट के दौरान जब लॉकडाउन लगा तो आम जनता के साथ साथ पुलिस को भी

अपनी बदली हुई भूमिका को समझने में चंद दिन लगे थे। खुद कई पुलिस अधिकारी भी

इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि इस किस्म की बंदी के दौरान पुलिस वालों को भी

अपनी पूर्व ट्रेनिंग के आधार पर कर्फ्यू जैसी कड़ाई करने की आदत थी। लेकिन जल्द ही

पुलिस के लोग भी इस बात को समझ गये कि जिस परिस्थिति से इस बार उनका पाला

पड़ा है, उसके बारे में कोई प्रशिक्षण उन्हें पूर्व में नहीं दिया गया था। लिहाजा अपनी

बुद्धिमत्ता और विवेक के आधार पर उन्होंने अपनी कार्यशैली में भी बदलाव किया।

मध्यरात्रि के बाद पटना स्टेशन पहुंचने वाले किसी भी व्यक्ति ने अगर पुलिस से कोई

जानकारी मांगी, तो उसे विस्तार से उसकी जानकारी दी जा रही थी। किसी खास स्थान

तक पहुंचने के बारे में पुलिसवाले लोगों की मदद के लिए तैयार थे। इसी परख के दौरान

यह भी नजर आया कि किसी माध्यम से अपने गंतव्य तक जाने वाले वाहन के चालक को

भी पुलिस वाले आसान मार्ग बताते हुए उनका मार्गदर्शन करते पाये गये। कुल मिलाकर

मध्यरात्रि के बाद पटना पुलिस का यह चेहरा संवेदनशील नजर आया।

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