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पार्टी के आदेश की अवहेलना से रायबरेली में कांग्रेस के लिये संकट

लखनऊः पार्टी के आदेश की अवहेलना कर विधायक अदिति सिंह ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के कल दिन में 11 बजे से शुरू हुये 36 घंटे के सत्र में

रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने पार्टी के आदेश के बावजूद अपनी मौजूदगी दर्ज करा कर अध्यक्ष

सोनिया गांधी के लिये परेशानी खड़ी कर दी।

विधानसभा के आज रात 11 बजे तक चलने वाले सत्र का समाजवादी पार्टी,बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने बहिष्कार किया है।

लेकिन कल रात सदन में आ कर कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने पार्टी के नेताओं समेत सत्ता पक्ष को भी चौंका दिया।

रायबरेली सीट से लोकसभा चुनाव में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की जीत में अदिति सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।

सोनियां गांधी के इलाके में यही एक सीट कांग्रेस की है

उनके पिता अखिलेश सिंह भी रायबरेली सीट से विधायक रहे थे।

अखिलेश सिंह ने बाद में अपनी सीट बेटी अदिति को दे दी।

विधानसभा के पिछले चुनाव में रायबरेली की पांच सीटों में कांग्रेस बस यही सीट जीत पाने में कामयाब रही थी।

अखिलेश सिंह जब कांग्रेस से अलग भी हुये थे ,तब भी निर्दलीय के रूप में उन्होंने रायबरेली सीट से

विधानसभा का चुनाव जीता था। सदन में अदिति सिंह ने कहा कि वो जानती हैं कि क्या कर रही हैं।

वो एक पढ़ी लिखी महिला है और सब कुछ समझ कर ही कर रही हैं।

पार्टी लाईन से अलग होकर ही उन्होंने जम्मू कश्मीर सें धारा 370 हटाये जाने का समर्थन किया था

क्योंकि वो देश के हित में है।

अदिति ने जिला पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव,हर गांव में आवास, हर घर में शौचालय

और किसानों के हित में किये जा रहे काम के लिये योगी सरकार की तारीफ की और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

बहिष्कार के बाद भी उनकी मौजूदगी पर सवाल होगा इसलिये उन्होंने सदन में ही इसका जवाब भी दिया

और कहा कि दलगत भावना से ऊपर उठकर महात्मा गांधी के सम्मान में बोल रही हूं।

पार्टी से अलग हटने के लिए महात्मा गांधी के प्रति सम्मान का उल्लेख किया

पढ़ी लिखी विधायक हूं ,मुझे लगा कि विकास की बात हो रही है तो मुझे यहां होना चाहिये।

राजनीतिक विश्लेषक इसे अदिति के भारतीय जनता पार्टी के साथ उनकी करीबी के तौर पर ही देख रहे हैं।

अदिति यदि भाजपा के करीब जाती हैं या सत्ता पक्ष में शामिल होती हैं तो यह अध्यक्ष

सोनिया गांधी के लिये रायबरेली में बड़ा झटका होगा।

अदिति सिंह ने खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई के सवाल पर पार्टी विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि अभी कोई जल्दबाजी नहीं है।

दरअसल उत्तर प्रदेश कांग्रेस में अभी इनती हिम्मत नहीं कि वो अदिति सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई करे।

उन्हें पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी का करीबी माना जाता है।

लेकिन उनका भाजपा के करीब जाना रायबरेली में सोनिया गांधी के लिये बड़ा झटका साबित हो सकता है।

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