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संसद में आज का दिन भी दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे का रहा




विरोध के बाद भी चुनाव सुधार बिल पारित
चुनाव में सीधा हस्तक्षेप कर रही है सरकार
मतदान देश के नागरिकों का अधिकार है
गैर नागरिकों को भी वोटर बनाया गलत

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संसद के दोनों सदनों में आज विपक्ष का हंगामा जारी रहा। लेकिन इसके बीच ही विपक्षी सांसदों के विरोध के बाद भी चुनाव सुधार कानून के बिल को पारित कर दिया गया। इसके तहत आधार कार्ड को वोटर आईडी के जोड़ने की यह प्रक्रिया वैसे लोगों को भी मतदान में भाग लेने का मौका दे देगी, जो दरअसल देश के नागरिक नहीं है।




केंद्र सरकार पहले से ही अपनी पहल की वजह से अपने ही देश के अनेक नागरिकों को विदेशी घोषित कर अब नुकसान की भरपाई के लिए आनन फानन में गलत फैसले ले रही है। आज इस मुद्दे पर विपक्ष ने जबर्दस्त तरीके से विरोध किया। इसके तहत गैर नागरिकों को भी चुनाव का मौका देने की सरकार की चाल से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है, यह बात भी कही गयी।

इस नियम के तहत आधार कार्ड को वोटर आईडी के जोड़ने का प्रावधान किया गया है। विपक्ष ने कहा कि आधार कार्ड सिर्फ किसी जगह के निवास का प्रमाणपत्र है, इससे देश की नागरिकता नहीं मिल जाती है। अगर सरकार वोटरों से आधार कार्ड मांगती है तो वह दस्तावेज सिर्फ यही दर्शाता है कि आप कहां रहते हैं।

इसमें देश के नागरिक होने का कोई प्रमाण नहीं मिल जाता है। सांसदों ने कहा कि पहले भी अनेक अवसरों पर इस बात के प्रमाण मिले हैं कि भ्रष्टाचार की वजह से दूसरे देशों के नागरिकों और आतंकवादियों ने भी अपने नाम के आधार कार्ड बना लिये थे। इसलिए सीएए और एनआरसी की चाल उल्टी पड़ जाने के बाद अब केंद्र सरकार इसके लिए सिर्फ अपना वोट बैंक बिगड़ने के बचाना चाहती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।




संसद में विपक्ष का आरोप केंद्र सरकार पर

कांग्रेसी सांसद शशि थरूर ने कहा कि इसके जरिए सरकार गैर नागरिकों को भी मतदान का अधिकार देने जा रही है, जो गलत है। कांग्रेस के ही सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि मतदान एक संवैधानिक अधिकार है। आधार से वोटर आईडी को जोड़कर वैसे लोगों को यह अधिकार देने की कोशिश हो रही है, जो दरअसल में देश के नागरिक नहीं हैं और नागरिक नहीं होने की वजह से उन्हें मतदान का संवैधानिक अधिकार भी प्राप्त नहीं है।

तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय ने कहा कि आधार कार्ड भी सरकार द्वारा ही जारी किये गये है। इसलिए ऐसा समझा जा सकता है कि अब सरकार खुलकर देशकी चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना चाहती है। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार फर्जी मतदान को रोकना चाहती है।

इसलिए विपक्ष को इस अच्छे प्रयास का समर्थन करना चाहिए। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओबैसी ने कहा कि आधार कार्ड को वोटर आईडी से जोड़ना एक बहुत बड़ी गलती है। इससे देश में लोकतंत्र कमजोर होगा और असली नागरिकों के अधिकारों को हनन होगा। पहले से ही यह पता है कि आधार कार्ड में आठ प्रतिशत लोगों के रिकार्ड गलत हैं और मतदाता सूची में भी तीन से चार प्रतिशत की गड़बड़ी है। ऐसे में देश के वैसे नागरिक भी मताधिकार से वंचित हो जाएंगे, जो इस गड़बड़ी के शिकार होंगे।



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