पार्कर सोलर प्रोब ने बना दिया नया रिकार्ड सूर्य के सबसे करीब पहुंचा

पार्कर सोलर प्रोब ने बना दिया नया रिकार्ड
  • पहले भेजे गये हेलियोस 2 का रिकार्ड तोड़ा

  • चक्कर काटता हुआ आगे बढ़ रहा यह यान

  • साल 2024 में सूर्य के सबसे करीब पहुंचेगा

प्रतिनिधि



नईदिल्लीः पार्कर सोलर प्रोब ने नया रिकार्ड कायम करने में सफलता पायी है।

वह मानव निर्मित पहला अंतरिक्ष यान है जो सूर्य के इतने करीब पहुंचा है।

नासा द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक यह यान अब सूर्य के सतह से करीब 2 करोड़ 65 लाख 50 हजार लाख मील की दूरी पर है।

इसके पूर्व अमेरिका और जर्मनी द्वारा संयुक्त रुप से छोड़े गये अंतरिक्ष यान हेलियोस 2 ने वर्ष 1976 में इससे कम की दूरी तय की थी।

इस लिहाज से नासा का यह वर्तमान यान नया रिकार्ड बनाने में कामयाब रहा है।

पार्कर यान का वीडियो देखें और पढ़े पहले की रिपोर्ट

नासा की घोषणा के मुताबिक गत 29 अक्टूबर को रात करीब एक बजे यह यान सूर्य से इस दूरी पर था।

यह यान दरअसल कई धुरियों में चक्कर काटता हुआ सूर्य की तरफ आगे बढ़ रहा है।

अभियान अब तक पूरी तरह सफल रहा है।

इसी यान ने हाल ही में शुक्र ग्रह के पास से अपने ऊपर स्थापित एक कैमरे से पृथ्वी की तस्वीर भी दुनिया को उपलब्ध करायी थी।

इतनी दूरी से पृथ्वी का ऐसा चित्र भी पहली बार लिया जा सका था, जिसमें पृथ्वी के बगल में चांद भी नजर आ रहा था।

वैसे नासा के वैज्ञानिक इस यान द्वारा एक और रिकार्ड बनाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

पूर्व में छोड़ा गया यान हेलियोस 2 ने अंतरिक्ष में चक्कर काटते हुए

दो लाख 46 हजार 960 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हासिल की थी।

समझा जा रहा है कि पार्कर प्रोब का सब कुछ सही रहने पर यह यान भी उससे अधिक गति को हासिल कर लेगा

क्योंकि यह सूर्य के और करीब पहुंचने वाला है।

पार्कर सोलर प्रोब कल सूर्य के और करीब होगा

वैज्ञानिक यह मान रहे हैं कि कल यानी 31 अक्टूबर को यह यान सूर्य के और करीब पहुंचेगा।

जिसके बाद इसकी गति में और बढ़ोत्तरी होगी।

इस यान को सूर्य के अध्ययन के लिए ही इसी वर्ष के प्रारंभ में भेजा गया है।

यह यान सूर्य के केंद्र और बाहरी स्थितियों का अध्ययन करेगा।

दरअसल पृथ्वी पर वैज्ञानिक सूर्य पर उत्पन्न होने वाले सौर आंधियों की वजह

और उससे होने वाले विकिरणों का अध्ययन करना चाहते हैं।

अब तक यह समझा गया है कि इन्हीं सूर्य के अंदर की इन्हीं आंधियों की वजह से

पृथ्वी तक उसका प्रभाव बढ़ रहा है, जो बाद में खतरनाक भी हो सकता है।

इस क्रम में इस यान को वहां के आंकड़े एकत्रित कर पृथ्वी तक भेजने के लिए तैयार किया गया है।

अपने इस अभियान के क्रम में यह यान 24 बार सूर्य के चक्कर काटेगा।

वैज्ञानिक गणना के मुताबिक इस यान को वर्ष वर्ष 2024 में सूर्य के बिल्कुल करीब पहुंचना है।

उस वक्त सूर्य से इस यान की दूरी मात्र 38 लाख मील की होगी।

यान को उस अत्यधिक गरमी से बचाने के लिए ही तैयार किया गया है।

ताकि वहां से सारे आंकड़े भेजने के बाद यान अपने अभियान पर वापस भी लौट सकें।



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