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गुमशुदा बच्चों के अभिभावकों ने जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों को दिया धन्यवाद

  • भटकते हुए बच्चों को मिले उनके अभिभावक

नामकुमः गुमशुदा बच्चे जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अपने माता पिता से मिले।खोये

हुए बच्चे के मिलने से पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।बता दें कि मंगलवार को

तीन छोटे-छोटे बच्चे नामकुम प्रखंड के सरवल गांव में शाम को भटकते हुए पहुंचे ।सरवल

गांव के ग्रामीणों ने जब बच्चों को बिना अभिभावकों के शाम के वक्त भटकते हुए पाया तो

उन्हें रोककर उनका नाम पता जानना चाहा ।बच्चे अपना नाम पता बताने में असमर्थ थे

बच्चों के थके व भूखे होने की स्थिति को देखकर ग्रामीणों ने बिस्किट पानी दिया तथा

बाल संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य आरती कुजूर व प्रशासन

को इसकी सूचना दी। जिला परिषद सदस्य आरती कुजूर एवं कुटियातू की पंचायत

समिति सदस्य अंजली लकडा मौके पर पहुंचे और इन गुमशुदा बच्चों के बारे में जानकारी

हासिल की। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह कर उनके लिए भोजन एवं कपड़े की व्यवस्था की,

श्री कुजूर ने बच्चों के संबंध में बाल कल्याण समिति रांची को सूचित किया। सक्षम

पदाधिकारियों के नहीं पहुंचने, बच्चों की स्थिति एवं सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को पंचायत

समिति सदस्य अंजली लकड़ा के घर में रखा गया। सोशल मीडिया एवं अखबार के

माध्यम से जानकारी मिलने पर हुडवा पंचायत की मुखिया अनीता देवी ने जिला परिषद

सदस्य आरती कुजूर से संपर्क कर गुमशुदा बच्चों के संबंध में जानकारी मांगी और बताया

कि यह बच्चे हुड़वा पंचायत के पाटेद गांव के हैं जो रास्ता भटक कर सरवल पहुँच गए थे ।

गुमशुदा बच्चों की जानकारी पाकर अभिभावक वहां पहुंचे

बच्चों को लेने सुबह में उसके अभिभावक तेतरी डहु टोली पहुंचे जब उनके अभिभावकों से

बच्चों के गुम होने के संबंध में जानकारी लिया गया तो अभिभावकों ने बताया कि वे सभी

परिवार सहित मागुबांध के पास धान काटने के लिए आए हुए थे जिसमें ये तीनों बच्चे भी

थे जब परिवार के लोग धान काट रहे थे तो तीनों बच्चे बगल के नदी में मछली पकड़ने की

बात कही लगभग 12:00 बजे परिवार के लोगों ने जब बच्चों को ढूंढना शुरू किया तो बच्चे

नदी में नहीं थे तब परिवार के लोगों ने सोचा कि शायद बच्चे घर वापस चले गए हैं। घर

वापस आने पर बच्चों को घर में ना पाकर बच्चे अभिभावक परेशान हुए और उन्होंने

बच्चों को ढूंढना शुरू किया। बच्चों के नहीं मिलने के कारण परिजन परेशान थे। हुडवा की

मुखिया के द्वारा गुमशुदा बच्चों के तेतरी डहु टोली में रहने की बात सुनकर वे उन्हें लेने

पहुंचे ।इन बच्चों में रोहित मुंडा उम्र 8 वर्ष अमर मुंडा उम्र 4 वर्ष दोनों के पिता बलराम मुंडा

तथा सोनू मुंडा उम्र 6 वर्ष पिता बुद्धू मुंडा बताया दोनों के पिता बलराम मुंडा एवं बुद्धू मुंडा

आपस में सहोदर भाई हैं ।दोनों ने जब बच्चों को सही सलामत देखा तो राहत की सांस ली

तथा जिप सदस्य आरती कुजूर, पंचायत समिति सदस्य अंजली लकड़ा सहित सरवल के

ग्रामीणों को तहे दिल से धन्यवाद दिया जिन्होंने उनके बच्चों को सुरक्षित रखा और

जिसके कारण वे अपने बच्चों को वापस ले जा पा रहे हैं।

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