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पंकजा मुंडे का अपने चचेरे भाई धनंजय से प्रतिष्ठा का मुकाबला







परलीः पंकजा मुंडे को महाराष्ट्र में अपने चचेरे भाई से इस बार कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है।

महाराष्ट्र की ग्रामीण विकास मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की

नेता पंकजा मुंडे परली विधानसभा सीट पर अपने चचेरे भाई एवं राष्ट्रवादी

कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार धनंजय मुंडे से फिर से प्रतिष्ठा की

लड़ाई में कड़ा संघर्ष कर रही हैं।

वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की

सबसे बड़ी पुत्री सुश्री मुंडे ने श्री धनंजय को करीब 25895 मतों से हराया था।

परली सीट पर इस बार भी सभी की निगाहें होंगी। यह सीट बीड जिले में

आती है। इस सीट पर चचेरे भाई-बहन के बीच फिर से रोचक मुकाबला देखने

को मिलेगा। पिछले विधानसभा चुनाव में सुश्री मुंडे को कुल 96904 वोट

मिले थे जबकि श्री मुंडे को 71000 वोट मिले थे। इस प्रकार 25,895 वोटों से

सुश्री मुंडे जीती थीं।

वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में भी सुश्री मुंडे ने जीत हासिल की थी। तब

उन्हें 96,922 वोट मिले थे, वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार त्रिंबक मुंडे को 60,160

और बसपा उम्मीदवार संजय को 3,662 वोट मिले थे।

इस बार के चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सुश्री मुंडे लगातार

तीसरी जीत दर्ज कर ‘हैट्रिक’ बना पाती हैं या नहीं। भाजपा ने शिवसेना के

साथ जबकि कांग्रेस ने राकांपा एवं अगाडी के साथ पूरे राज्य में विधानसभा

चुनाव पूर्व तालमेल किया है।

सीट साझेदारी में परली सीट एक ओर भाजपा तो दूसरी ओर राकांपा के खाते में गयी है।

पंकजा मुंडे के लिए एक पूर्व प्रत्याशी को पार्टी में

परली के मतदाताओं के एक वर्ग के बीच राज्य विधान परिषद में विपक्ष के

नेता धनंजय मुंडे की लोकप्रियता का मुकाबला करने के लिए वर्ष 2014 के

चुनाव में हारने वाले कांग्रेस उम्मीदवार टी पी मुंडे को इस महीने की शुरुआत

में भाजपा में शामिल किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरुवार को परली में एक रैली को संबोधित करने की

संभावना है जिसको लेकर सुश्री मुंडे फिलहाल सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं

की योजनाओं की समीक्षा करने में व्यस्त हैं।

भाजपा का लक्ष्य रेल मार्ग नेटवर्क को तेज ट्रैकिंग से जोड़ने सहित क्षेत्र में

किए गए विभिन्न विकासात्मक कार्यों को उजागर करके सीट को बनाए

रखना है।

श्री मुंडे का दावा है कि उनकी चचेरी बहन, जो राज्य मंत्रिमंडल में चार विभाग

रखती हैं और जिनकी पार्टी केंद्र में विराजमान, ने परली के विकास के लिए

कुछ नहीं किया।

उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना

उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। परली एक ग्रामीण इलाका है जो मुंबई से

लगभग 470 किमी दूर स्थित है।

इसमें लगभग 135 गाँव शामिल हैं और कुल 3.05 लाख मतदाता हैं।

राज्य की सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 21 अक्टूबर को

होगा और मतगणना 24 अक्टूबर को होगी।



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