fbpx Press "Enter" to skip to content

पचखंडा महाप्रभु के मंदिर में बानासुर की कटी हुई भुजा की पूजा हुई




  • उल्टे मुंह कर पूजा अर्चना की जाती है यहां

  • महिलाओं ने सुहाग का प्रतीक चिन्ह नहीं चढ़ाया

  • वाणासुर के साथ जुड़ी है इस आयोजन की कहानियां

  • अद्भुत मान्यता के अनुसार यहां होती है दशहरा में पूजा

संवाददाता

लापुंग: पचखंडा महाप्रभु के अनोखे मंदिर में मंदिर के मुख्य पुजारी बुधु पाईक के नेतृत्व

में श्रद्धालुओं ने सीधे मुंह पूजा ना कर पीठ देकर विधिवत पूजा अर्चना की । दशहरे में

महानवमी को की जाने वाली अनोखा पूजा के दौरान यहाँ महिलाओं ने महाष्टमी खत्म

होते ही सुहाग के प्रतीक सिन्दूर और दूध अर्पित नहीं किया बल्कि मंदिर में परंपरागत रूप

से बकरे की बलि दी गई । आसपास के गांव के सैकड़ों लोगों ने कोरोना का काल में बकरों

की बलि देकर परंपरा का निर्वहन किया । इस मौके पर आयोजित दशहरा मेले के दौरान

श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी । मंदिर परिसर में कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग‌ नजर नहीं आई

। कोरोना लोगों की श्रद्धा और भक्ति भारी पड़ी । गुमला खूंटी और रांची जिले के विभिन्न

हिस्सों से सैकड़ों की संख्या में अपनी गक्षित मान्यताओं के अनुरूप पचखंडा महाप्रभु के

मंदिर में बकरे की बलि दी । इस दौरान श्रद्धा और भक्ति की सैलाब उमड़ पड़ी । मान्यता

यह है कि मायावी दैत्यराज बानासुर की कटी हुई तलवार के एक खण्ड की पूजा होती है

और श्रद्धालुओं को मदिर की ओर मुख कर सीधे मुँह पूूजा करना वर्जित है। इस विचित्र

मंदिर में आज भी पारम्परिक व अनाखे पद्धति से पूजा की जाती है। पुजारी बुधु पाईक

देवघरिया ने बताया कि जो परम्परा के अनुसार पूजा कराते आ रहे हैं आज भी वही पूजा हो

रही है ।

पचखंडा की पूजा का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना

पुजारियों के वंशज नागेश्वर सिंह खण्डित पाईक व बुधु पाईक ने बताया कि सैकडो़ वर्षों से

यहां पचखंडा महाप्रभु की पूजा होते आ रही है। अंदर जहां बानासूर के खण्डित तलवार रखी

है उसे हम लोग भी नहीं देख सकते । महानवमी के मौके पर गांव में दशहरा मेला का

आयोजन किया गया। इस दौरान हिंदू जागरण मंच के राहुल केसरी,चरकू साहु, जितेंद्र

नायक, कृष्णा साहु, पवन साहु, मैनी देवी, विश्वंभर पाईक, रोहित साहू , रामेश्वर साहु,

कुलदीप साहु, सोमनाथ लोहरा, श्रवण लोहरा, आनंद साहु ,रामविलास साहु अजय पाईक

समेत कृष्णा पाईक समेत कई लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।

[subscribe2]



Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from अजब गजबMore posts in अजब गजब »
More from इतिहासMore posts in इतिहास »
More from धर्मMore posts in धर्म »
More from पर्यटन और यात्राMore posts in पर्यटन और यात्रा »
More from रांचीMore posts in रांची »

Be First to Comment

Leave a Reply

... ... ...
%d bloggers like this: